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ज्योतिष की नज़र में आपके सितारे : वर्ष 2012

Posted On December - 31 - 2011

पं. असुरारि नंद शांडिल्य ज्योतिष रिसर्च सेंटर—381, मोता सिंह नगर, जालन्धर,

(दूरभाष : 098156-47057, 0181-2452216)

नोट : नीचे कोष्ठक में आपके नाम का पहला अक्षर जिस राशि के समक्ष मिलेगा, वह आपकी नाम राशि है।

फिर उसी के आधार पर नीचे वर्ष 2012 का अपना वार्षिक भविष्य फल पढ़ें।

मेष (चू, चे, चो, ल, ली, लू, ले, लो, अ)

वर्ष के दौरान राहू की स्थिति सेहत के लिए ढीली, इसलिए न सिर्फ खान-पान में संभाल रखनी चाहिए, बल्कि वाहन भी सजग रह कर ड्राइव करना चाहिए, क्योंकि सितारा कहीं चोट भी लगवाने वाला है। आमतौर पर कामयाबी मिलेगी, तेज प्रभाव दबदबा बना रहेगा। मन में नए वाहन को लेने या बदलने के विचार में भी पेशकदमी होगी। वर्ष के पूर्वाद्र्ध में यात्रा पर जाने का मन बनेगा।  वर्ष में अर्थदशा ठीक रहेगी, मगर उत्तराद्र्ध में आर्थिक स्थिति पहले से ज्यादा सुखद बनेगी। 10 जनवरी के बाद पर्यटन, एयर टिक्टिंग, इलैक्ट्रानिक्स, इलैक्ट्रिक सामान, वाहन की खरीद बेच तथा उन्हें डेकोरेट करने का काम करने वालों की अर्थदशा सुधरेगी, मान-सम्मान तथा कामयाबी मिलेगी, फिर जनवरी के आखिर तक का समय बेहतर समझें। 3 फरवरी से 3 अप्रैल तक की अवधि में खर्चों के बढऩे, उलझनों के उभरने का डर रहेगा, जनशक्ति बाहर भिजवाने का काम धंधा करने वालों को भी हर कदम फूंक-फूंक कर रखना चाहिए। किसी की जि़म्मेवारी में फंसने तथा जमानत देने से भी बचना चाहिए।  बीच में 11 फरवरी से 13 मार्च तक अर्थ तथा कारोबारी दशा बेहतर रहेगी, फिर 4 अप्रैल से 31 जुलाई तक तथा बृहस्पति के वृष राशि पर प्रवेश के कारण 17 मई से सितारा धन लाभ, कारोबारी कामों में लाभ के लिए ज्यादा अच्छा बन जायेगा। इस तरह पत्रकारों, कला तथा मीडिया जगत से जुड़े समस्त कर्मियों, अध्यापन, डेकोरेशन, पर्यटन, डिज़ाइनिंग, केटरिंग, मेडिसन, कंसलटेंसी के साथ जुड़े समस्त लोगों की कामकाजी दशा सुधरी रहेगी। इस लम्बे अच्छे समय के बीच 7 अप्रैल से 6 मई तक खर्च काबू से बाहर जाने तथा कोई न कोई पंगा गले पडऩे का डर रहेगा मगर विरोधियों पर आपकी पैठ  में वृद्धि होगी तथा 16 मई से शत्रुओं में घबराहट बढ़ेगी तथा वे आपके मुकाबले पर खड़ा होने से बचना पसंद करेंगे। 5 से 21 जून तक का समय ऐसा होगा, जिसमें बड़े लोग हर दम आपको सहयोग देने तथा ज़रूरत के किसी भी मौके पर वे आपकी ढाल बनने के लिए तैयार नज़र आया करेंगे। फिर 22 जून से शत्रुओं पर आपकी पकड़ पहले से अधिक सशक्त बनेगी, जिस कारण आप अपने उत्साही मन के कारण किसी भी काम को हाथ में लेने का हौसला रखेंगे, आप में हिम्मत तथा संघर्ष शक्ति बनी रहेगी, तेज प्रभाव  भी बना रहेगा। फिर 3 अगस्त के बाद पारिवारिक  परेशानी तथा पेचीदगियां बढ़ेंगी, मगर सैर सफर का प्रोग्राम कुछ आगे बढ़ेगा। 17 अगस्त से संतान के सहयोगी रुख के कारण आप अपनी कोई समस्या सुलझा लेने की सामथ्र्य रखेंगे, उद्देश्य प्रोग्राम भी सफल होंगे। फिर 14 सितम्बर से 30 सितम्बर तक के समय में कोई शक्तिशाली शत्रु आपके साथ टकराव के मूड में दिखाई देगा, इसलिए आपको सुलह सफाई का रुख अपना कर उन्हें टाल देने का यत्न करना चाहिए, वर्ना आप बुरी तरह पिट जायेंगे। 1 अक्तूबर से विरोधियों का सारा दमखम निकल जायेगा तथा वे आपसे बचने का यत्न करेंगे। इसी तारीख से आपको सेहत की तरफ अधिक ध्यान देने की ज़रूरत होगी, किसी के नीचे अपना सिर फंसाने से भी बचना चाहिए। 17 अक्तूबर से दोनों पति-पत्नी को एक-दूसरे की सेहत का ध्यान रखना चाहिए तथा दोनों में मन मुटाव तथा तनातनी भी उभर सकती है। फिर 23 अक्तूबर से 16 नवम्बर तक की अवधि में शत्रु पुन: सिर उठाना शुरू कर देंगे।  फिर 17 नवम्बर से 10 दिसम्बर तक पति-पत्नी सम्बन्धों में मधुरता, सौहार्द तथा सद्भाव बढ़ेगा, चूंकि मन भी स्वच्छंद तथा उच्छृंखल होना चाहेगा, इसलिए अपने पर काबू रखें।  सफर की इच्छा ज़ोर पकड़ेगी। कामकाजी दशा भी ठीक रहेगी, सफलता की राहें ठीक बनी रहेंगी। 16 दिसम्बर से सेहत में खराबी वाला सितारा हट जायेगा किन्तु 23 दिसम्बर के बाद दोनों पति-पत्नी की सेहत का ग्रह ढीला बन जायेगा।

