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नयी खोज…

Posted On August - 29 - 2016

2018 तक मिलने लगेंगे कृत्रिम अग्नाशय !  

12908cd _Pancreas2वैज्ञानिकों का कहना है कि मधुमेह के रोगियों के रक्त में ग्लूकोज का निरीक्षण करने वाले और शरीर में प्रवेश करने वाले इंसुलिन का स्तर सही करने वाले कृत्रिम अग्नाशय 2018 तक उपलब्ध हो सकते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल जो प्रौद्योगिकी उपलब्ध है, वह ग्लूकोज मीटर से रीडिंग लेने के बाद मधुमेह के रोगियों में इंसुलिन पहुंचाने का काम करती है लेकिन ये दोनों घटक अलग-अलग होते हैं। शोधकर्ताओं ने कहा कि दोनों हिस्सों को आपस में जोड़ देने से एक ‘बंद कुंडली’ बन जाती है, जिससे कृत्रिम अग्नाशय बनते हैं। इन कृत्रिम अग्न्याशय को उपलब्ध करवाने की असल समयसीमा नियामक एजेंसियों से मंज़ूरी पर निर्भर करती है। इस समय यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) प्रस्तावित कृत्रिम अग्नाश्यों की समीक्षा कर रहा है और इसके लिए वर्ष 2017 तक मंजूरी मिलने की संभावना है । यूके नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ रिसर्च की ओर से की गई हालिया समीक्षा में कहा गया कि बंद कुंडली वाली प्रणालियां वर्ष 2018 के अंत तक यूरोपीय बाज़ार में आ सकती हैं । शोधकर्ताओं ने कहा कि इनमें से कई परीक्षणों ने ग्लूकोज नियंत्रण में मौजूदा प्रौद्योगिकियों से बेहतर प्रदर्शन किया है।

‘नियर ग्रुप’ बताएगा पड़ोस में क्या है  हलचल

तकनीक के एक दौर में मोबाइल फोन रखना काफी नहीं है अब फोन भी स्मार्ट होना चाहिए और उसमें ढेर सारी एप्ल डाउनलोड करने के लिये स्पेस होना भी उतना ही जरूरी है।  स्मार्टफोनफोन पर कुछ नया सीखने और नया करने का क्रेज युवाओं में बढ़ता जा रहा है। इसके लिये एक के बाद एक एप बाज़ार में  मिल जाएंगे। ठीक इसी तरह अगर आप अपने किसी पड़ोसी से बात करना चाह रहे हैं । जानना चाहते हैं कि आस पास किस तरह की हॉबी क्लासेज चल रही है, यानी पड़ोस में क्या हो रहा है….तो आपको एक एप्लीकेशन लोड करनी होगी। एस एप का नाम है ‘नियर ग्रुप’।
एप की खासियत ये है कि आप अपनी पहचान छुपाकर किसी से भी बात कर सकते हैं। चाहें तो अपना नाम और पहचान सार्वजनिक भी कर सकते हैं। नियर ग्रुप के नाम से फेसबुक पर भी एक वेबपेज मिल जाएगा। यह न केवल आपको नये दोस्त बनाने में मदद करेगा। बल्कि इस एप की मदद से आप बीमार पड़ने पर आसानी से डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं और अपना अप्वाइंटमेंट भी फिक्स करा सकते हैं ।

पारुल आनंद

12908cd _china busमेट्रो से सस्ती ट्रांजिट एलीवेटिड

चीन ने एक ऐसी अजीबोगरीब बस बनायी है, जिसके नीचे से कार गुजर सकती है। एक बार में 1,400 यात्रियों को मंजिल तक पहुंचा सकनेवाली इस बस का हाल ही में रोड टेस्ट किया गया. ट्रांजिट एलिवेटेड नाम की यह बस मेट्रो रेल की तुलना में सस्ती और इको फ्रेंडली है । ट्रांजिट एलिवेटेड बस (टीइबी-1) को हेबेइ प्रांत के क्विनहुआनग्दाओ शहर में टेस्ट किया गया । 22 मीटर लंबी और 7.8 मीटर चौड़ी बस के लिए सड़क पर खास ट्रैक बनाया गया । यह बस चलते समय अपने नीचे एक सुरंग-सी बनाती है, जिसमें कारें आराम से चल सकती हैं । 1,400 यात्री क्षमतावाली टीइबी-1 वायु प्रदूषण को भी कम करती है ।  इसे लैंड एयरबस नाम से भी जाना जाता है । दरअसल, बस दो लेनों के बराबर चौड़ी है ।

12208CD _BIKEदेश की पहली इलेक्ट्रिक बाइक

टॉर्क मोटरसाइकिल्स जल्द ही भारत की पहली इलेक्ट्रिक बाइक लॉंन्च करेगी। यह बाइक एक चार्ज में 100 किमी की दूरी तय करेगी। इस बाइक की टॉप स्पीड 85 किमी प्रति घंटा होगी। कंपनी ने अब तक इस बाइक के पांच प्रोटोटाइप्स बना लिए हैं ।  कंपनी टी6एक्स नामक पांचवे मॉडल को कॅमर्शिलाइज करने की तैयारी कर रही है। पुणे के नजदीक चाकन में प्रति वर्ष 50 हजार यूनिट बाइक कैपेसिटी वाला मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट लगभग बनकर तैयार है । लिथियम बैट्री को छोड़कर इसका कोई भी पार्ट इंपोर्ट नहीं किया गया है न ही इसके लिए  टैक्नोलॉजी टा्इअप ही किया गया है। बाइक को चार्ज करने के लिए पुणे और लोनवला में चार्जिंग स्टेशन बनाए गए हैं।

12208CD _POKEMON GO 1अब सिलेबस में पोकेमोन गो !

वक्त के साथ छात्रों की सोच और रुचि भी बदल रही हैं । अब वे खेल के मैदानों में कम और ऑनलाइन ज्यादा वक्त बिताते हैं। उनके दिलचस्पी के विषय में आभासी दुनिया का दखल बढ़ा है। युवा अब ऑनलाइन गेम जॉम्बीज व पोकेमान गो खेलना ज्यादा पसंद करते हैं। इस वजह से अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ इडाहो ने तय किया कि छात्रों को उन्हीं के अंदाज में शिक्षा दी जाए । यही कारण है कि यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने अब सिलेबस में मानव और जॉम्बीज के बीच की जंग के साथ लोगों के सिर चढ़ कर बोल रहा वीडियो गेम पोकेमैन गो को भी शामिल किया जाए । इस नई शुरुआत का एक ही मकसद है कि युवाओं को उत्साह और फन के साथ मसलों से निपटने के लिए तैयार किया जा सके।


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