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राहुल के इरादे

Posted On January - 11 - 2017

वेदना से मोदी का किला भेदना
दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में कांग्रेस द्वारा आयोजित जनवेदना सम्मेलन के निष्कर्ष निकालना कठिन नहीं है। एक तो कांग्रेस रक्षात्मक होने के बजाय आक्रामक होने के मूड में है। दूसरे, अघोषित तौर पर राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। तीसरा ये कि कांग्रेस पांच राज्यों में होने वाले चुनाव में नोटबंदी को मुख्य मुद्दा बनाने जा रही है। सम्मेलन की अध्यक्षता सोनिया गांधी की बजाय राहुल गांधी द्वारा करना स्पष्ट संकेत दे रहा है कि राहुल गांधी पार्टी की कमान संभालने जा रहे हैं। पिछली कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक की अध्यक्षता भी राहुल गांधी ने ही की थी। कांग्रेस के बड़े नेता स्वीकार भी कर रहे हैं कि पार्टी में सत्ता हस्तांतरण राहुल को हो चुका है। पांच राज्यों के आगामी चुनावों को लेकर जो कमेटियां बनी हैं और जो महत्वपूर्ण फैसले लिये जा रहे हैं, उसमें राहुल की अहम भूमिका रही है। लगता है कांग्रेस का केंद्र अब सोनिया गांधी के दस जनपद से राहुल गांधी का 12 तुगलक लेन बन चुका है। विदेश से वापसी के बाद सोनिया गांधी व प्रियंका गांधी उनसे मिलने तुगलक लेन पहुंचीं।
जनवेदना रैली के तौर तरीकों से जाहिर है कि कांग्रेस मोदी सरकार को घेरने के लिये बड़ी रणनीति पर काम कर रही है। रैली में राहुल ने नोटबंदी को अपरिपक्व फैसला बताते हुए आरोप भी लगाया कि मोदी सरकार होम मेड अर्थशास्त्रियों की आड़ ले रही है। राहुल ने देश में ऑटोमोबाइल्स इंडस्ट्री में आई भारी गिरावट और मनरेगा में काम मांगने वालों की संख्या बढ़ने को नोटबंदी की विफलता का प्रमाण भी बताया। उन्होंने बड़ा सवाल सरकार द्वारा लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने को लेकर भी उठाया। उनकी दलील थी कि प्रधानमंत्री पिछले सात दशक को कांग्रेस की विफलताओं का दौर बताते हैं। दरअसल, हमने सात दशकों में लोकतांत्रिक संस्थाओं, न्यायपालिका, रिजर्व बैंक और प्रेस का सम्मान किया। कांग्रेस इन संस्थाओं की गरिमा को बचाने के लिये कटिबद्ध है। दरअसल, कांग्रेस नोटबंदी से उपजे हालात के बहाने मोदी सरकार की ढाई साल की कारगुजरियों पर हमला बोल रही है। कांग्रेस ‘हाल बेहाल, जनवेदना के ढाई साल’ शीर्षक बुकलेट के जरिये कुछ आंकड़ों का सहारा लेकर जनता के बीच जाने के लिये कार्यकर्ताओं को तैयार कर रही है। साथ ही कह रही है कि अगले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की वापसी के साथ ही अच्छे दिन आयेंगे।


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