नगर संवाददाता
चंडीगढ़, 7 अगस्त। एक महीना बंधक बनाने के बाद दंपति की कैद से छुटी 14 वर्षीय नाबालिग पीडि़ता भाग कर पुलिस की शरण में पहुंच गई। जब उसने अपनी आप बीती पुलिस को बताई तो एक बार अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। कथित आरोपी नाबालिग के साथ एक महीने तक बलात्कार करता रहा और उसकी पत्नी इस कृत्य में उसका साथ देती रही। पुलिस ने जब अपना जाल बिछाया तो पत्नी को तो काबू कर लिया गया जबकि अरोपी अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
घटना गांव दड़वा की है। धोनिया (काल्पनिक नाम) इसी गांव में अपने परिजनों के साथ रहती है। उसके घर के सामने राजू मसीह और उसकी पत्नी सुमन रहते थे। उनके कोई औलाद नहीं थी। पेशे से दिहाड़ीदार श्रमिक राजू धोनिया की हर हरकत पर नजर रखे हुए था। लेकिन धोनिया उसके मंसूबों को भांप न सकी। इधर, सुमन और राजू ने एक साजिश रची। सुमन अपने पति के इरादों को जानकर धोनिया को अपने चंगुल में फांसने के लिए सही मौके का इंतजार कर रही थी। बीती 3 जुलाई को विलासता में अंधे हो चुके उस दंपति के लिए वह दिन आ ही गया। उस दिन धोनिया घर में अकेली थी। सुमन ने उसे शॉपिंग का झांसा दिया। किसी साजिश से अंजान धोनिया सुमन के झांसे में आ गई। कुछ देर बाद सुमन धोनिया के परिजनों को बिना बताए उसे घर से ले गई। उस दिन से नाबालिग का कहीं पता नहीं चल पाया था। राजू भी घर से गायब हो चुका था। मासूम बेटी को काफी तलाश करने के बाद जब उसका कहीं पता नहीं चल पाया तो अभिभावक पुलिस थाना औद्योगिक क्षेत्र एक में पहुंचे। उन्होंने पुलिस को बेटी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई।
एक माह बीत जाने के बाद धोनिया बृहस्पतिवार को अपने घर पहुंची। सहमी नाबालिग ने परिजनों को सारी घटना के बारे में बताया। पुलिस के पास नाबालिग को ले जाए जाने पर उसका मैडिकल करवाया गया। जिससे यह सामने आया कि उसके साथ कथित रूप से बालात्कार किया गया था। पुलिस ने नाबालिग के बयान दर्ज किए। उसने पुलिस को बताया कि राजू मसीह और उसकी पत्नी उसे झांसे से अपने साथ जीरकपुर के बलटाना के कैलाश नगर स्थित किराए के कमरे पर ले गए थे। इस बीच राजू ने उसके साथ बालात्कार किया। इतना ही नहीं सुबह होने पर दोनों काम पर जाते समय कमरे को बाहर से ताला लगा देते थे, ताकि धोनिया भाग न सके। नाबालिग ने पुलिस को बताया कि दंपति ने उसे यह भी कहा था कि उनके कोई संतान नहीं है। वह घर के कामों में उनकी मदद कर दिया करे। नाबालिग बीती 5 अगस्त को दोनों के कब्जे से भाग निकलने में सफल हो गई। वह सीधा अपने परिजनों के पास पहुंची। पुलिस ने पीडि़ता की निशानदेही पर जीरकपुर में दबिश दी और सुमन को गिरफ्तार कर लिया, जबकि राजू फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी महिला को जिला अदालत में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।