वृष (इ, उ, ए, ओ, व/ब, वी/बी, वू/बू, वे/बे, वो/बो)

वर्ष के दौरान मन किसी न किसी कारण अशांत, परेशान रहेगा, इसलिए आप किसी भी  प्रोजेक्ट को हाथ में लेने का डर महसूस करते रहेंगे। सेहत के बिगडऩे तथा पांव के फिसलने का भय भी बना रहेगा, ड्राइविंग भी संभल-संभाल कर करनी चाहिए, क्योंकि इस तरह का सितारा हो तो चोट लग सकती है, सीढिय़ां भी पांव जमा कर उतरना तथा चढऩा चाहिए। वर्ष के दौरान सामान्य तौर पर, आपकी अर्थदशा बढिय़ा रहेगी तथा कारोबारी मोर्चे पर कदम बढ़त की तरफ रहेगा। नए वर्ष के प्रारम्भ से सितारा आमतौर पर कामयाबी देने तथा मान-सम्मान बनाए रखने वाला होगा। फिर 3 फरवरी से शुरू होकर आगे पूरे वर्ष का समय कारोबारी मोर्चे पर आपका कदम बढ़त की तरफ रखने, कामकाजी मुश्किलों को हल करने, कारोबारी टूर का बेहतर फल देने वाला होगा। यदि कोई कारोबारी प्रोग्राम पटरी से उतरा हुआ हो, तो यत्न कर लें, उसमें कुछ न कुछ पेशकदमी ज़रूर हो जायेगी। जो लोग सप्लाई इत्यादि का काम करते हैं, उन्हें भी अपनी भागदौड़ कर सही फल मिल जायेगा। बीच में 14 अप्रैल से 14 मई तक का समय ऐसा होगा, जिसमें आपका कदम पीछे खिंचता नज़र आएगा,  नित्य कोई न कोई पंगा, झमेला, पैदा होता रहा करेगा। खर्चों के बढ़ते दबाव को भी आप काबू न कर सकेंगे। फिर 15 मई से खर्चों तक उलझनों वाले सितारा का पहले जैसा ज़ोर तो नहीं रहेगा मगर स्वभाव में क्रोध का असर ज़रूर बढ़ जायेगा तथा कई बार उन लोगों पर भी आपका क्रोध निकल जाया करेगा, जिनके साथ क्रोधित होने की आपकी कई मंशा न होगी। इसी तारीख से संतान के लिए भी ग्रह कुछ ढीला बन जाएगा, इसलिए संतान से जुड़ी यदि कोई समस्या हो तो उसे सैटल करने की तरफ सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए, वरना आपकी मुश्किलें बढ़ जाएंगी। फिर 5 जून से 21 जून तक आपकी बेहतर आर्थिक दशा अधिक बलवान बनेगी तथा कोई पेचीदगी यत्न करने पर सुलझने की तरफ बढ़ेगी। 22 जून से ग्रह संतान के लिए कुछ ढीला बनेगा, संतान को शारीरिक तौर पर कष्टï हो सकता है तथा उनके कारण आपको कोई परेशानी हो सकती है। 16 जुलाई से आप में उत्साह तथा भागदौड़ करने की शक्ति बनी रहेगी। फिर 3 अगस्त के बाद शत्रु जहां निस्तेज बनेंगे, वहां वे आपके सामने ठहरने की हिम्मत न कर सकेंगे, आप में उत्साह, ज़ोश, पैठ तथा दबदबा बढ़ेगा तथा यत्न करने पर आपका कोई कार्य आगे बढ़ेगा। फिर 14 अगस्त से सितारा दुश्मनों को और कमज़ोर करने वाला बन जायेगा। 17 अगस्त से लगभग एक महीने का समय ऐसा होगा, जिसमें कोर्ट कचहरी में जाने पर न सिर्फ आपकी पैठ ही बढ़ेगी, बल्कि आपके पक्ष को हमदर्दी के साथ सुना जा सकता है। यदि कोई जायदादी काम लटका हुआ हो, तो यत्न कर लें, उसमें कुछ न कुछ पेशकदमी ज़रूर हो जायेगी। फिर 14 से 30 सितम्बर तक समय ऐसा होगा, जिसमें संतान का रुख सहयोगी रहेगा तथा धार्मिक साहित्य के स्वाध्याय तथा कथा वार्ता सुनने में आपकी रुचि बढ़ेगी। आपका कोई कार्य भी अपनी मंजि़ल की तरफ बढ़ेगा। 30 सितम्बर से ही ग्रह घर परिवार के लिए परेशानी देने वाला बनेगा, इसलिए दोनों पति-पत्नी को एक-दूसरे को सहयोग, सद्भाव से पेश आना चाहिए तथा अपने-अपने अहं का त्याग करना ठीक रहेगा। 1 अक्तूबर से 16 अक्तूबर तक शत्रु पक्ष को सहजता के साथ न लेना सही रहेगा, क्योंकि वह हर मामले में आपकी टांग खींचता दिखाई देगा। फिर 17 अक्तूबर से शत्रु पक्ष कमज़ोर होगा तथा दुश्मनों सहित दूसरों पर आपकी पैठ बढ़ेगी। 9 नवम्बर से सितारा सेहत के लिए ढीला बनेगा, जो लोग खून से जुड़े किसी रोग में ग्रस्त हैं, उन्हें खास ध्यान रखना चाहिए। 17 नवम्बर से 10 दिसम्बर के बीच कोई प्रबल शत्रु आपके लिए मुश्किलों के अम्बार लगा सकता है, इसलिए उनके साथ सुलह सफाई तथा बचाव का रास्ता अपनाना चाहिए। 16 दिसम्बर से सेहत के बिगडऩे तथा पांव के फिसलने का डर बना रहेगा। 24 दिसम्बर से खर्चों का दबाव बढ़ जायेगा।

