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नि:शक्तजनों की देखभाल....

नि:शक्तजनों की देखभाल....

काॅफी पर गपशप हरीश खरे पिछले शुक्रवार की सुबह विशेष ओलंपिक, ‘भारत’ के चंडीगढ़ चैप्टर की संयोजक श्रीमती नीलू सरीन की बदौलत मुझे एक एेसा अनुभव हुआ जो कि मेरे दिल को द्रवित कर गया। श्रीमती सरीन ने मुझे नि:शक्त बच्चों की वार्षिक एथलेटिक मीट के उद‍्घाटन के लिए बुलाया था। वह ...

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1984 को ‘बंद’ कर देने का वक्त...

1984 को ‘बंद’ कर देने का वक्त...

अब से लेकर 11 मार्च के बीच का समय ही संभवत: ऐसा वक्त है जब हम 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के लिए न्याय की राजनीति की बात कर सकते हैं। पंजाब कम से कम 11 मार्च तक तो एक सुखद स्थिति के अनुकूल अधर में है, क्योंकि ...

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आप दे रही है चुनौती

आप दे रही है चुनौती

काॅफी पर गपशप हरीश खरे पंजाब के मतदाता ने शनिवार को अपनी जिम्मेदारी अदा कर दी। अब 11 मार्च तक का समय हम सबके लिए पूर्ण संशय का अंतर्काल होगा। इस दौरान राज्य में शांति रहेगी क्योंकि नेता तो जायज ‘आराम’ के लिए इधर-उधर निकल जायेंगे। कई उम्मीदवार अपने पसंदीदा देवी-देवताओं की ...

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हर रोज बदल रही है हवा

हर रोज बदल रही है हवा

बस पांच दिन की और बात है। उसके बाद कम से कम  पंजाब में तो चुनावी शोर थम ही जायेगा। यह  प्रदेश पिछले एक साल से अधिक समय से चुनावी मोड में था। इसकी कुछ वजह राजनीतिक वर्ग का शासन प्रबंधन के निचले स्तर पर चले जाना और कुछ वजह ...

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ट्रम्प के उद्घाटन भाषण में भविष्य के संकेत

ट्रम्प के उद्घाटन भाषण में भविष्य के संकेत

काॅफी पर गपशप हरीश खरे प्राचीन रोम काल से आज तक हर दौर में वाकपटुता नेतृत्व का महत्वपूर्ण तत्व रहा है। कोई भी राजनेता प्रेरणादायी भाषण के बिना एक प्रभावशाली नेता नहीं बन सकता। द्वितीय विश्वयुद्ध के काले दिनों के दौरान विंस्टन चर्चिल के भाषण ने देश की सेना में ऐसा जोश ...

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हम विवेकानंद से अप्रभावित क्यों हैं?

हम विवेकानंद से अप्रभावित क्यों हैं?

काॅफी पर गपशप हरीश खरे बृहस्पतिवार को मुझे ग्रामीण एवं औद्योगिक विकास शोध केंद्र (क्रिड) के डॉ. कृष्ण चंद ने बताया कि उस दिन स्वामी विवेकानंद की जयंती थी। डॉ. कृष्ण चंद ने बड़ी उत्सुकता के साथ मुझे उन द्वारा संपादित '‘रेलेवेंस ऑफ स्वामी विवेकानंद इन कंटेम्परेरी इंडिया’ नामक पुस्तक की प्रति ...

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पसंद का नेता तय करने का समय

पसंद का नेता तय करने का समय

काॅफी पर गपशप हरीश खरे पंजाब का मतदाता अगले पांच साल के लिए अपने हुक्मरान चुनने के लिए 4 फरवरी को मतदान करेगा। क्या ये मतदाता सहजता के साथ ईमानदार विकल्प चुन पाने के प्रति आश्वस्त होगा? एक नागरिक के नज़रिए से कहें तो यह बात बहुत महत्वपूर्ण है कि पंजाब में चुनाव ...

