शादी समारोह से बच्चे ने चुराया 3 लाख का बैग !    फर्जी अंगूठा लगाकर मनरेगा के खाते से उड़ाये लाखों !    गुरु की तस्वीरों पर प्रकाश अाभा न दिखाने पर एतराज !    हरियाणा में 2006 के बाद के कर्मियों को भी ग्रेच्युटी !    पहले दिया समर्थन, अब झाड़ा पल्ला !    सप्ताह भर में न भरा टैक्स तो टावर होंगे सील !    पेंशन की दरकार, एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन !    परियोजना वर्करों की देशव्यापी हड़ताल कल !    आईएस का हाथ था कानपुर रेल हादसे में !    आज फिर चल पड़ेगी नेताजी की कार !    

2016

Posted On December - 26 - 2015

मेष
(चू-चे-चो-ला-ली-लू-ले-लो-अ)
गुरु की शुभदृष्टि 10 अगस्त तक तथा रािश पति मंगल की शुभदृष्टि से उत्साहवृद्धि तथा धार्मिक कार्यों के प्रति रुझान तथा दीर्घ योजनएं बनेंगी। जनवरी में मानसिक परेशानियां तथा संतान संबंधी चिंताएं, शनि ढैया के कारण व्यय होगा। 20 फरवरी से मंगल अष्टम भाव के कारण स्वास्थ्य नरम-गरम चोटािद मय, पीपल पूजा करें। मार्च में तनाव एवं गुस्से से बचें। 13 अप्रैल से सूर्य उच्चत्तम होने से कार्यक्षेत्र में व्यस्त रहेंगे। जून में मंगल की सप्तम दृष्टि रािश होने से पराक्रम वृिद्ध-नवीन कार्य योजना बनेगी। माता-िपता का सहयोग रहेगा। अचानक यात्रा का संयोग। सितंबर माह दौड़धूप एवं संघर्ष वाला रहेगा। अक्तूबर माह में विलासादि पर व्यय, दौड़-धृूप किंतु मासांत में लाभ एवं उन्नति के अवसर भी मिलेंगे-प्रतिष्िठत लोगों से संपर्क बनेंगे-अचानक यात्रा का संयोग बनेगा। नवंबर माह विविधता वाला रहेगा। 10 दिसंबर तक मंगल उच्चस्थ रहेगा।
शुभ रंग-लाल, अंक-9, रत्न मूंगा, शुभ तारीख 7-18-27, शुभ दिन-मंगल, रविवार, व्रत, उपवास—मंगलवार, शनिवार।
शनि का जाप करें—ऊं प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:।
वृष
(इ-उ-ए-ओ-वा-वी-वू-वे-वो) :
वर्षभर राशि पर शनि की मित्र दृष्टि रहेगी। राशि पति शुक्र की भी स्वग्ाृही दृष्टि के कारण वर्ष में कुछ सुखद एवं अप्रत्याशित घटनाक्रम रहेंगे। जनवरी में स्त्री सहयोग से उन्नति एवं योजनाओं में सफलता। व्यापारी वर्ग को लाभ। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। फरवरी से मंगल अष्टम भाव के कारण स्वास्थ्य नरम-गरम चोटािद मय, पीपल पूजा करें। मार्च में तनाव से बचें, स्वभाव गुस्से वाला। अाकिस्मक व्यय। अप्रैल माह दौड़ धूप वाला रहेगा। करियाना व्यापारी वर्ग को लाभ, अकस्मात धन लाभ के चांस बनेंगे। वाहन सुख एवं मनोरंजन पर व्यय। मई में लंबित कार्यों में सुधार, खर्च अधिक। उदर विकार।  जून माह सूर्य-शुक्र योग से बिगड़े कार्यों में सुधार। स्त्री, संतान सुख। नवीन योजनाएं बनेंगी। जुलाई में पारिवारिक एवं बंधु समस्यायें सुलझाने का योग। 