मिथुन (क, की, कू, घ, छ, के, को, ह)

वर्ष के दौरान बेशक शत्रुओं की शरारतों तथा आपके खिलाफ उनकी साजि़शों का आपको सामना तो करना पड़ेगा, तो भी आप अपनी भागदौड़, मेहनत, यत्न द्वारा उनसे बचने का कोई न कोई मार्ग तलाश कर ही लिया करेंगे। संतान भी आम तौर पर आपके साथ सहयोग रखा करेगी तथा ज़रूरत के हर मौके पर आपके साथ ढाल बनकर वह खड़ी दिखाई दिया करेगी मगर वर्ष की पहली तिमाही के बाद आप अर्थदशा पर पहले जैसी सुखद नहीं रहेगी, इसलिए आपको अपने अर्थ-प्रबंधन पर अधिक ध्यान देने की ज़रूरत होगी। वर्ष के प्रारम्भ से आम सितारा कामयाबी देने तथा इज्ज़त-मान बढ़ाने वाला, मगर 15 जनवरी से सेहत की संभाल रखने के साथ साथ गिरने, फिसलने का डर भी रहेगा। बाथरूम या सीढिय़ां उतरते चढ़ते समय कदम जमा कर चलना फिरना चाहिए। 3 फरवरी से 27 फरवरी तक ऐसा समय होगा, जिसमें जब भी आप कोई सरकारी काम हाथ में लेंगे तो आपकी पैठ बढ़ेगी तथा आपके मुकाबले में खड़े लोगों को पराजय झेलनी पड़ेगी। अफसर भी आपके प्रति हमदर्दाना रुख रखेंगे, इसलिए आमतौर पर आपका कदम बढ़त की तरफ रहेगा मगर 27 फरवरी के बाद पासा पलटने का डर रहेगा तथा अफसरों के रुख में सख्ती तथा नाराज़गी बढ़ेगी, जिस कारण हर सरकारी काम पेचीदा बन जाया करेगा। वक्त का यह चक्र 3 अप्रैल तक चलेगा। बीच में मार्च के दौरान आपकी कारोबारी दशा सुखद रहेगी, किन्तु 28 मार्च से आगे पूरे वर्ष तक आपकी अर्थदशा पहले जैसी जानदार न रहेगी, खर्चों के बढऩे, पेमेंटों के फंसने तथा धन हानि-परेशानी का डर रहेगा, इसलिए आपको अपने आमदन के साधनों पर नज़र रखनी चाहिए। वीज़ा, पासपोर्ट तथा जनशक्ति बाहर भिजवाने वालों को खासकर सतर्क रहना चाहिए तथा संभावित झमेलों से बचने का रास्ता अपनाना चाहिए। इसी तरह 7 अप्रैल से 6 मई तक की अवधि में सरकारी झंझटों से वास्ता पड़ता रहेगा, सावधानी रखें। बीच में 14 अप्रैल से एक माह के लिए अर्थदशा बेहतर बनने की आशा है। 15 मई से अर्थ बेहतरी वाला ग्रह हट जायेगा तथा उलझनों वाला सितारा बन जायेगा, इसलिए कोई भी कदम जल्दबाज़ी से नहीं उठाना चाहिए। 16 मई से 3 अगस्त तक के लिए पुन: शनि का ढैया चलने लग जायेगा, इसलिए इस अवधि में हर मोर्चे पर संभाल रखनी ज़रूरी होगी। अर्थ तंगी रखने वाला ग्रह जो 28 मार्च से शुरू हुआ था, वह किसी न किसी रूप में अपना असर दिखाना जारी रखेगा। बीच में 5 से 21 जून तक का समय ऐसा होगा, जिसमें आपकी कामयाबी की राहें आसान बनेंगी तथा मन व बुद्धि पर सात्विक सोच प्रभावी रहेगी। 22 जून से सितारा सामान्य तौर पर सफलता देने तथा आपके कदम को बढ़त की तरफ रखने वाला होगा। फिर 1 अगस्त से चल रहा सितारा और ज़ोर पकड़ सकता है। 4 अगस्त से शनि का ढैया पुन: हट जायेगा तथा आपके कार्य सफल होंगे। संतान का रवैया सहयोगी, सद्भाव वाला बनेगा तथा उसकी मदद से आप अपनी कोई समस्या परेशानी हल कर सकेंगे। फिर 17 अगस्त से 16 सितम्बर तक के समय में मित्र, बड़े लोग आपको सहयोग देंगे तथा आपकी हर मुश्किल को संवारने में मदद करेंगे। 14 से 28 सितम्बर तक के समय में कोर्ट कचहरी तथा ज़मीनी कामों को हाथ में लेने पर यकीनी तौर पर कामयाबी मिलेगी तथा इज्ज़त-मान दबदबा बना रहेगा। फिर 29 सितम्बर से शत्रु कमज़ोर होने लगेंगे तथा वे आपके साथ हर झगड़े में सुलह सफाई का रास्ता अपनाने का यत्न करेंगे। 17 अक्तूबर से संतान के लिए ग्रह दुर्बल बनेगा। इसी तरह 23 अक्तूबर से 16 नवम्बर तक अदालती कामों तथा ज़मीनी कामों में आपकी मुश्किलें बढ़ेंगी, अफसरों के रुख में भी सख्ती बढ़ेगी। बीच में 9 नवम्बर से घरेलू मोर्चे पर परेशानी बढ़ेगी। 16 नवम्बर से शत्रुओं पर आपकी पकड़ बढ़ेगी। 17 नवम्बर से 10 दिसम्बर तक समय धार्मिक तथा सामाजिक कामों में आपकी रुचि को बढ़ाने तथा आपकी स्कीमों की राह में आने वाली पेचीदगियों को हटाने वाला होगा, संतान भी हर मोर्चे पर सहयोग करेगी। फिर 24 दिसम्बर से संतान का रुख पहले जैसा सहयोगी न रहेगा।