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  • हर रोज बदल रही है हवा
     Posted On January - 29 - 2017
    बस पांच दिन की और बात है। उसके बाद कम से कम पंजाब में तो चुनावी शोर थम ही....
  • आप दे रही है चुनौती
     Posted On February - 5 - 2017
    पंजाब के मतदाता ने शनिवार को अपनी जिम्मेदारी अदा कर दी। अब 11 मार्च तक का समय हम सबके लिए....
  • 1984 को ‘बंद’ कर देने का वक्त…
     Posted On February - 12 - 2017
    अब से लेकर 11 मार्च के बीच का समय ही संभवत: ऐसा वक्त है जब हम 1984 के सिख विरोधी....
  • नि:शक्तजनों की देखभाल….
     Posted On February - 19 - 2017
    पिछले शुक्रवार की सुबह विशेष ओलंपिक, ‘भारत’ के चंडीगढ़ चैप्टर की संयोजक श्रीमती नीलू सरीन की बदौलत मुझे एक एेसा....

आंखों देखी अराजकता

Posted On February - 28 - 2016 Comments Off on आंखों देखी अराजकता
काॅफी पर गपशप हरीश खरे मैंने हिंसा, दंगे और भीड़ का गुस्सा देखा भी है और उन घटनाओं पर कलम भी चलायी है। गुजरात में 1981 के आरक्षण विरोधी दंगों से लेकर 1984 की सिख विरोधी हिंसा, अहमदाबाद में 1985-1986-1987 की आरक्षण विरोधी और सांप्रदायिक हिंसा से लेकर 1990-92 की राम जन्मभूमि से जुड़ी हिंसक घटनाओं तक का मैं गवाह रहा हूं। परंतु मुझे केवल एक बार भीड़ के हमले का सामना करना पड़ा जब लालकृष्ण आडवाणी 

गांव उजड़ रहे हैं, शहर अराजक

Posted On February - 21 - 2016 Comments Off on गांव उजड़ रहे हैं, शहर अराजक
उत्तराखंड गोविंद सिंह/ देहरादून स्मार्ट शहरों में देहरादून को स्थान न मिल पाने की वजह से भले ही सरकार दुखी हो, लेकिन इससे एक सबक यह मिला है कि हमारे नीति नियोजकों को प्रदेश के शहरी नियोजन पर पुनर्विचार करने का मौका मिला है। देहरादून के निकट 350 एकड़ में स्मार्ट शहर बन भी जाता तो क्या होता? प्रदेश के बाकी शहरों की क्या हालत हो गयी है, यह हम अच्छी तरह देख रहे हैं। उत्तराखंड के 

राजनीति में सबकुछ संभव

Posted On February - 21 - 2016 Comments Off on राजनीति में सबकुछ संभव
मध्य प्रदेश श्रवण गर्ग/भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास अब ज्यादा खुश नजर आने और मजबूत दिखाई देने के कारण बन गये हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीरवार को न सिर्फ मुख्यमंत्री के गृह जिले सीहोर के शेरपुर गांव में विशाल किसान महासम्मलेन को सम्बोधित किया, बल्कि उन्होंने शिवराज चौहान और उनकी सरकार की जमकर तारीफ़ भी की। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री 

गठबंधन किससे

Posted On February - 21 - 2016 Comments Off on गठबंधन किससे
तमिलनाडु राजकुमार सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह कांग्रेस नेतृत्व, खासकर सोनिया-राहुल गांधी पर जितने भी कटाक्ष करें, लेकिन पार्टी ने तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए द्रमुक से गठबंधन कर भाजपा की मुश्किलें तो बढ़ा ही दी हैं। जाहिर है, केंद्र में राजग सरकार का नेतृत्व कर रही भाजपा के पास अब गठबंधन के लिए विकल्प सीमित हो गये हैं। बेशक कांग्रेस 

मीडिया पर हमला हाेने लगा है…

Posted On February - 21 - 2016 Comments Off on मीडिया पर हमला हाेने लगा है…
काॅफी पर गपशप हरीश खरे समाचारपत्र और अन्य मीडिया संस्थान एक बार फिर हमलों का शिकार हुए हैं। पिछले हफ्ते पटियाला हाउस परिसर के भीतर और बाहर पत्रकारों पर जो हमले हुए, वे इस खौफनाक प्रवृत्ति का ताजा उदाहरण हैं। मुझे लगता है, लोकतंत्र में विश्वास करने वाले अधिकांश लोग अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोंटने के इस प्रायोजित प्रयास से खुश नहीं हैं। मीडिया कोई एकल इकाई नहीं है। एक 