9 से शुक्रोदय होेने पर आमोद-प्रमोद पर व्यय। धार्मिक कार्यों का रुझान रहेगा। अगस्त माह माता-पिता के स्वास्थ्य की चिंता, अाकस्मिक खर्चों में वृद्धि। पारिवारिक अशांति। सितंबर माह संतान संबंधी चिंताएं। अक्तूबर में बनते कार्यों में बाधाएं, स्वास्थ्य नरम-गरम, गुप्त चिंता, भागदौड़, मित्रों से विरोध, विद्यार्थी वर्ग को शुभ रहेगा। नवंबर माह विद्यार्थियों एवं प्रतियोगिताथिर्यों के लिए शुभ, शुक्र की स्वगृही दृष्टि होने से बिगड़े कार्यों में सुधार। दिसंबर माह पुरुषार्थ एवं पराक्रम से उन्नति, नवीन कार्य की योजना बनेगी। संतान संबंधी चिंता, तनाव, गिरने-फिसलने का भय, ऋण का लेन-देन करेंगे।
अनुकूल तारीखें : 6-15-24, शुभ रंग : श्वेत, रत्न : हीरा, शुभ दिन : शुक्रवार, शनिवार, व्रत उपवास-शुक्रवार। अनुकूल अंक : 6
मिथुन
(का-की-घ-ङ-छ-के-कू-को-हा)
वर्षारंभ से बुध अष्टम रहने से स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं, मंगल के कारण वर्ष में दौड़ धूप एवं पराक्रम वृद्धि के अवसर भी रहेंगे। क्रोध, उत्तेजना का समावेश वर्षभर रहेगा। मानसिक तनाव एवं कार्य बाधाएं भी रहेंगी। बीच-बीच में लाभ एवं आय के साधन भी बनेंगे। जनवरी में राशिपति बुध के कारण स्वास्थ्य नरम-गरम। गऊ को हरा चारा दान करें। फरवरी में व्यवसाय में उन्नति, आय के साधन बनेंगे।, मान-सम्मान वृद्धि। आकस्मिक व्यय। व्यापारी खुश रहेंगे। मार्च : प्रतिष्ठित लोगों से संपर्क, बुध अस्तगत के कारण बनते कार्यों में व्यवधान। अचानक यात्रा का संयोग। अप्रैल में धनागमन के साधन बनेंगे। धार्मिक कृत्यों से लाभ। मई : गुस्सा कम करें। घरेलू उलझनों की आशंका। मन अशांत। आय कम। जून : वृथा दौड़-धूप। धन व्यय। स्वास्थ्य नरम-गरम, व्यापार से लाभ, पदोन्नति के अवसर भी मिलेंगे। जुलाई : अाकस्मिक धन का लाभ। मान-सम्मान वृद्धि। अगस्त में राहु के कारण दौड़-धूप, अपव्यय। व्यापारी वर्ग को लाभ। नये लोगों से संबंध बनेंगे। भूमि संबंधी कार्यों से लाभ। ऋण से बचें। सितंबर में मंगल की दृष्टि राशि पर रहने से गुस्से का प्रभाव। घरेलू परेशानियां। अक्तूबर में सुख-साधन वृद्धि। नवंबर : खर्च अधिक, संतान-परिवार से शुभ समाचार मिलेगा। दिसंबर में उन्नति के अवसर। आय में वृद्धि, किन्तु व्यय भी बराबर।
अनुकूल तारीखें : 5-14-23, रंग : हरा, रत्न : पन्ना, शुभ दिन : बुधवार, व्रत-उपवास, बुधवार,
अंक : 5
कर्क
(हि-हु-हे-हो-डा-डी-डू-डे-डो)
जनवरी के मासांत तक स्वास्थ्य नरम-गरम, आय में अड़चनें, किसी से वाद-विवाद। व्यय अधिक। उत्तेजनावश कार्य न करें। फरवरी : वृथा दौड़-धूप। संतान संबंधी चिंताएं। कार्य बाधाएं। मनोरंजन एवं सुख-साधनों पर व्यय। मार्च : सोची-समझी योजनाओं में विलंब। कार्य व्यवसाय में अड़चनें, पारिवारिक एवं बंधु-मित्रों से कहा-सुनी। अप्रैल : गृह में मांगलिक कृत्य। प्रतिष्ठित लोगों से मेल जोल से लाभ। कोर्ट-कचहरी एवं ऋण से बचें। मई : द्वितीय भाव में राहु-गुरु के कारण आकस्मिक खर्च का योग। जून माह में शुक्र लाभेश, व्यवसाय एवं धन लाभ, मान-सम्मान वृद्धि, नये लोगों से व्यापारिक संबंध मधुर रहेंगे। जुलाई : परिवार एवं बंधु से मन-मुटाव। यात्रा का