कार खाई में गिरने से 3 की मौत !    डीजे पर झगड़ा, दूल्हे के भाई की मौत !    तेजाब हमला नाबालिग बेटियों समेत पिता घायल !    गंभीर आरोप, नहीं मिलेगी जमानत !    प्रशिक्षकों को देंगे 15 लाख का इनाम !    पानीपत में आज फिर होगी बात !    अब भाजपा को रोशन करेंगे 'रवि' !    शराब के लिए पैसे नहीं दिए तो मां को मार डाला !    ‘आवेदन मांगे पर नहीं किए हिंदी शिक्षकों के तबादले’ !    नितिन बने चैंपियन !    

अभाव के बीच निखरी प्रतिभा, विदेश तक चमका म्हारा छोरा

Posted On December - 12 - 2016

11112CD _04पुरुषोत्तम शर्मा, सोनीपत
कहते हैं कि सच्ची लग्न और कड़ी मेहनत इंसान की तरक्की की राह आसान कर देती है। ऐसा ही साबित कर दिखाया है महराना गांव जिला पानीपत के बॉडी बिल्डर प्रवीन नांदल ने। शौक के तौर पर शुरू की गयी बॉडी बिल्डिंग प्रवीन की शान का प्रतीक बन गयी है, तो युवाओं के लिए वह प्ररेणा स्त्रोत बन रहे हैं। प्रवीन की कद-काठी भी ऐसी है कि उसे देखते ही लगता है कि कोई बढ़िया बॉडी बिल्डर आ रहा है। उनके एक शौक ने उन्हें बॉडी बिल्डिंग का बादशाह बना दिया। प्रवीन अब हांगकांग की धरती पर हरियाणा और भारत का लोहा मनवाने के अलावा हाल ही में प्रवीन ने अमेरिका में हुई मिस्टर एंड मिसेज एटलस बॉडी बिल्डिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड व सिल्वर मेडल जीता है। प्रवीन नांदल ने बॉडी बिल्डिंग क्लासिक में प्रथम तथा ओपन में द्वितीय स्थान प्राप्त किया हैं। इस चैंपियनशिप में पूरे भारत से छह बॉडी बिल्डिरों ने भाग लिया था।
प्रवीन के कोच सुनील बिंझौल ने बताया कि प्रवीन की इस उपलब्धि से इलाके के युवाओं में बॉडी बिल्डिंग को लेकर रुझान बढ़ा है। उन्हें लगता है कि वे भी प्रवीन की तरह साबित कर सकते हैं कि प्रतिभा उनके अंदर छिपी है। गौरतलब है कि प्रवीण हरियाणा से पहला बॉडी बिल्डर है, जो हांगकांग में आयोजित ओलंपिक बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में हिस्सा ले रहा है। कोच सुनील बिंझौल ने बताया कि जब प्रवीन ने मात्र 17 साल की उम्र में सिल्वर मैडल जीता तो लगा कि वह आगे बढ़ सकता है और लक्ष्य को निशाने पर रखते हुए प्रवीन ने तीन बार कुरुक्षेत्र यूनिवसिर्टी में ओवरऑल चैंपियन का खिताब जीता। फिर तो प्रवीन ने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा और आगे ही बढ़ता गया।

ऐसे चला जीत का कारवां
प्रवीन नांदल ने इंटर यूनिवर्सिटी में सिल्वर मैडल, नार्थ इंडिया में गोल्ड, 2012 में रसिया (रूस) में गोल्ड मैडल जीत चुका है। प्रवीन की उपलब्धियों का दौर यहीं खत्म नहीं होता वर्ष 2013 में यूक्रेन में आयोजित ओपन यूरोप बॉडी बिल्डिंग में गोल्ड जीतकर एक और नया मुकाम हासिल किया। वर्ष 2014 में मुबंई में आयोजित मिस्टर वर्ल्ड चैंपियनशिप में टॉप-5 में जगह बनाई। प्रवीण के लिए ये सबसे बड़ी चुनौती थी, इसके बावजूद प्रवीन ने हिम्मत नहीं हारी और रोजाना 8 घंटे के कड़े अभ्यास के बाद वह इस मुकाम तक पहुंच गया। बीते सप्ताह अमेरिका में हुई मिस्टर एंड मिसेज एटलस बॉडी बिल्डिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड व सिल्वर मेडल जीता है।

रोजाना की डाइट में 30 अंडे
इस चैंपियनशिप को जीतने के लिए प्रवीन की डाइट में 30 अंडे, 4 किलो दूध, एक दर्जन केले, दाल, दलिया, हरी सब्जियां शामिल हैं। इन दिनों प्रवीन लाइफ स्टाइल फिटनेस सेंटर मॉडल टाउन पानीपत में अपने कोच सुनील बिंझौल के नेतृत्व में बॉडी बिल्डिंग की बारिकी सीख रहा है और विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है। ताकि वह हांगकांग से भी देश के लिए मैडल जीत कर ला सके। हालांकि प्रवीन की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने की वजह से वह बीच में ही बॉडी बिल्डिंग को छोड़ चुका होता, लेकिन शहर के कुछ लोगों ने इस युवा की प्रतिभा का उत्साह बढ़ाया और भरसक मदद की। पूर्व मंत्री बलबीर पाल शाह ने जब जरूरत हुई, तब प्रवीन की आर्थिक मदद की है। कोच सुनील बिंझौल ने बताया कि इस युवा की मेहनत और लग्न को देखते हुए शहर के लोगों ने उसे भरसक सहयोग दिया। हालांकि इन्हें इस बात मलाल भी है कि इतनी प्रतिभा होने के बावजूद सरकार के स्तर पर प्रवीन को कोई मदद नहीं मिल पा रही है।


Comments Off on अभाव के बीच निखरी प्रतिभा, विदेश तक चमका म्हारा छोरा
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
Both comments and pings are currently closed.

Comments are closed.

समाचार में हाल लोकप्रिय

Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.