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बेटियों को बोझ मानने की मानसिकता को दी चुनौती

Posted On November - 7 - 2016

गुंजन कैहरबा, इन्द्री (करनाल)

किक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में जीते मेडल और सर्टिफिकेट्स दिखाती रजनी। -गुंजन कैहरबा

किक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में जीते मेडल और सर्टिफिकेट्स दिखाती रजनी। -गुंजन कैहरबा

बेटियां आज हर क्षेत्र में सफलता के झंडे गाड़ कर उन्हें बोझ मानने की मानसिकता को चुनौती दे रही हैं। इन्द्री क्षेत्र के गांव राजेपुर निवासी रजनी भी उन्हीं में एक है। रजनी कराटे में किक बॉक्सिंग कर आगे बढ़ती जा रही है। कराटे में 2 बार राज्य स्तर पर सोना जीत कर रजनी गांव ही नहीं, क्षेत्र भर की लड़कियों की रोल-मॉडल बन गयी है। फिलहाल वह दिसंबर में होने वाली राष्ट्रीय चैंपियनशिप में सफलता पाने के लिए पसीना बहा रही है। उसके हौसले और आत्मविश्वास की हर कोई सराहना कर रहा है।
करनाल जिले के गांव राजेपुर की खिलाड़ी रजनी ने हाल ही में राज्य स्तरीय कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रीय खेलों के लिए स्थान पक्का किया है। वे 26 दिसंबर को फरीदाबाद में होने वाली ऑल इंडिया मार्शल आर्ट चैंपियनशिप की किक बॉक्सिंग स्पर्धा में अपना दमखम आजमाएगी। इसको लेकर उनके गांव में खुशी की लहर है।
रजनी ने सबसे पहले राजकीय स्कूलों में आयोजित होने वाले स्पोर्ट्स एंड फिजिकल एप्टीट्यूड टेस्ट (स्पेट) से खेलों की शुरुआत की। उसके बाद उसकी खेलों में रुचि पैदा हो गयी। इसी साल 16 अगस्त को करनाल में आयोजित जिला स्तरीय कराटे चैंपियनशिप में उसने प्रथम स्थान हासिल किया। उसके बाद 20-21 अगस्त को कुरुक्षेत्र में आयोजित राज्य स्तरीय कराटे चैंपियनशिप में भी प्रथम स्थान प्राप्त किया। अक्तूबर में ही हरियाणा स्पोर्ट्स कराटे एसोसिएशन द्वारा अंबाला में आयोजित राज्य स्तरीय कराटे प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। कराटे में रजनी लगातार आगे कदम बढ़ा रही है। व्हाइट बैल्ट के बाद उसने यैलो बेल्ट जीत ली है। इसके अलावा रजनी कबड्डी, दौड़, वॉलीबॉल में भी अपनी प्रतिभा आजमा चुकी है।
मां राजो देवी और पिता निर्मल का कहना है कि बेटियों को मौका दिया जाए तो वे किसी क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकती हैं। वे रजनी के खानपान का विशेष ध्यान रखते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण आंचल की लड़कियों के लिए घर और गांव से बाहर निकलने के अवसर कम ही मिल पाते हैं। लेकिन रजनी ने अवसरों को अपने हाथ से जाने नहीं दिया बल्कि उनका प्रयोग अपनी क्षमता को बढ़ाने के लिए किया है। उन्हें अपनी बेटी की उपलब्धि पर गर्व है। उनके पड़ोस में रहने वाली निर्मला, समाजसेवी राजपाल, पीटीआई राजेश, मेहमसिंह राजेपूर ने कहा कि उन्हें रजनी की उपलब्धि पर बहुत गर्व है। उन्होंने कहा कि बेटियों को बराबरी का अवसर मिले तो खेलों में रजनी की भांति मेडल लेकर गांव को नाम रोशन कर सकती हैं। वे रजनी खेलों में किसी प्रकार के परेशानी नहीं आने देंगे और हर संभव सहयोग करने को तैयार है।
पंचायत करेगी सम्मानित

अपने परिवार व ग्रामीणों के साथ किक बॉक्सिंग खिलाड़ी रजनी। -गुंजन कैहरबा

अपने परिवार व ग्रामीणों के साथ किक बॉक्सिंग खिलाड़ी रजनी। -गुंजन कैहरबा

गांव की सरपंच नीलम देवी का कहना है कि रजनी ने खेलों में मेडल लेकर गांव का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि रजनी को गांव में कार्यक्रम आयोजित कर सम्मान प्रदान किया जाएगा। वे चाहती है कि गांव की अन्य बेटियां रजनी से प्रेरित होकर खेलों में अपना दमखम आजमाएं।
शिक्षक करते हैं दिल खोल कर तारीफ
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पटहेड़ा के इंचार्ज विद्यानंद व प्राध्यापक अरुण कुमार का कहना है कि रजनी पढ़ाई, खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में समान रूप से उपलब्धियां हासिल कर रही है। हाल ही में स्कूल में आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता में रजनी की पेंटिंग को सराहा गया। उसमें आदर्श विद्यार्थी के सभी गुण हैं। उसका आत्मविश्वास और उपलब्धियां सभी विद्यार्थियों के लिए मिसाल हैं।
दूसरी बेटी पर बांटी थी मिठाई
निर्मल कश्यप के यहां दूसरी बार भी बेटी पैदा हुई तो आस-पड़ोस ने उन्हें पुन: बेटी होने का उलाहना दिया लेकिन मां राजो देवी और दादी सुनहरी देवी ने उनकी बातों को अनदेखा करते हुए रजनी के पैदा होने पर मिठाई बंटवाई तो ग्रामीणों ने हैरानी जतायी। रजनी के अलावा उसके 2 छोटे भाई प्रिंस और शंटी क्रमश: नौवीं और आठवीं में पढ़ाई कर रहे हैं। लेकिन रजनी ने अपने परिवार और गांव में एक खिलाड़ी के रूप में पहचान बनायी है। रजनी के पिता निर्मल ने बेटी की परवरिश में कोई कमी नहीं आने दी। रजनी को बचपन से ही लड़कों की तरह पहनावा भाता और निडर होकर बाहर के काम कर दिया करती। पिता के प्रोत्साहन से रजनी का हौसला बढ़ा और वह स्कूली खेलों में हिस्सा लेकर प्रथम स्थान प्राप्त करने लगी। फिलहाल वह पटहेड़ा गांव के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा बारहवीं की छात्रा है। उसने स्कूल में भी एक अलग पहचान बना रखी है।


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