प्रोग्राम। मासांत तक शनै: शनै: मित्रों एवं बंधुओं का सहयोग। अगस्त माह कार्य बाधा वाला। निकट बंधुओं/मित्रों से वैचारिक मतभेद। सितंबर में विदेश यात्रा का योग। दौड़-धूप के बावजूद लाभ कम। सोची योजनाओं में सफलता। अक्तूबर : मंगल की नीच दृष्टि के कारण रक्त-विकारादि। संतान-पारिवारिक चिंताएं। नवंबर माह संघर्षपूर्ण स्थिति। आय से खर्च अधिक। दिसंबर में कारोबारी व्यस्तताएं। मशीनरी एवं पीली वस्तु के व्यापारी वर्ग काे लाभ।
अनुकूल तारीखें : 2-11-20-29, रंग-सफेद/क्रीम, रत्न : सुच्चा मोती, चंद्रकांत मणि, शुभ दिवस : साेमवार, व्रत उपवास : सोमवार, अनुकूल अंक : 2
सिंह
(मा-मी-मु-मे-मो-टा-टि-टू-टे)
वर्षभर शनि की ढैया। घरेलू एवं मानसिक परेशानी। गुरु के कारण कुछ कार्य बनेंगे। जनवरी : गुरु का राहु में संचार रहने से कुछ बिगड़े कार्यों में सुधार। नूतन कार्य योजनाएं बनेंगी। पदोन्नति का योग। फरवरी में दौड़धूप रहेगी। व्यवसाय में अड़चनें। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। अचानक यात्रा का योग। मार्च माह आय के साधनों में वृद्धि। मान-सम्मान बढ़े। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। अप्रैल : अामोद-प्रमोद पर व्यय, संतान-परिवार में सहयोग। शनि की ढैया तथा अष्टम सूर्य के कारण स्वास्थ्य नरम-गरम। गुप्त चिंता। मई : आय के साधन बनेंगे, धार्मिक कार्यों पर व्यय। बंधु-मित्रों से तकरार। जून में कोर्ट कचहरी एवं ऋण से बचें, मन अशांत, छात्र वर्ग में खुशी, रोजगार के साधन बने, रुके कार्यों में सफलता, भूमि-वाहन सुख, व्यापारी वर्ग को लाल वस्तु से लाभ। जुलाई में गुरु-राहु पर शनि की दृष्टि से बनते कार्यों में अड़चन। अगस्त : भागदौड़। चिंता। बंधु विरोध। मित्रों से धोखा। तनाव की स्थिति। व्यय की अधिकता। सितंबर : शत्रु पराजित। कोर्ट-कचहरी में विजयश्री किन्तु संतान-परिवार चिंता, स्वभाव में हठधर्मिता, धार्मिक-अध्यात्िमक कार्यों से मन शांत। अक्तूबर माह मान-सम्मान वृद्धि। धन लाभ। अाय के स्रोतों में बढ़ोतरी। नवंबर माह व्ययकारक।  दिसंबर माह शनि की ढैया तथा चतुर्थ सूर्य-अति योग से गुप्त चिंतायें। व्यापारी वर्ग को लाभ।
अनुकूल तारीखें : 1-10-19-28। रंग-पीला, भगवा, चमकीला श्वेत, रत्न- माणिक (रूबी), शुभ दिन- रविवार, व्रत-उपवास-रविवार अनुकूल अंक-1
कन्या
(टो-पा-पी-पू-ष-ण-ठ-पे-पो)
वर्ष में बीच-बीच में लाभ एवं पदोन्नति। संपत्ति लाभ, गणेश एवं गौसेवा-अराधना से लाभ। जनवरी माह में कार्य बाधाएं। किन्तु अाय के साधन बनते रहेंगे। पारिवारिक सहयोग। संघर्ष एवं दौड़धूप का योग। फरवरी में मंगल कार्य योजनाएं। उत्साह वृद्धि। दीर्घकालीन योजनाएं बनेंगी। कोर्ट-कचहरी में विजय। मार्च माह षष्ठ भाव रूप सूर्य केतु के कारण संघर्ष एवं दौड़धूप मित्रों से धोखा। अप्रैल : स्वास्थ्य विकार। बनते कार्य में अवरोध। गुस्से की अधिकता। यात्रा से परहेज रखें। मई माह बनते कार्यों में विघ्न। तनाव एवं मन अशांत रहे किन्तु बृहस्पति