कर्क (ही, हू, हे, हो, ड, डी, डू, डे, डो)

वर्ष के दौरान तबीयत में जि़न्दादिली तथा स्वच्छंदता बनी रहेगी। विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण बढऩे के कारण आपको अपने मन पर नियंत्रण रखना चाहिए ताकि आपको किसी समय असहज स्थिति का सामना न करना पड़े। शत्रु आम तौर पर आपकी पकड़ में रहेंगे। कोर्ट-कचहरी तथा अदालती कामों में आपका कदम बढ़त की तरफ रहेगा। आमतौर पर आपकी अर्थ दशा भी सुखद रहेगी। कामकाजी कामों में पेचीदगियां यत्न करने पर हटेंगी। शनि का ढैया चल रहा है जो यदा कदा आपके लिए प्रतिकूल हालात बनाता रहेगा, इसलिए उसकी उपाय शांति के बारे में सोचना ठीक रहेगा। वर्ष के प्रारम्भ से विरोधियों की उछल-कूद जारी रहेगी, फिर 10 जनवरी के बाद सेहत के मामले में भी चौकस रहें। 15 जनवरी से आमतौर पर कामयाबी मिलेगी, मान-सम्मान की प्राप्ति। 3 फरवरी से 29 फरवरी तक कदम बढ़त की तरफ, मान-इज्ज़त मिलेगी, मगर बीच में 13 फरवरी से सेहत के बिगडऩे के अतिरिक्त पांव फिसलने के कारण कहीं चोट लगने का डर भी बना रहने की आशंका होगी। 14 मार्च से सेहत को बिगाडऩे तथा चोट लगवाने वाला ग्रह हट जायेगा। आप में उत्साह, हिम्मत तथा संघर्ष शक्ति बनी रहेगी। 28 मार्च से लेकर वर्षांत तक का समय आमतौर पर धन लाभ, कारोबारी कामों में लाभ वाला होगा, इस तरह अर्थ दशा सुखद बनी रहेगी। वैसे पर्यटन, इलैक्ट्रानिक्स, मीडिया जगत, एयर टिक्टिंग, केटरिंग, अध्यापन, मुद्रण, प्रकाशन, होटलिंग तथा शराब इत्यादि के कामकाज के साथ जुड़े लोगों को अपने कामों में कामयाबी मिलेगी। बीच में 7 अप्रैल से 13 मई तक मन तथा बुद्धि पर कई बार गलत सोच प्रभावी होकर आपको किसी गलत काम के लिए प्रेरित करती रह सकती है, इसलिए अपने मन पर काबू रखना चाहिए। बीच में 14 अप्रैल से अफसरों के रुख में लचक बढऩे से आपका कोई रुका पड़ा सरकारी काम अपनी मंजि़ल की तरफ दो कदम आगे बढ़ सकता है। फिर 15 मई से धन लाभ वाला ग्रह ज्यादा सशक्त बनने की आशा है। थोड़ी मेहनत तथा यत्न से सरकारी कामों में पेशकदमी होगी। 16-17 मई से आप में उत्साह, हिम्मत तथा यत्न शक्ति बनी रहेगी, तेज प्रभाव तथा दबदबा बना रहेगा तथा अर्थ मोर्चे पर आपकी योजनाबन्दी बेहतर फल देगी। जो लोग सप्लाई तथा कामकाजी टूरिंग करते हैं, उन्हें भी अपनी मेहनत का अच्छा नतीजा प्राप्त होगा। वाहन इत्यादि खरीदने में भी पेशकदमी होगी। बीच में 5 से 21 जून तक खर्चों में वृद्धि होगी तथा बाधाएं भी जागती रहेंगी। खर्चों को बढ़ाने वाला ग्रह 15 जून से ज्यादा ज़ोर पकड़ लेगा, इसलिए खर्चों पर नियंत्रण करने का यत्न करें। 16 जुलाई से कमज़ोर ग्रह का ज़ोर धीमा पडऩे लगेगा तथा बेहतरी के हालात बनने लगेंगे। 4 अगस्त से कोर्ट-कचहरी तथा जायदादी कामों के लिए सितारा सुधरने लगेगा। 17 अगस्त से 30 सितम्बर तक की अवधि में अर्थ दशा को बेहतर बनाए रखने वाला ग्रह, अधिक प्रभावी रहेगा। फिर 1 अक्तूबर से आपकी योजनाबन्दी आगे बढ़ेगी, उद्देश्य मनोरथ हल होंगे, आपकी सुलझी हुई सोच, दलील तथा बातचीत की हर कोई सराहना करेगा। संतान सहयोग देगी तथा उसके साथ तालमेल बना रहेगा। 17 अक्तूबर से 15 नवम्बर तक के समय में कोर्ट-कचहरी जाने के किसी भी प्रोग्राम में शामिल नहीं होना चाहिए, क्योंकि वहां जाने पर असफलता के सिवा कुछ नहीं मिलेगा। बीच में 23 अक्तूबर से 16 नवम्बर तक के दौरान घटिया साथियों से बचाव रखना चाहिए। 17 नवम्बर से 10 दिसम्बर के बीच अदालत में जाने पर न सिर्फ आपकी पैठ ही बढ़ेगी, बल्कि साथियों का रुख भी नरम रहेगा। आगे समय भी ठीक बना रहेगा।

