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पैसे वसूलकर दर्ज करें क्रिमिनल केस : कोर्ट

Posted On January - 10 - 2017

आर सेधुरमन/ विस
नयी दिल्ली, 10 जनवरी
सरकारी पैसे का दुरुपयोग कर रहे गैरसरकारी संगठनों (एनजीओ), समितियों और स्वैच्छिक संगठनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया कि ऐसे संगठनों को दिया गया फंड वसूला जाये। उनके खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया जाये और 31 मार्च तक उनका ऑडिट कराया जाये।
चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यीय खंडपीठ ने इन संगठनों में सरकारी फंड का दुरुपयोग रोकने के लिए केंद्र को प्रभावी व्यवस्था बनाने का भी निर्देश दिया है। खंडपीठ ने कहा कि सालाना रिटर्न फाइल न करने वाले एनजीओ को मात्र ‘ब्लैक लिस्ट’ करना काफी नहीं है। इनकी निगरानी के लिये कोई नियामक और कानूनी व्यवस्था होनी चाहिये। उन्हें दिये हर रुपये का हिसाब होना चाहिये। खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए 2008-09 की कैग रिपोर्ट के आधार पर यह आदेश दिये हैं। इस रिपोर्ट में सरकार की तरफ से संगठनों को दिए गये फंड में बड़ी गड़बड़ी की बात कही गयी है।
हरियाणा में एक लाख एनजीओ
गैरसरकारी संगठनों से जुड़े कई चौकाने वाले तथ्य सुप्रीम कोर्ट के सामने आये हैं। शीर्ष अदालत ने हैरानी जताई है कि अकेले असम में करीब एक लाख एनजीओ हैं, जबकि देश में 32 लाख गैरसरकारी संगठन हैं। अदालत इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश दे चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने सर्वे में पाया है कि आबादी के आधार पर पंजाब और हरियाणा में अन्य राज्यों के मुकाबले एनजीओ की संख्या ज्यादा है। हरियाणा में एक लाख से ज्यादा (1,00,611) और पंजाब में 84,752 एनजीओ हैं।


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