के कारण पािरवारिक सहयोग। मंगल कार्यों पर व्यय तथा सुख वृद्धि, बहसबाजी से दूर रहें। जून : परिस्थितियों में सुधार। बिगड़े काम बनेंगे। उन्नति के अवसर। व्यापारी वर्ग को लाल वस्तु के व्यापार से लाभ। जुलाई में रक्त विकार भूमिवाहन के क्रय-विक्रय से लाभ। धन लाभ एवं उन्नति के अवसर। अाकस्मिक खर्च। अगस्त माह धार्मिक कार्यों से लाभ। नौकरी/व्यापार में लाभ का समय। कार्य -व्यवसाय में लाभ। मन उदासीन। संतान चिंता। व्यापार में लाभ। छात्र खुश। सितंबर माह स्वास्थ्य नरम। बनते  कार्यों में अवरोध, सिरदर्द, अांखों को कष्ट (सूर्य अर्घ्य दें)। कार्य-व्यवसाय संबंधी  योजना। भूमि-वाहन सुख। अक्तूबर में खर्च अधिक किन्तु धन लाभ। मान-सम्मान में वृद्धि। नवंबर माह में उच्च प्रतिष्िठत लोगों के साथ संपर्क बनेंगे। दिसंबर माह में उत्साह एवं सौभाग्य वृद्धि, धार्मिक कृत्यों से लाभ एवं मानसिक खुशी। यात्रा से बचें।
अनुकूल तारीखें : 5-14-23, रंग : हरा, रत्न : पन्ना, दिन : बृहस्पतिवार, व्रत उपवास : बुधवार,
अंक 5
तुला
(रा-री-रू-रे-रो-ता-ती-तू-ते)
शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव वर्षभर। वर्षांत में मान-प्रतिष्ठा  तथा धन द्रव्य लाभ के अवसर भी रहेंगे। जनवरी में राशि पर मंगल के संचार से व्यय-तनाव एवं यात्रा का योग। फरवरी : कार्य क्षेत्र में संघर्ष। बनते कार्य में व्यवधान। मार्च माह में छात्र वर्ग को सफलता। सोची-समझी कार्य योजनाअों में सफलता। अप्रैल माह अाय वृद्धि। सुख-साधन एवं मनोरंजन में व्यय। बनते कार्यों में विघ्न। अाय कम खर्च अधिक। स्वास्थ्य नरम-गरम। घरेलू उलझनें। कोर्ट-कचहरी मामलों में सतर्क रहें। मई माह में ऋण से बचें। भूमि-वाहन के सौदे से परहेज रखें। संतान एवं परिवार संबंधी चिंताएं। वाद-विवाद से बचें। जून माह में अाकस्मिक व्यय। स्वास्थ्य नरम-गरम रक्त विकारादि। संघर्षमय स्थिति। वाद-विवाद से बचें। जुलाई माह में वृथा भागदौड़। मानसिक तनाव। कोर्ट-कचहरी से परेशानी। व्यय। निकट बंधु-मित्रों से अनबन। मासांत में धन लाभ सामान्य। अगस्त : लाभ भाव का शुक्र/राहु के कारण कुछ अनसुलझे कार्यों में पाॅजीटिव रूपरेखा लाभ के अवसर बनेंगे। साढ़ेसाती के कारण मन उचाट रहे। सितंबर माह में अाय से खर्च अधिक। अपव्ययता एवं दौड़धूप। मात्ाा-पिता से मतभेद। बंधु-मित्र विरोध। चोट भय। मित्रों से धोखे से सावधान। अक्तूबर माह में मान-प्रतिष्ठा में लाभ, धन लाभ एवं रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। रोजगार में तरक्की, नूतन योजनाएं बनेंगी। नवंबर माह सूर्य संचार से रक्त विकारादि एवं स्वास्थ्य नरम, अपयश तथा विघ्न-बाधाएं, बनते कार्यों में व्यवधान। दिसंबर माह में खर्च अधिक लाभ आंशिक।
अनुकूल तारीखें : 6-15-24, रत्न : हीरा, रंग : सफेद, उपवास, वार : शुक्रवार, अंक : 6
वृश्िचक
तो-ना-नी-नु-ने-या-यी-यू)