हुनर में शिल्पियों से होड़ लगायी कारोबारी किसानों ने

Posted On February - 14 - 2016 Comments Off on हुनर में शिल्पियों से होड़ लगायी कारोबारी किसानों ने
राजेश शर्मा सूरजकुण्ड हस्तशिल्प मेले में जहां हस्तशिल्पी अपने हुनर से लोगों को रूबरू करा रहे है। वहीं ग्रामीण आंचल से जुड़ी खेतीबाड़ी करने वाले किसान शिल्पी भी किसी से पीछे नहीं है। वह सूरजकुण्ड मेले में इस बात का संदेश दे रहे है कि जरूरी नहीं है कि वहीं किसान होता जो गेंहू, चना, बाजरा या सरसों बोता है। किसान कुछ भी कर सकता है। सूरजकुण्ड मेले की स्टॉल नम्बर-सात की संचालिका सेल 

पापुलर की मंदी से पिटा नर्सरी उत्पादकों का कारोबार

Posted On February - 14 - 2016 Comments Off on पापुलर की मंदी से पिटा नर्सरी उत्पादकों का कारोबार
अरविंद शर्मा यमुनानगर जिले को गन्ना व पापुलर की खेती के लिए सबसे बेहतर माना जाता है। ये दोनों फसले कैश क्राप में शुमार हैं,लेकिन बीते डेढ़ साल से पापुलर का रेट मंदा होने पर किसान नर्सरी लगाने से भी तौबा करने लगे हैं। पहले के मुकाबले इसका रकबा घटकर आधा रह गया है। मजबूरी के चलते यहां की नर्सरी यूपी में जा रही है। दो साल पहले अच्छी क्वालिटी की पापुलर नर्सरी का रेट 25 से 28 रूपये प्रति 

किसान कोआपरेटिव और पंचायतें बनाएं कोल्ड स्टोर व गोदाम

Posted On February - 14 - 2016 Comments Off on किसान कोआपरेटिव और पंचायतें बनाएं कोल्ड स्टोर व गोदाम
उपेंद्र पाण्डेय सोलन के सुरेंद्र शर्मा और करनाल के वीरेंद्र चौहान ने बागवानी के कारोबार में जवानी के बीस बरस गुजार दिये। हर साल सेव, टमाटर, मटर, आम, अमरूद की फसल का इंतजार करते हैं। पूंजी जुटाकर फल-सब्जियां खरीदते हैं और कोल्ड स्टोर मालिकों के हवाले कर देते हैं। उन्हें मिलता है पांच से आठ फीसदी मुनाफा, जबकि कोल्ड स्टोरेज और कोल्ड चेन के धंधे पर काबिज चतुर कारोबारी करते हैं पांच 

‘देशद्रोह… देशद्रोह… देशद्रोह…’

Posted On February - 14 - 2016 Comments Off on ‘देशद्रोह… देशद्रोह… देशद्रोह…’
काॅफी पर गपशप हरीश खरे इन दिनों जिस तरह देशद्रोह के आरोप मढ़े जाने लगे हैं, उनके आकलन से लगता है कि देश अचानक पूरी तरह असुरक्षित और कमजोर हो गया है। ताकतवर शक्तियां हमें दोफाड़ करने पर उतारू हैं। सबसे पहले, पिछले साल गुजरात में पटेलों के लिए आरक्षण की मांग करने पर अनामत आंदोलन समिति के हार्दिक पटेल पर देशद्रोह के आरोप लगाये गये। एक युवक ने पटेल समुदाय को एकजुट कर दिया। 

हरियाणा के गेहूं को रतुआ से बचाने की पहली जिम्मेदारी यमुनानगर पर

Posted On February - 7 - 2016 Comments Off on हरियाणा के गेहूं को रतुआ से बचाने की पहली जिम्मेदारी यमुनानगर पर
सुरेंद्र मेहता रविवार को हुई बूंदाबांदी से गेहूं के पीला रतुआ कुछ दबेगा जरूर, किंतु पंजाब ,हरियाणा एंव हिमाचल मे गेंहू की फसल पर पीले रत्तुए का खतरा अभी टला नहीं है । सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके यमुना नगर जिले के मुस्तफाबाद, खिजराबाद, रादौर और छछरौली क्षेत्रों में किसानों को खास सर्तकता बरतने की जरूरत है। क्योंकि पहाड़ों से उतरकर मैदानों में आने वाले रतुआ यमुनानगर के खेतों को 