सिंह (म, मी, मू, मे, मो, ट, टी, टू, टे)

वर्ष के दौरान शत्रुओं से सावधानी रखनी चाहिए, क्योंकि वे नुकसान पहुंचाने का कोई मौका हाथ से न जाने देंगे। कामकाजी लोगों को अपनी महिला कामकाजी कर्मियों से भी बचाव रखना चाहिए, क्योंकि उनके कारण कोई न कोई समस्या खड़ी होती रहने का डर बना रहेगा। सरकारी कामों के लिए ग्रह ढ़ीला है किन्तु मई महीने के मध्य से यत्न करने पर बड़े लोगों के नरम रुख के कारण सरकारी कामों में कई बार आपको कामयाबी मिल जाया करेगी। स्वभाव में भी क्रोध बना रहेगा, इसलिए अपने पर काबू रखा करें क्योंकि कई बार उन लोगों को भी आप नाराज़ कर लिया करेंगे, जिनको नाराज़ करना आपकी मंशा न होगा। 10 जनवरी तक विरोध पक्ष से अधिक सजग रहना चाहिए। फिर 15 जनवरी से शत्रु कमज़ोर तथा निस्तेज होने लगेंगे तथा आपका कदम जो पहले रुकता-रुकता महसूस होता था, बढ़त की तरफ चलने लगेगा। 3 फरवरी से 13 मार्च तक सेहत का ध्यान रखें। रेशा, नज़ला, ज़ुकाम की शिकायत से भी बचाव रखना चाहिए। कच्चा दूध, कच्चे चावल इत्यादि सफेद वस्तुओं का दान करते रहना ठीक रहेगा। 14 मार्च से गिरने, फिसलने तथा चोट लगने की आशंका भी बढ़ेगी। अफसर तथा बड़े लोग भी ज़रूरत के हर मौके पर आपकी मदद करेंगे। 7 अप्रैल से 6 मई तक सेहत के प्रति चौकस रहना चाहिए, क्योंकि सेहत कई बार अचानक बिगड़ जाया करेगी। फिर 14 अप्रैल से ग्रह चोट लगवाने वाला ढीला हो जायेगा तथा आमतौर पर आपकी कामयाबी की राहें खुलेंगी तथा आप में उत्साह, हिम्मत तथा यत्न शक्ति बनी रहा करेगी। 16 मई के बाद सरकारी कामों के लिए आपका ग्रह अधिक बलवान हो जायेगा। यदि कोई काम सिरे न चढ़ रहा हो तो यत्न कर लें, उसमें काफी हद तक पेशकदमी हो जाएगी। आपके प्रति अफसरों के रुख में नरमी बढ़ेगी, शत्रु भी अपने आपको उत्साहहीन महसूस करेंगे। फिर 5 जून से 15 जुलाई तक कारोबारी कामों के लिए आपका सितारा बहुत बढिय़ा हो जायेगा। जो लोग गारमेंट्स, करियाना, मनियारी, वकालत, एकाऊंटेंसी, कंसलटेंसी इत्यादि का काम करते हैं, उन्हें अपने कामों में आसान सफलता मिल जाया करेगी। 16 जुलाई से ग्रह कुछ ढीला बनेगा, इसलिए आपको हर कदम फूंक-फूंक कर रखना चाहिए। खर्च बढ़ेंगे, किसी की जि़म्मेवारी में भी फंसने से भी बचना चाहिए, ज़मानत भी न दें, उधार भी सोच समझ कर फंसायें। फिर 4 अगस्त से मित्रों, बड़े लोगों, सज्जन साथियों से आपका मेल-जोल बढ़ेगा तथा उनकी मदद से कामयाबी की आपकी राहें हमवार होंगी। 17 अगस्त से कमज़ोर समय ठीक होने लगेगा तथा आमतौर पर आपकी पैठ में बढ़ौतरी होगी, आप अपने ऊंचे मनोबल के कारण हर काम को हाथ में लेने का हौसला रखेंगे। 14 से 30 सितम्बर तक का समय पुन: धन लाभ के लिए बहुत बढिय़ा बनेगा। किसी भी कामकाजी काम को हाथ में लेने पर बेहतर नतीजा मिलेगा। फिर 29 सितम्बर से 8 नवम्बर तक की अवधि में जायदादी कामों में आपके यत्न अच्छा फल देंगे, कोर्ट-कचहरी में जाने पर आपके पक्ष की बेहतर सुनवाई होगी। मगर बीच में 17 अक्तूबर से जो समय चलेगा, उसमें सज्जन-मित्रों, कामकाजी साथियों पर न तो ज्यादा आशा रखनी चाहिए और न ही उन पर अधिक भरोसा करना चाहिए, क्योंकि उनका रवैया सकारात्मक न होगा। फिर 23 अक्तूबर से 16 नवम्बर के बीच किसी किसी समय धन की तंगी नज़र आएगी, कामकाजी यत्न भी ढीली रफ्तार से चलेंगे। फिर 17 नवम्बर से 10 दिसम्बर तक के समय में बड़े लोगों की मदद से आपकी राह में आने वाली पेचीदगियां हटेंगी तथा कदम-कदम पर बेहतरी के हालात मिलेंगे। 23 दिसम्बर के बाद हल्की नेचर वाले लोगों की तरफ से परेशानी पुन: बढ़ेगी।