शनि का संचार एवं साढ़ेसाती का प्रभाव वर्षभर रहेगा। बीच-बीच में मान-सम्मान वृद्धि, धन लाभ तथा नूतन योजनाएं भी बनती रहेंगी। जनवरी में मन अशांत एवं तनाव की स्थिति। व्यय की अधिकता तथा वृथा यात्रा। निकट बंधुअों से मनमुटाव। फरवरी : सोची योजनाअों में विघ्न। व्यावसायिक योजनाअों में रुकावट। मार्च : अाय के साधनों में वृद्धि। भूमि-वाहन अादि के क्रय-विक्रय से लाभ। स्थान परिवर्तन। अप्रैल माह परिवार में तनाव एवं असमंजस की स्थिति। जून में समसप्तक योग एवं मंगल वक्री होने से भाई-बंधुअों से मतभेद। साझेदारी से परेशािनयां। गुप्त चिंताएं। जुलाई में पेट का ध्यान रखें। क्रोध की अधिकता। अगस्त : नूतन योजनाएं बनेंगी। सितंबर माह व्यापारी वर्ग को लाभ, मान-प्रतिष्ठा। अाय के साधनों में वृद्धि एवं व्यय। सितंबर माह व्यापारी वर्ग को लाभ। मान-प्रतिष्ठा। किसी मित्र/सहयोगी से कार्य बने। किन्तु शनि की साढ़ेसाती के कारण तनाव। गुप्त चिंता। चोटभय। अाय के साधनों में वृद्धि एवं व्यय। अक्तूबर  माह क्रोध अधिक, दौड़धूप, तनाव एवं भाई-बंधु से मनमुटाव। व्यापारी वर्ग को खुशी। नवंबर माह में मनोरंजन पर व्यय। संतान की चिंताएं। शनि की साढ़ेसाती के कारण उलझनें। दिसंबर में कारोबारी उतार-चढ़ाव। उलझनें। व्यवसाय में उन्नति।
अनुकूल तारीखें : 9-18-27, रत्न : मूंगा, दिन, व्रत : मंगलवार, अंक : 9, रंग : लाल।
धनु
(ये‍-यो-भा-भी-भू-धा- फा-ठा-भे)
शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव पूरे वर्षभर रहेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि। नौकरी-पदोन्नति तथा व्यवसाय में अाय के साधनों में वृद्धि। जनवरी : रािश पर सूर्य संचार तथा गुरु की दृष्टि के कारण धन लाभ। अाकस्मिक व्यय। फरवरी : बनते कार्यों में विघ्न। बंधु-विरोध। दौड़धूप। प्रयासों में विफलता। मार्च माह में क्रोध अधिक। उत्तेजना एवं भूमि-सवारी अादि के क्रय-विक्रय में परेशानी। अाय में वृद्धि, खर्च अधिक। अप्रैल माह में धन का व्यय। संतान व परिवार संबंधी परेशानी। परिवार में मांगलिक कार्य। संतान-सुख। मई माह में धर्म-कर्म में रुचि। मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। अाशाअों में सफलता। नेत्र-िपत्त विकार। संतान-सुख। तनाव। व्यापारी वर्ग को लाल वस्तु से लाभ। जून माह अाकास्मिक यात्रा का संयोग। मासांत में दूरस्थ यात्राएं। जुलाई में स्वभाव में तेजी। संघर्ष एवं खर्च में अधिकता। ऋण से बचें। अगस्त : साढ़ेसाती के कारण मानसिक तनाव। पारिवारिक उलझनें। साहसिक क्षमता का विकास। सितंबर माह बिगड़े काम बनेंगे। खर्च अधिक। चोटादि भय। भूमि वाहन सुख। व्यापारी वर्ग को लाभ। अक्तूबर माह में संघर्ष शक्ित प्रबल। नूतन योजनाएं बनेंगी। भूमि-वाहन पर खर्च। संतान संबंधी चिंता। नवंबर : बनते कार्यों में अवरोध। संतान सुख सहयोग। पारिवारिक कष्ट-परेशानियों का उद‍्गम। दिसंबर : बनते कार्यों में िवघ्न। व्यावसायिक क्षेत्रों में अार्थिक परेशानी। लेन-देन, कोर्ट-कचहरी कार्य से परेशानी।
अनुकूल तारीख : 3-12-21-30, व्रत-उपवास—गुरुवार, नग : पुखराज, दिन : वीरवार, रंग : पीला, अंक : 3
