कार खाई में गिरने से 3 की मौत !    डीजे पर झगड़ा, दूल्हे के भाई की मौत !    तेजाब हमला नाबालिग बेटियों समेत पिता घायल !    गंभीर आरोप, नहीं मिलेगी जमानत !    प्रशिक्षकों को देंगे 15 लाख का इनाम !    पानीपत में आज फिर होगी बात !    अब भाजपा को रोशन करेंगे 'रवि' !    शराब के लिए पैसे नहीं दिए तो मां को मार डाला !    ‘आवेदन मांगे पर नहीं किए हिंदी शिक्षकों के तबादले’ !    नितिन बने चैंपियन !    

छोटे शहर के बेटे का बड़ा काम

Posted On November - 28 - 2016

पुरुषोत्तम शर्मा, सोनीपत

 अभ्यास करता दीपक राघव। -हप्र

अभ्यास करता दीपक राघव। -हप्र

पैसा और फेम के लिए मशहूर क्रिकेट में भाग्य आजमाने की कोशिश तो बहुत लोग करते हैं, पर कामयाबी उन्हें मिलती है, जो इसे जुनून बना लेते हैं। सोनीपत जैसे छोटे शहर के बेटे ने ऐसा ही कुछ इस खेल में किया है। गली में खेलते-खेलते एक बालक हरियाणा की टीम में सबसे तेज गेंदबाज बन गया। हालांकि शुरुआत में हर किसी को लगता था कि यह महज शौकिया खेल है और इसमें छोटे शहरों और साधारण परिवार के बच्चों के लिए कहीं कोई गुंजाइश नहीं है, परंतु दीपक राघव ने इस मिथक को तोड़ दिया। अब बहुत सारे लोगों को ऐसी उम्मीद बंधी है कि उनके बच्चे भी कुछ बेहतर कर सकते हैं। साथ ही दीपक के परिजनों को भी लगता है कि बेटे की मेहनत और लग्ान जाया नहीं जाएगी, वह जरूर कोई मुकाम हासिल करेगा।
मूलरूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा और लंबे समय से सोनीपत शहर के पटेल नगर में रहने वाले व्यवसायी सतबीर सिंह का बेटा दीपक राघव शहर के लिटल एजेंल्स स्कूल में 12 वीं कक्षा का छात्र है। दीपक की मां राजबाला गृहणी हैं। दीपक बताते हैं कि वैसे तो शुरुआत से ही क्रिकेट खेलने का काफी शौक था, लेकिन उसने इसे करियर बनाने का फैसला किया। यह एक शौक तक तो परिजनों को मंजूर था, पर इसमें करियर की राह चुनने का फैसला परिजनों को रास नहीं आया। लेकिन दीपक ने किसी तरह परिवार को राजी किया और क्रिकेट को अपना जीवन सफर चुन लिया। दीपक वैसे तो बचपन से ही गली में दूसरे बच्चों की तरह क्रिकेट खेलता रहा है, लेकिन उसने इसे गंभीरता से 8 वीं कक्षा में शुरू किया। इसके लिए नियमित कोचिंग और इस खेल की बारिकियों को परखने का काम शुरू हुआ।
इसका नतीजा यह निकला कि दीपक को 2012 में स्कूल क्रिकेट वर्ल्ड कप में खेलने का मौका मिला। इसमें उनकी टीम दूसरे स्थान पर रही। इस प्रतियोगिता में टीम को भले ही दूसरा स्थान मिला हो, लेकिन दीपक के लिए यह टर्निंग प्वाइंट बन गया। उसकी घातक गेंदबाजी से क्रिकेट प्रेमी और चयनकर्ता इतने प्रभावित हुए कि उसका चयन अंडर 14 आयुवर्ग की टीम में गेंदबाज के रूप में कर लिया गया। इसके बाद अंडर 16 आयुवर्ग में उसे जिला टीम में प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला और उसने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसके बाद स्टेट स्कूल प्रतियोगिता और फिर आखिरकार वह मौका आया, जब उसे हरियाणा की टीम में जगह मिली। फिलहाल, दीपक राघव अंडर 19 की हरियाणा टीम में तेज गेंदबाज के तौर पर खेलते हैं। दीपक की निगाहें अब 208 में होने वाली इंडिया टीम के ट्रायल पर टिकी हैं। इसके लिए वह रोजाना लिटल एजेंल्स स्कूल की क्रिकेट अकादमी में कोच नरेंद्र नेगी की देखरेख में अभ्यास कर रहा है और अपनी गेंदबाजी में निखार के लिए रोजाना घंटों मेहनत करता है। मौजूदा समय में दीपक करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी करता है और अच्छे-अच्छे बल्लेबाज उसके सामने टिक नहीं पाते हैं। इसी के आधार पर उसे हरियाणा टीम में जगह मिली। दीपक के नाम अंडर 19 हरियाणा कूच विहार ट्राफी के पांच मैचों के दौरान 15 विकेट लेने का कीर्तिमान भी दर्ज है। इसी तरह वह पटौदी ट्राफी के लिए भी खेल चुका है।


Comments Off on छोटे शहर के बेटे का बड़ा काम
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
Both comments and pings are currently closed.

Comments are closed.

समाचार में हाल लोकप्रिय

Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.