कन्या (टो, प, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)

वर्ष के दौरान सितारा धन लाभ के लिए अच्छा है। वैसे लोहा-मशीनरी, स्टील फर्नीचर, हार्डवेयर, खेती उपकरणों, वाहनों का क्रय-विक्रय तथा उन्हें डेकोरेट करने के काम-धंधा वाले लोगों को अपने कामों में अच्छा लाभ मिलने की आशा। मगर हल्के लोगों की तरफ से किसी न किसी शक्ल में परेशानी लगी रहेगी, इसलिए ऐसे लोगों लोगों के साथ सम्पर्क न तो रखना चाहिए और न ही बढ़ाना चाहिए। वैसे यदा कदा पैदा होती रहने वाली उलझनें भी आपकी राह को कठिन बनाए रखेंगी, इसलिए आपको सदैव सतर्क रहना चाहिए। साढ़सती चलती कामकाजी गाड़ी को कभी-कभी पटरी से उतारने का काम करती रहेगी, इसलिए एहतियात रखनी ठीक रहेगी। जनवरी के प्रारंभ से जो समय चलेगा, वह आमतौर पर आपके हालात को अनुकूल बनाए रखेगा, तेज प्रभाव भी बना रहेगा। 3 फरवरी से 26 फरवरी तक विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण के कारण तबीयत में रंगीनी तथा स्वच्छंदता का एहसास बढ़ेगा, अपने मन पर ध्यान रखें, क्योंकि कई बार इस तरह के ग्रह के कारण व्यक्ति असहज स्थिति में फंस जाता है। वैसे पति-पत्नी के रिश्तों में मधुरता, सद्भाव तथा तालमेल बढ़ेगा, मन में सैर सफर की चाहत बढ़ेगी तथा सफर का भी कोई प्रोग्राम सफल हो सकता है। व्यापारिक मोर्चे पर भी स्थिति तसल्लीबख्श रहेगी। फिर 27 फरवरी से 3 अप्रैल तक घरेलू मोर्चे पर पहले जैसा सद्भाव तथा तालमेल न रहेगा। दोनों पति-पत्नी बेकारण ही एक-दूसरे के साथ उखड़े-उखड़े दिखाई देंगे तथा मन पर नेकारात्मक सोच का प्रभाव अधिक दिखाई देगा। बीच में 14 मार्च से ग्रह दोनों के स्वास्थ्य के लिए ढीला बन जायेगा, इसलिए सावधानी रखनी चाहिए। मन पर प्रभावी रहने वाली नकारात्मक सोच 6 मई तक छाई रहेगी, इसलिए इस अवधि में ध्यान रखना चाहिए कि आप से कोई गलत बात न हो जाए। बीच में 14 अप्रैल से एक ग्रह बदलकर जहां आपकी सेहत को बिगाड़ सकता है, वहां ध्यान रखें कि आपका कहीं पांव न फिसल जाए। वाहन भी सजग रह कर ड्राइव करना चाहिए। 16 मई से 3 अगस्त तक अर्थ दशा पहले जैसी सुखद न रहेगी, कई बार धनाभाव भी महसूस होगा, इसलिए जिन खर्चों को टाला जा सके, उन्हें टाल देना चाहिए। बीच में 17 मई से सेहत धीरे-धीरे सुधरने लगेगी, आप अपनी योजनाबन्दी को आगे बढ़ाने के लिए नए सिरे से यत्न करें, उसमें कुछ न कुछ पेशकदमी ज़रूर हो जायेगी, धार्मिक कामों में रुचि बढ़ेगी तथा आमतौर पर हर मोर्चे पर कदम बढ़त की तरफ रहेगा। इसी तरह 5 से 21 जून तक समय ऐसा होगा, जिसमें थोड़े यत्न से भी सरकारी कामों में कामयाबी मिलेगी, अफसरों तथा बड़े लोगों के रुख में लचक बढ़ेगी। यत्न करने पर आपका कोई सरकारी काम अपनी मंजि़ल की तरफ बढ़ेगा। बीच में 22 जून से स्वभाव में क्रोध बढ़ेगा, ध्यान रखें कि आप बेकार में ही दूसरों के साथ उलझते न रहें। 4 अगस्त से अर्थ दशा पुन: पटरी पर वापस आयेगी तथा लोहा मशीनरी का काम करने वालों की कारोबारी योजनाबन्दी अच्छा फल देने लगेगी। 14 से 30 सितम्बर तक आप अपने ऊंचे मनोबल के कारण हर काम को हाथ में लेने तथा उसे मंजि़ल तक पहुंचाने का हौसला रखेंगे। फिर 29 सितम्बर से 8 नवम्बर तक मित्रों, सज्जन-साथियों का रुख सकारात्मक रहा करेगा, इसलिए उनकी मदद से आपकी कोई योजना आगे बढ़ सकती है। 17 अक्तूबर से 15 नवम्बर तक का समय अर्थ मोर्चे पर आपको पुन: कुछ तंग रख सकता है, इसलिए अपनी अर्थ स्थिति पर नज़र रखें। ध्यान रखें कि आपकी कोई पेमेंटें न फंस जाएं। 17 नवम्बर से 10 दिसम्बर तक आपकी अर्थ दशा तथा कामकाजी दशा पुन: पटरी पर आयेगी तथा जो भी कारोबारी भाग-दौड़ करेंगे, उसका बेहतर नतीजा मिलने लगेगा। फिर 23 दिसम्बर से शूरू होने वाला समय अर्थ तंगी देने, कामकाजी झमेलों को बढ़ाने तथा सेहत को बिगाडऩे वाला होगा।

