शादी समारोह से बच्चे ने चुराया 3 लाख का बैग !    फर्जी अंगूठा लगाकर मनरेगा के खाते से उड़ाये लाखों !    गुरु की तस्वीरों पर प्रकाश अाभा न दिखाने पर एतराज !    हरियाणा में 2006 के बाद के कर्मियों को भी ग्रेच्युटी !    पहले दिया समर्थन, अब झाड़ा पल्ला !    सप्ताह भर में न भरा टैक्स तो टावर होंगे सील !    पेंशन की दरकार, एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन !    परियोजना वर्करों की देशव्यापी हड़ताल कल !    आईएस का हाथ था कानपुर रेल हादसे में !    आज फिर चल पड़ेगी नेताजी की कार !    

डोपिंग के डंक से बचाने का उठाया बीड़ा

Posted On November - 7 - 2016

अनिल शर्मा, रोहतक
10611CD _DOPING11नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) ने देश के खिलाड़ियों को डोपिंग के डंक से बचाने का बीड़ा उठाया है। इसके िलए नाडा की आेर से देश भर में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।  इस अभियान के तहत देश में 100 कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। हाल ही में ऐसी ही एक वर्कशॉप रोहतक स्थित साई सेंटर में की गयी। इसमें नाडा की ओर से खिलाडि़यों को नशे से दूर रहने और उनके दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी दी जा रही है। नाडा के प्रोजेक्ट अधिकारी डॉ. अंकुश गुप्ता ने बताया कि सभी खेल सेंटरों में नाडा की टीम डोपिंग के नुकसान के बारे में खिलाड़ियों को जानकारी दे रही है।
बता दें कि नाडा के गठन के बाद से अब तक देशभर के करीब 700 खिलाड़ियों को डोपिंग टेस्ट में पॉजीटिव पाया गया है, जिसके चलते उन पर प्रतिबंध लग चुका है। इन खिलाड़ियों में अधिकतर वेट कैटेगरी के मुकाबलों वाले खेलों के खिलाड़ी हैं। डोपिंग के डंक से प्रदेश के कई जाने-माने खिलाड़ी भी नहीं बच पाए। हाल ही में नाडा ने अंतर्राष्ट्रीय धावक धर्मबीर पर 8 साल और एक दिन का प्रतिबंध लगाया है। धावक धर्मबीर ने अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मिल्खा सिंह का रिकॉर्ड तोड़ा था। यहीं नहीं डोपिंग टेस्ट के चलते अंतर्राष्ट्रीय पहलवान नरसिंह यादव भी रियो ओलंपिक में नहीं खेल पाये। अब इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। खिलाड़ी के सैंपल जांचने के लिए सरकार को हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। सैंपल को उचित तापमान पर स्टोर करके रखना पड़ता है, जोकि काफी महंगा था, अब जो सैंपल लिए जाते हैं उनकी रिपोर्ट 2-3 सप्ताह में आ जाती है। इसे हाई तकनीक ही कहा जाएगा कि सैंपल को 10 साल तक भी स्टोर रखा जा सकता है।
पंजाब के खिलाड़ी पाये जाते हैं अधिक दोषी
10611CD _DOPINGMASHINडोपिंग टेस्ट से गुजरने वाले खिलाड़ियों में से अभी महज दो-तीन फीसदी पॉजिटिव पाए जाते हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलों में विभिन्न राज्यों के खिलाड़ी भाग लेते हैं, डोपिंग टेस्ट में कई खिलाड़ी पॉजिटीव भी पाए जाते हैं, लेकिन इन खिलाड़ियों में पंजाब के खिलाड़ी अधिक दोषी पाए जाते हैं। हाल ही में हरियाणा के 2 अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी भी इस टेस्ट में पॉजिटिव पाये गये हैं।
- डॉ. अंकुश गुप्ता
नाडा के प्रोजेक्ट ऑफिसर

देश के 700 खिलाड़ी पाये गये हैं पॉजीटिव, सबसे ज्यादा पंजाब से
10611CD _DOPING3खिलाड़ियों में बढ़ते नशे के मामले को देखते हुए वर्ष 2009 में नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी का गठन किया गया था। अब तक देश भर के 700 खिलाड़ी टेस्ट पॉजीटिव पाये गये हैं, जिसके चलते उन पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। नाडा के रिकॉर्ड के अनुसार सबसे ज्यादा पंजाब के खिलाड़ी पॉजीटिव पाए जाते हैं। खिलाड़ियों के ब्लड व यूरिन के सैंपल लेकर प्रयोगशाला में उनकी जांच की जाती है। हरियाणा के कई जाने-माने खिलाड़ी भी डोपिंग के डंक से नहीं बच पाए।
6 माह पहले ली दवा का भी पता चल जाता है
नाडा द्वारा डोपिंग टेस्ट के लिए जिन मशीनों का प्रयोग किया जा रहा है वे हाई तकनीक से लैस होती हैं। अगर किसी खिलाड़ी ने छह महीने पहले भी प्रतिबंधित दवा का इंजेक्शन लिया है तो उसका भी पता लगा लिया जाता है। इसके अलावा प्रतिबंधित सिरप, कैप्सूल या गोली भी अगर खिलाड़ी ने दो-तीन महीने पहले ली है तो उसका भी पता मशीन लगा लेती है।


Comments Off on डोपिंग के डंक से बचाने का उठाया बीड़ा
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
Both comments and pings are currently closed.

Comments are closed.

समाचार में हाल लोकप्रिय

Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.