मकर
(भो-जा-जी-खी-खू-खे-खो-गा-गी)
वर्ष में मान-सम्मान। क्रोध-तनाव। रुकावटें, किन्तु बीच-बीच में धन लाभ। अाय में वृद्धि। जनवरी : मंगल के कारण धन लाभ। क्रोध-तनाव। संतान संबंधी चिंता। फरवरी : गिरने-फिसलने से चोट भय। अाय के स्रोत बनेंगे। यात्रा से लाभ। मार्च : व्यवसाय में परेशानी। तनाव। धन संबंधी समस्याएं। अाय के स्रोत बढ़े। संतान सुख। अप्रैल माह में शुभ कार्यों की योजना। भूमि-वाहन लाभ। दूरस्थ यात्रा करनी पड़ेगी। अाय के स्रोत बढ़ेंगे। संतान सुख। पारिवारिक कहा-सुनी से क्रोध। मई : धन लाभ व उन्नति के अवसर। भाई-बंधुअों से कहा-सुनी। जून : रक्त जनित रोग (सूर्य उपासना करें)। व्यावसायिक क्षेत्रों में अड़चनें। जुलाई : खान-पान का ध्यान रखें। बनते कार्यों में अड़चनें। अगस्त : दैनिक कार्यों में व्यवधान। ऋण-लेन-देन से बचें। मित्रों से सहयोग। सितंबर : बने-बनाये कार्यों में विघ्न। स्वास्थ्य परेशानी। व्यापारी वर्ग को लाभ। अक्तूबर : प्रयासों में लाभ व उन्नति के रास्ते प्रशस्त। नवंबर में मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि। धन लाभ व उन्नति के अवसर। लेन-देन से बचें। तनाव-क्रोध से बचें। दिसंबर माह भूमि-वाहन क्रय-विक्रय से लाभ। मनोरंजन पर व्यय। मित्र-बंधु सहयोग कम, वृथा यात्रा। गिरने-चोट भय। लेन-देन से बचें। तनाव-क्रोध से बचें।
अनुकूल तारीखें : 8-17-26, रत्न : नीलम, रंग : नीला, अासमानी, काला, दिन, व्रत : शनिवार, अंक : अाठ।
कुंभ
(गू-गे-गो-सा-सी-सू-से-सो-दा)
वर्ष में गुरु की दृष्टि रहने से पुरुषार्थ वृद्धि। प्रतिष्ठित जन से संपर्क बनेंगे। व्यय की अधिकता। जनवरी : पुरुषार्थ वृद्धि। अाय के साधनों में वृद्धि। फरवरी : करोबारी मंदी एवं व्यय। बंधु-मित्र मिलाप। लेन-देन से बचें। मार्च : दौड़-धूप अधिक। घरेलू एवं मित्र कलह। अप्रैल : मान-प्रतिष्ठा एवं अाय के नूतन स्रोत बनेंगे। लेन-देन से बचें। मई : उन्नति के अवसर। पुरुषार्थ वृद्धि। भूमि-वाहन सुख। जून : धन लाभ एवं सुख-साधनों में वृद्धि। धर्म-कर्म एवं कार्यक्षेत्र में लाभ। जुलाई : भूमि-वाहन सुख। लेन-देन-ऋण से बचें। दौड़-धूप। अगस्त : उद्योग-धंधे में साधारण लाभ। पारिवारिक कष्ट। सितंबर में कार्य बाधाएं। मान-सम्मान में वृद्धि। अक्तूबर : भूमि-जायदाद खरीद-फरोख्त योजना बनेगी।  नवंबर माह व्यावसायिक क्षेत्रों में उतार-चढ़ाव। भाग-दौड़। मित्र बंधु विरोध। धन-व्यय। क्रोध की अधिकता। चोट भय। यात्रा एवं कोर्ट-कचहरी से परहेज रखें। दिसंबर : लेन-देन से परहेज रखें। नवीन कार्य योजनाएं बनेंगी। मान-सम्मान वृद्धि। मंगल कार्यों पर व्यय।
अनुकूल तारीखें : 8-17-26, रत्न : नीलम, रंग : नीला, अासमानी, काला, अंक—8, व्रत-उपासना : शनिवार।
मीन
(दि-दू-थ-झ-ञ-दे-दो-चा-चि) :
धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। रुके कार्यों में सफलता। जनवरी माह में दौड़-धूप। स्थान परिवर्तन एवं यात्रा का योग। फरवरी में घर-परिवार में खुशी। अाय के साधन बनेंगे। पराक्रम वृद्धि। मार्च : नेत्र विकार। उत्तेजना एवं क्रोध की वृद्धि। निकट बंधु-मित्र से विरोध। अप्रैल माह में रक्त विकार। संतान-परिवार का सहयोग। मई : पुरुषार्थ वृद्धि। यात्रा से लाभ। लेन-देन से बचें। जून में मानसिक बल वृद्धि। मित्र से लाभ। जुलाई माह संघर्ष एवं दौड़-धूप में बीतेगा। नूतन योजनाअों से लाभ। रुके कार्यों में लाभ। अगस्त में धार्मिक कृत्यों की अोर रुझान। भाई-बंधु सहयोग। सितंबर माह में दौड़-धूप एवं संघर्षपूर्ण स्थिति। क्रोध एवं उत्तेजना से बचें। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सावधानी बरतें। अक्तूबर माह में शुक्र-शनि योग से अाय कम व्यय अधिक। व्यापारी वर्ग को पीली वस्तु से लाभ। नवंबर : कार्य व्यवसाय में लाभ। अाय के स्रोत बढ़ेंगे। ऋण से बचें। दिसंबर : धन प्राप्ति के साधन बढ़ेंगे। रोजी-रोजगार में उन्नति के अवसर बढ़ेंगे।
अनुकूल तारीखें : 3-12-21-30, रत्न : पुखराज, रंग : पीला, दिन-व्रत : बृहस्पतिवार अंक—3.
(नोट : अपने प्रचलित नाम के प्रथम अक्षर से अपनी रािश ज्ञात करें तथा वर्ष-2016 का रािशफल जानें।)

-सत्यव्रत बेंजवाल

शुभ लग्न एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
विवाह लग्न : सन‍् 2016 में 15 जनवरी, 2016 से 12 मार्च, 2016 तक विवाह के लग्न रहेंगे। उसके बाद 16 से 25 अप्रैल तक विवाह हो सकेंगे। 26 अप्रैल से 12 जुलाई तक शुक्रास्त-शुक्र वार्धक्य होने से विवाह/ मुंडन/ गृह-प्रवेश अादि कार्य वर्जित रहेंगे। इसके बाद 9 सितंबर से 9 अक्तूबर तक गुरु अस्त-गुरु वार्धक्य दोष के कारण शुभ कार्य वर्जित रहेंगे। 16 अक्तूबर से 14 नवंबर तक कार्तिक मास रहेगा। इस दौरान पर्वतीय प्रदेशों में विवाहादि शुभ कार्य होंगे। पुन: 16 नवंबर से 13 दिसंबर तक विवाह कार्य होंगे।
अर्ध कुंभ (हरिद्वार) एवं कुंभ (सिंहस्थ) महापर्व (उज्जैन) : अर्धकुंभ (हरिद्वार) की स्नान तिथियां : 20 मार्च, 7, 8, 13, 14, 17 एवं 22 अप्रैल। उसके बाद 3 मई एवं 6 मई।
कुम्भ (सिंहस्थ) महापर्व-उज्जैन स्नान तिथियां : 13, 17 एवं 22 अप्रैल। उसके बाद 3, 6, 9, 11, 17 एवं 21 मई। ग्रहण : खग्रास सूर्यग्रहण (भारत में दृश्य) : 8/9 मार्च, कंकण सूर्यग्रहण 1 सितंबर को भारत में दिखाई नहीं देगा।  सूर्य-बुध भेदयुति (संक्रमण) : 9 मई को सायं 4.41 से रात 12.12 तक एक अद्वितीय अाकाशीय दृश्य होगा। पुन: ऐसी ही घटना 11 नवंबर, 2019, 13 नवंबर, 2032, 7 नवंबर, 2039, 7 मई, 2049, 6 नवंबर, 2052 में होगी।
इस वर्ष तुला, वृश्िचक, धनु रािश वालों पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा। मेष व सिंह राशि वालों को शनि की ढैया रहेगी।


Comments Off on 2016
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
Both comments and pings are currently closed.

Comments are closed.

समाचार में हाल लोकप्रिय

Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.