तुला (र, री, रु, रे, रो, त, ती, तू, ते)

यह वर्ष आपको उत्साही, हिम्मती, प्रभावी बनाए रखेगा। कठिन से कठिन दिखने वाले काम या प्रोग्राम को आप उसके सभी पहलुओं पर गौर किए बगैर हाथ में लेने का हौसला रखेंगे। पारिवारिक मोर्चे पर भी स्थिति संतोषजनक रहेगी। दोनों पति-पत्नी की बेशक हर मामले में एक जैसी सोच रहेगी, तो भी वे किसी किसी समय अकारण ही एक-दूसरे के साथ तनातनी वाला मूड रखा करेंगे, मगर अर्थ मोर्चे पर सावधानी रखनी चाहिए, क्योंकि आपकी बेहतर कामकाजी योजनाबन्दी के बावजूद आपकी पेमेंटों के फंस जाने की आशंका रहेगी। साढ़सती भी चल रही है, इसलिए सभी लोगों को इससे राहत पाने के तरीके खोजने चाहिए। जनवरी के प्रारंभ से जो समय चलेगा, वह मोटे तौर पर आपको हर तरह से प्रभावी तथा विजयी रखेगा। 3 फरवरी से 6 मई तक का समय ऐसा होगा, जिसमें कोई प्रबल शत्रु आपके साथ टकरा कर आपकी समस्त योजनाबन्दी को हिला कर रख सकता है, इसलिए आपको उनके साथ सुलह सफाई का रुख अपना कर उनके साथ किसी भी तरह के टकराव को टालने का यत्न करना चाहिए। इस अवधि में महिलाओं से भी संभाल रखनी चाहिए, क्योंकि वे भी आपके लिए मुश्किलों को बढ़ाने के लिए अपना योगदान डाल सकती हैं। बीच में 14 अप्रैल से आप में भाग-दौड़ करने की ताकत बढ़ेगी। कामकाजी मोर्चे पर भी आपकी दशा सुधरेगी। 7 मई से शत्रुओं में पहले वाला दम खम नहीं रहेगा, उनकी उछल-कूद में भी पहले वाली सरगर्मी या पहले वाला ज़ोश नहीं रहेगा। किन्तु 15 मई से आपकी सेहत के बिगडऩे तथा पांव फिसलने के कारण कहीं चोट लगने की आशंका बढ़ेगी, इसलिए आपको पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। फिर 5 से 21 जून तक के समय में आपकी कोई योजना अपनी मंजि़ल की तरफ आगे बढ़ेगी। धार्मिक कामों में रुचि बढ़ेगी, कथा वार्ता सुनने में जी ज्यादा लगेगा। 22 जून से उलझनों, समस्याओं का ज़ोर बढ़ जाएगा, इसलिए आपको न तो किसी की जि़म्मेवारी लेनी चाहिए और न ही किसी की ज़मानत देनी चाहिए। फिर 16 जुलाई से सफलता तथा मान-सम्मान की प्राप्ति वाला ग्रह कुछ अनुकूल बन जायेगा। आपके कदम को पीछे खींचने वाला ग्रह 4 अगस्त से पुन: पटरी पर आ जायेगा, इस तरह आपकी कठिनाइयां धीरे-धीरे कमज़ोर होने लगेंगी। आपका प्रभाव, मनोबल बढ़ेगा, सफलताओं को नई राह मिलेगी। अलबत्ता 17 अगस्त से 16 सितम्बर तक का समय धन लाभ वाला बनेगा, जो भी कामकाजी भागदौड़ करेंगे, उसका सही नतीजा निकलेगा। बीच में 14 सितम्बर से समय पुन: कमज़ोर बनेगा, इसलिए आपको न तो कोई नया प्रोग्राम हाथ में लेना चाहिए और न ही कोई फैसला जल्दबाज़ी में करना चाहिए, खर्च भी बेकाबू होंगे। कमज़ोर समय जो 14 सितम्बर से शुरू होगा,  30 सितम्बर तक रहेगा। 1 अक्तूबर से समय का मिज़ाज़ कुछ सुधरने लगेगा। 1 अक्तूबर से 8 नवम्बर तक समय अर्थ मोर्चे के लिए अच्छा समझें, अर्थ दशा सहज रहेगी, कामकाजी योजनाबन्दी सही नतीजा देगी। बीच में 17 अक्तूबर से स्वभाव में क्रोध का असर बढ़ेगा, इस तरह ध्यान रखें कि दूसरों के साथ अकारण ही झगड़ा-टकराव न हो जाया करे। 23 अक्तूबर से 16 नवम्बर तक अर्थ मोर्चे पर पेचीदगियां तथा तंगी बढ़ सकती है, ध्यान रखें कि आपकी राशि न कहीं फंस जाए। फिर 17 नवम्बर से 10 दिसम्बर तक का समय सैर-सफर के मौके दिलाने, किसी नये वाहन की खरीद की इच्छा को तीव्र बनाने तथा आपकी कामयाबी की राहों को आसान बनाने वाला होगा। फिर 23 दिसम्बर के बाद परेशानी बढ़ेगी, मन में उदासी, ना उम्मीदी बढ़ेगी, इसलिए आपको हर मोर्चे पर सतर्क होकर निपटना चाहिए।

