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फ़ीचर्ड न्यूज़

  • ज्योतिष की नज़र में आपके सितारे :  वर्ष 2012
     Posted On December - 31 - 2011
    पं. असुरारि नंद शांडिल्य ज्योतिष रिसर्च सेंटर—381, मोता सिंह नगर, जालन्धर, (दूरभाष : 098156-47057, 0181-2452216) नोट : नीचे कोष्ठक में आपके 
  • आर्थिक समृद्धि कितनी हकीकत, कितना फसाना
     Posted On January - 1 - 2011
    जबसे अमेरिका के राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा ने भारत की संसद में यह कहा कि भारत उभरती हुई नहीं बल्कि उभर चुकी ताकत है 
  • आर्यावर्त विश्वगुरु बनेगा
     Posted On January - 1 - 2011
    योग शक्ति भारत के पास हमेशा से एक आध्यात्मिक शक्ति रही है। एक सांस्कृतिक निधि रही है। हमारी यही थाती, हमारा यही प्राचीन 
  • मुस्लिम नेतृत्व और भारत
     Posted On January - 1 - 2011
    सामाजिक समरसता मेरी राय में अगर भारत सभी मायनों में नहीं तो कुछ मायनों में तो पहले से ही महाशक्ति है। भारत आज भी दुनिया 

महाशक्ति बनना है तो भ्रष्टाचार से लडऩा होगा

Posted On January - 1 - 2011 Comments Off on महाशक्ति बनना है तो भ्रष्टाचार से लडऩा होगा
मैं जब कभी किसी सेमिनार में जाता हूं। किसी वर्कशॉप में जाता हूं तो अकसर लोग मुझसे पूछते हैं कि राइट टू इनफार्मेशन एक्ट के भारतीय लोकतंत्र के लिए क्या मायने हैं? मैं उनसे कहता हूं भारतीय लोकतंत्र को जो इस समय घुन लगा है, वह घुन है करप्शन यानी भ्रष्टाचार का। आरटीआई एक्ट को अगर हम सही ढंग से इस्तेमाल करें तो करप्शन बहुत हद तक दूर हो सकता है। मैंने व्यक्तिगत रूप से भी यह बात देखी है। मेरा व्यक्तिगत 

विकास की विसंगति

Posted On January - 1 - 2011 Comments Off on विकास की विसंगति
भारत नहीं इंडिया है सुपर पावर कुछ लोग मेरे हिस्से का सूरज भी खा गये। लेकिन यहां  किसी एक के हिस्से का कुछ लोगों ने सूरज नहीं खाया बल्कि भारत के 80 करोड़ से ज्यादा आम लोगों के हिस्से का कुछ सूरज चट किये बैठे हैं और अब वही लोग बराक ओबामा के कहे जाने के बाद हल्ला मचाये हैं कि अब तो भारत महाशक्ति हो चुका है। ऐसे लोगों को समझना चाहिए कि ओबामा की स्पीच अंग्रेजी में थी। इसलिए जो लोग कह रहे हैं कि ओबामा 

सामाजिक असंतोष

Posted On January - 1 - 2011 Comments Off on सामाजिक असंतोष
माओवाद और महवाकांक्षाएं कोई देश चाहे कितना ही ताकतवर हो, संसाधनों के मामलों में चाहे जितना ही सम्पन्न हो लेकिन अगर वह आंतरिक स्तर पर अशांत है तो वह महाशक्ति नहीं बन सकता। हमारा जीडीपी, हमारा जीएनपी भले ही बहुत तेजी से बढ़ रहा हो। हमारे मध्यवर्ग की क्रयशक्ति भले ही दिन दूनी रात चौगुनी दर से मजबूत हो रही हो लेकिन देश में आंतरिक अशांति लगातार बढ़ रही है। अलगाववाद, आतंकवाद देश के लिए अब 

प्रवासी भारतीय

Posted On January - 1 - 2011 Comments Off on प्रवासी भारतीय
विदेशों में भारत के सुपर ब्रांड ये डॉक्टर हैं। इंजीनियर हैं। प्रोफेसर हैं। प्रौद्योगिकी गुरु हैं। सीईओ हैं। पत्रकार हैं। लेखक हैं। राजनीतिज्ञ हैं। संगीतकार हैं। प्रकाशक हैं। फिल्मकार हैं। अर्थशास्त्री हैं। इनकी तादाद 2.5 करोड़ से ज्यादा है। ये जहां भी हैं, खुशहाल हैं। स्थानीय लोगों से ज्यादा पढ़े-लिखे हैं। उनसे इनका कॅरिअर बेहतर है। आर्थिक हालत अच्छी हैं। इसलिए ये उनकी आंखों में 

पैमाने में महाशक्ति है भारत

Posted On January - 1 - 2011 Comments Off on पैमाने में महाशक्ति है भारत
अल्पसंख्यक अगर ’70 के दशक के भारतीय मुस्लिम की तुलना आज के मुस्लिम से की जायेगी तो जमीन-आसमान का फर्क नजर आयेगा। अविश्वास, अनिश्चितता, अशिक्षा आदि के स्थान पर विश्वास, निश्चितता, शिक्षा आदि नजर आयेंगे। आज जहां वे आईएएस परीक्षा में टॉप कर रहे हैं वहीं छोटे शहरों में स्वरोजगार के जरिये आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हैं। यह है बदलते भारत की बदलती तसवीर जिसमें अल्पसंख्यक विशेषकर मुस्लिम 
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