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डरना चाहते हैं या हंसना, तय करें

Posted On September - 27 - 2014

फिल्म समीक्षा

इस समय अलग-अलग टेस्ट की फिल्में रूपहले पर्दे पर मौजूद हैं। इनमें से एक ‘3 एएम’ हॉरर है तो दूसरी ‘बलविंदर सिंह फेमस हो गया’ कॉमेडी। हालांकि, इस हफ्ते ‘मैनू एक लड़की चाहिए’ जैसी फिल्में भी रिलीज हुईं हैं। बात करें हॉरर फिल्म 3 एएम की तो यह एक हॉरर फिल्म है, इसकी कहानी एक चैनल में काम करने वाले 3 दोस्तों सनी, साइरस और राज और सनी की गर्लफ्रेंड साराह के इर्द-गिर्द घूमती है। अभिनेता सनी (रणविजय सिंह) शो का होस्ट है और उसकी गर्लफ्रेंड साराह (अनंदिता नायर) रूद्र मिल जैसे लोकेशन पर शो की शूटिंग के लिए जाती है। वहां उसकी रहस्यमय हालात में मौत हो जाती है। इसके बाद सनी एक हॉरर शो बनाने का निश्चय करता है और वह भूत-प्रेतों को कैमरे में कैद करना चाहता है। शूटिंग के लिए वह अपने दोस्तों को साथ लेकर उसी रूद्र मिल में जाता है, जहां उसकी गर्लफ्रेंड की मौत हुई थी। उसके बाद उस खंडहर में क्या-क्या होता है, यही फिल्म की कहानी है। इसमें रात  3 बजे का समय चुना गया है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इस समय रात ज्यादा अंधेरी होती है और आत्माएं ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं। फिल्म में थ्रिल है, लेकिन इसका दूसरा भाग बेहद कमजोर है और निर्देशक विशाल महादकर की कहानी पर पकड़ ढीली पड़ जाती है। वैसे भी फिल्म के आरंभ में हीरो-हीरोइन के हॉट सीन्स और दूसरे दृश्य ही हैं, जिनके लिए निर्देशक की जरूरत मायने नहीं रखती है। दरअसल निर्देशक को दूसरे भाग पर ही काम करना था, और वह यहीं चूक गए।
इस हफ्ते की दूसरी फिल्म है बलविंदर सिंह फेमस हो गया। फिल्म में 2 बलविंदर सिंह हैं, मिका और शान। दोनों ही रीयल लाइफ में सिंगर हैं और फिल्म में एक्टिंग कर रहे हैं। दोनों की मुलाकात मुंबई में होती है। फिल्म में एक करोड़पति दादा भी है, जो अपने पोते को ढूंढ़ रहा है, जिसका नाम भी बलविंदर सिंह है। यह बाद इन दोनों को पता चलती है, तो वे करोड़पति को बेवकूफ बनाने लगते हैं। फिल्म में भद्दे चुटकुले, क्रॉस ड्रेसिंग, गायकों का एक्टिंग करने का असफल प्रयास दिखाई देता है। फिल्म कॉमेडी कम बोर ज्यादा करती है। यही नहीं फिल्म में बिंदू दारा सिंह भी हैं, जिनके साथ कॉमेडी का पुट जुड़ा हुआ है। यानी बलविंदर सिंह.. में समय गंवाना आपको भारी पड़ सकता है। विडंबना है कि अन्य फिल्मों में गीत-संगीत का बेजोड़ जलवा बिखेरने वाली मीका की अपनी फिल्म एक अच्छे अदद गीत के लिए तरस रही है। निर्देशक सुनील अग्निहोत्री का निर्देशन प्रभावित करने में नाकामयाब रहा है। -धरमपाल


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