वृश्चिक (तो, न, नी, नू, ने, नो, य, यी, यू)

वर्ष के दौरान कोई प्रबल शत्रु आपके साथ पंगे के लिए तैयार दिखा करेगा, इसलिए उसके साथ सुलह-सफाई का रास्ता अपनाकर टकराव को टालना हितकर रहा करेगा। घरेलू मोर्चे पर भी तनातनी रहेगी तथा चाहकर भी आप इस तनातनी को पूरी तरह टाल न सकेंगे। खर्चों (जायज़ तथा फिज़ूल) का ज़ोर रहेगा, इसलिए कई बार आपको अर्थ तंगी के साथ दो-चार होना पड़ सकता है, इसलिए अपने धन प्रवाह पर नज़र रखें। वैसे आपको अपने मित्रों, सज्जन-साथियों की सहायता हर समय प्राप्त रहा करेगी। चल रही साढ़सती भी अपना कुप्रभाव कभी-कभी दिखाती रहा करेगी। जनवरी के प्रारंभ से जनरल हालात बेहतर बने रहेंगे। 15 जनवरी से उत्साह, हिम्मत बढ़ेगी, आप जो भी कामकाजी दौड़धूप करेंगे वह अच्छी रिटर्न दिया करेगी। 3 फरवरी से 26 फरवरी तक संतान के साथ सहयोग तथा तालमेल बना रहेगा तथा उसकी सहायता के साथ आप अपनी किसी पारिवारिक समस्या को कुछ हद तक शांत करने में सफल रहेंगे, सैर सफर का मौका मिलेगा, धार्मिक साहित्य के स्वाध्याय में रुचि बढ़ेगी तथा कथा वार्ता तथा सत्संग में जी अधिक लगेगा। फिर 27 फरवरी से 3 अप्रैल तक मन तथा बुद्धि पर नेगेटिव सोच हावी रहेगी, इसलिए हर कदम सोच समझ कर उठाना चाहिए ताकि आप कोई गलत फैसला न कर लें तथा कोई गलत कदम न उठा लें। बीच में 14 मार्च से आप में उत्साह, ज़ोश बढ़ेगा, अर्थ दशा भी कुछ सुधरेगी। बीच में 29 मार्च से दोनों पति-पत्नी का रवैया एक दूसरे के प्रति सहायक बनेगा, सैर-सफर की योजनाबन्दी भी कुछ आगे बढ़ेगी, धार्मिक कामों में ध्यान बढ़ेगा। कामकाजी मोर्चे पर दशा बेहतर रहेगी, अर्थ दशा सहज रहेगी। 14 मार्च से शत्रुओं में कुछ घबराहट बढ़ेगी तथा वे आपके साथ टकराव से बचना पसंद करेंगे तथा आपकी उन पर पकड़ पहले की तुलना में सशक्त होगी। कामकाजी दशा भी सही बनी रहेगी। 6 मई से आपका वैर-विरोध बढ़ सकता है। इसलिए समझदारी के साथ हर स्थिति को ‘सामनाÓ करना चाहिए। 16 मई से 3 अगस्त तक समय धन लाभ वाला रहेगा। आपकी कोई भी कामकाजी स्कीम यदि हिचकोले खा रही हो, तो उसके लिए नये सिरे से यत्न कर लें, क्योंकि उसमें कुछ न कुछ पेशकदमी ज़रूर हो जाएगी। जो लोग कामकाजी टूरिंग या आपूर्ति का काम करते हैं, उन्हें इस अवधि में अपना प्रोग्राम बना लेना चाहिए, क्योंकि उनकी भागदौड़ अच्छा नतीजा देगी। बीच में 17 मई से घरेलू मोर्चे पर पहले जैसी तनातनी न रहेगी, बल्कि दोनों पति-पत्नी के रवैया में नर्मी तथा एक-दूसरे के लिए सहायक तथा सद्भाव बढ़ेगा। बीच में 5 जून से 15 जुलाई तक सेहत में खराबी का डर रहेगा, गिरने-फिसलने की आशंका रहेगी, इसलिए ज़रूरी है कि पांव जमा कर चला फिरा करें। फिर 16 जुलाई से सेहत को बिगाडऩे तथा पांव फिसलाने वाला ग्रह हट जाएगा। 4 अगस्त से सितारा पुन: कमज़ोर बन जायेगा। यह समय खर्चों को बढ़ाने, उलझनों को जाग्रत रखने तथा नुकसान कराने वाला होगा। बेगाने झमेलों में अपनी टांग फंसाने से भी बचना चाहिए। आपको हर दम बचाव पर रहना चाहिए। 17 अगस्त से 16 सितम्बर तक के स


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