लुधियाना, 20 सितम्बर (निस)। केंद्रीय जेल से जो तीन कैदी आज तड़के जेल तोड़कर फरार हो गये थे पुलिस ने उनको बाद दोपहर ढंडारी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। वह वहां से रेल में सवार होकर कहीं दूर जाने की तैयारी में थे।
पुलिस के अतिरिक्त डिप्टी कमिशनर सुशील कुमार ने बताया कि आज तड़के जेल में बंद तीन खूंखार अपराधी रवि कुमार (निवासी डाबा रोड लुधियाना), अमित कुमार (बरेली उत्तर प्रदेश) और रामजन (बिहार के सवान जिला), जो तीन अन्य कैदियों के साथ जेल में एक कोठरी में बंद थे, आज तड़के अंधेरे में सभी सुरक्षा प्रबंधों को धता बताते हुए फरार हो गये।
जानकारी अनुसार कैदियों ने स्टील के एक कमंडल के हैंडल, जिसे साधारण भाषा में कुंडा कहा जाता है, को निकाल कर सीधा किया और एक चम्मच की सहायता से जेल की काल कोठरी, जिसमें वे बंद थे, की दीवार में एक छेद किया। यह ऐसा छेद था जिसमें से एक आदमी बड़ी आसानी से लेट कर सीधे बाहर निकल सकता था। अभी तक पुलिस या जेल प्रशासन यह पता नहीं लगा सका कि आरोपी कितने दिनों से दीवार में छेद करने में जुटे हुए थे।
पुलिस ने कमंडल का हैंडल और वह चम्मच भी बरामद कर लिया है, जिसको दीवार में छेद करने के लिए प्रयोग किया गया। कैदियों में रवि कुमार और अमित कुमार हत्या के अलग-अलग मामलों में बंद थे। जबकि रामजन चलती गाडिय़ों में डकैती और एक व्यक्ति की हत्या करने के आरोप में उम्रकैद भुगत रहा था।
पूछताछ के दौरान यह भी पता चला है कि तीनों खूंखार कैदियों ने तड़के अंधेरे में अपनी कोठरी से निकल कर अकेले-अकेले जेल की पिछली दीवार के निकट पहुंच गये। वहां उन्होंने अपनी पैंटें उतारी और उनको एक-दूसरे के साथ बांधा और उसके आगे एक परना बांध दिया और उसे दीवार में लगे एक हुक्क से बांध कर दीवार को फांद लिया।
उनका एक अन्य साथी भी दीवार फांदना चाहता था, लेकिन तब तक जेल में तैनात सुरक्षा कर्मियों की नजर में आ गया और उसे दबोच लिया।
एक अन्य जानकारी के अनुसार चौथा कैदी इसलिए दीवार फांद नहीं सका क्योंकि उसने जरूरत से ज्यादा नशा किया हुआ था। कोठरी में छह कैदी बंद थे। शेष दो ने जेल से फरार होने में असमर्थता जाहिर की।