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अलग-अलग मूड की 2 फिल्में

Posted On September - 13 - 2014

फाइंडिंग फैनी और क्रिएचर 3 डी
दीपिका पादुकोण जिस फिल्म में हो, उस फिल्म में कुछ अलग होना जरूरी होता है। इस बार भी ऐसा ही है। दीपिका अपने प्रशंसकों के सामने ‘फाइंडिंग फैनी’ लेकर आईं हैं, जिसमें एक लड़की को ढूंढने की कहानी दिखाई गई है। फिल्म गोवा के एक छोटे से गांव पोकोलिम से शुरू होती है, जहां लोग अपनी ही दुनिया में मस्त हैं। फिर एक दिन गांव के बूढ़े डाकिए फर्डी  (नसीरुद्दीन शाह) को एक चिट्ठी मिलती है, जिसे उसने खुद 46 साल पहले स्टेफैनी फर्नांडीस को लिखा था। उस समय फर्डी को डर था कि फैनी उसके प्यार को ठुकरा न दे। लेकिन वह चिट्ठी 46 साल के बाद वापस फर्डी के पास आ गई है। अब फर्डी को लगता है कि अगर फैनी तक यह लेटर पहुंच जाता, तो शायद वह शादी कर लेती। अब फर्डी चाहता है कि फैनी को ढूंढकर उससे अपनी बात करे। ऐसे में गांव के 4 लोग एंजी  (दीपिका पादुकोण), रोजी ( डिंपल कपाडिय़ा), डॉन पेड्रो  (पंकज कपूर) और सनिनो डी गामा  (अर्जुन कपूर) फर्डी की मदद करने का फैसला करते हैं। वैसे इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसके एक्टर्स हैं।
होमी अदजानिया ऐसे कलाकारों एवं फिल्मों के निर्माण के लिए जाने जाते हैं। इसलिए पंकज, नसीर और डिंपल के साथ उन्होंने दीपिका का तालमेल बिठाने में सफलता हासिल की है।  फिल्म की स्क्रिप्ट इतनी कसी हुई है कि आपको झपकी लेने का भी मौका नहीं मिलेगा। फिल्म के कई गीत भी मजेदार हैं।
हॉरर भी गजब का
विक्रम भट्ट को हॉरर फिल्में बनाने का मास्टर माना जाता है। ऐसे में अगर वह क्रिएचर 3 डी जैसी फिल्म लेकर आए हैं, तो जरूर कुछ न कुछ खास होगा।
बिपाशा बसु को लेकर विक्रम ने मॉनस्टर थ्रिलर साइंस फिक्शन फिल्म का निर्माण किया है, जो जबरदस्त तकनीक के कारण ज्यादा पसंद की जाएगी। फिल्म की कहानी आहना  (बिपाशा बसु) की है, जो अपने अतीत से पीछा छुड़ाकर नया बिजनेस शुरू करती है।  यह फिल्म की खासियत है कि आहना किस तरह ब्रह्मराक्षस का सामना करती है। फिल्म को बिपाशा बसु छायी हुई हैं और उन पर पूरी जिम्मेदारी है। 3डी तकनीक से फिल्म अच्छी बन पड़ी है।
    -धर्मपाल


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