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मायावती ने किया कोर्ट के आदेश का उल्लंघन, मान्यता रद्द हो : भाजपा

Posted On January - 9 - 2017

BJP_Logo_1 copyलखनऊ। उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए अपनी पार्टी के उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती परेशानी में आ गयी है। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य नीरज शंकर सक्सेना ने चुनाव आयोग से यह शिकायत की है कि मायावती ने टिकटों के वितरण के समय जिस तरह से धर्म और जाति का विवरण दिया वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है। भाजपा सदस्य नीरज शंकर सक्सेना ने निर्वाचन आयोग से मायावती की शिकायत की है। गौरतलब है कि 24 दिसंबर और 3 जनवरी को मायावती ने प्रेस कानफ्रेंस करके अपनी पार्टी द्वारा जाति तथा धर्म के आधार पर टिकट बांटे जाने का विवरण दिया था।
ज्ञात हो कि कुछ ही दिनों पहले सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया था कि धर्म, जाति, भाषा या वर्ग के आधार पर वोट मांगना गलत है। इसलिए भाजपा नेता ने यह मांग की है कि एक पार्टी के रूप में बसपा की मान्यता रद्द की जाये। मायावती ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करते वक्त इस बात का सिलसिलेवार जिक्र किया था कि उन्होंने किस जाति और धर्म के लोगों को कितने टिकट दिये।
किताब पर भी विवाद
उन्होंने बताया कि इसके अलावा वह प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में एक किताब भी बंटवा रही हैं, जिसमें लिखा है कि ‘मुस्लिम समाज का सच्चा हितैषी कौन, फैसला आप करें।’ भाजपा नेता ने आयोग से मांग की है कि वह एक पार्टी के रूप में बसपा की मान्यता खत्म करे। मायावती के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो और और जो अन्य भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है, की जाए।
यह दिये थे टिकट के आंकड़े
10601cd _bspमायावती ने हाल में कहा था कि उनकी पार्टी ने 87 दलितों, 97 मुसलमानों तथा 106 अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधियों को चुनाव के टिकट दिये हैं। इसके अलावा बाकी 113 सीटों पर अगड़ी जातियों को टिकट दिये गये हैं। इनमें ब्राह्मणों को 66, क्षत्रियों को 36, कायस्थ, वैश्य और सिख बिरादरी के 11 लोगों को उम्मीदवार बनाया गया है।
मायावती बताएं, कब स्वीकार करेंगी बौद्ध धर्म
केंद्रीय मंत्री अठावले ने कहा कि आरपीआई की स्थापना बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने की थी। कांशीराम ने उससे अलग होकर बहुजन समाज पार्टी की स्थापना की, लेकिन बसपा बाबा साहब के मुद्दे से भटक गई। उन्होंने आरोप लगाया कि लखनऊ में कांशीराम के नाम पर बने स्थल का नाम पहले अंबेडकर के नाम पर रखा गया था। उसमें लगी बाबा साहब और रमाबाई अंबेडकर की प्रतिमाएं उखाड़ दी गईं। अठावले ने कहा कि मायावती बौद्ध धर्म की बात तो करती है पर यह नहीं बताती कि वह बौद्ध धर्म कब स्वीकार करेंगी। वहीं आठवले का कहना है कि यूपी के विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा से बात चल रही है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा से गठबंधन नहीं होता है तो यूपी में आरपीआई (ए) 200 से 250 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी।


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