देसी गायों की सौंदर्य प्रतियोगिता में जीतें करोड़ो के इनाम

Posted On February - 7 - 2016 Comments Off on देसी गायों की सौंदर्य प्रतियोगिता में जीतें करोड़ो के इनाम
विजय शर्मा राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) में शनिवार को आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यशाला में एक गंभीर बात सामने आई है। दुधारू पशुओं के विशेषज्ञों ने चारे की गुणवत्ता घटने पर चिंता जताई है। किसान भाइयों के लिए भी यह चिंता की बात है कि दूध की मात्रा बढने के बावजूद दूध की गुणवत्ता घटी है। किसानों को दुधारू पशुओं के चारे पर खास ध्यान देना होगा। इसी संदर्भ में एक खुशखबरी 

मुनाफा कमाना है तो अनाज भंडारण की कला भी सीखें किसान

Posted On February - 7 - 2016 Comments Off on मुनाफा कमाना है तो अनाज भंडारण की कला भी सीखें किसान
उपेंद्र पाण्डेय इंद्री करनाल, पीपली और घरौंदा के किसानों सुभाष, जगदीप सिंह, कुलविंदर और गुरुसेवक सिंह की एक सी कहानी है। इन सभी किसानों ने धान की 1509 किस्म लगाई थी। इससे पहले उनकी गेहूं की फसल बरबाद हो गई थी और किसी के सर चढा था दो लाख का कर्ज तो कोई आढतियों के यहां चार लाख का था बकायेदार। किसानों ने जीतोड़ मेहनत की, कुछ प्रकृति और मौसम की मेहरबानी भी रही जिससे धान की फसल भी अच्छी हुई। 

संस्मरण लेखक अपनी गलतियां भी स्वीकार करें…

Posted On February - 7 - 2016 Comments Off on संस्मरण लेखक अपनी गलतियां भी स्वीकार करें…
काॅफी पर गपशप हरीश खरे हाल के महीनों में राजनेताओं के संस्मरणों की बाढ़-सी आ गयी है। प्रणब मुखर्जी ने अपने तीन खंडों के नियोजित संस्मरण का दूसरा भाग हाल ही में प्रकाशित किया है। इसका शीर्षक है : ‘द टरबुलेंट ईयर्स : 1980-1996’। पहले खंड का शीर्षक था : ‘द ड्रामाटिक डिकेड : द इंदिरा गांधी ईयर्स।’ शरद पवार, एमएल फोतेदार, सलमान खुर्शीद और उससे पहले के. नटवर सिंह ने भी संस्मरण 

अमेरिकी विशेषज्ञों ने साझा की हरियाणवी खेती की चुनौतियां

Posted On January - 31 - 2016 Comments Off on अमेरिकी विशेषज्ञों ने साझा की हरियाणवी खेती की चुनौतियां
अमेरिकन दूतावास के विशेषज्ञों तथा चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. के.एस. खोखर के बीच हुई बातचीत यदि कोई संकेत है तो अमेरिका हरियाणा की कृषि पैदावार बढ़ाने तथा कृषि के विकास में सहयोग कर सकता है। अमेरिकन दूतावास के दो विशेषज्ञों की टीम विश्वविद्यालय पहुंची और कुलपति डॉ. खोखर के साथ बातचीत की। इस टीम में अमेरिकन दूतावास के इकोनॉमिक अफसर डॉगलास फॉलर तथा उनकी सहयोगी 

पीला रतुआ का मौसम, सावधान रहें पर घबराएं नहीं

Posted On January - 31 - 2016 Comments Off on पीला रतुआ का मौसम, सावधान रहें पर घबराएं नहीं
उपेंद्र पाण्डेय सिरसा के किसान भगवंत सिंह ने अपने 12 एकड़ खेतों में खरीफ सीजन में कपास लगाया था जो सफेद मक्खी के हमले का शिकार हो गया। अब उन्होंने रबी में गेहूं बोया तो बरसात न होने और ठंडी कम पड़ने के कारण गेहूं की फसल कमजोर हो गई। कपास का मुआवजा अभी तक मिला नहीं है, इसी बीच पीला रतुआ फैलने की खबरों ने तो नींद उडा दी है। पटियाला से जोगेंदर सिंह, राजपुरा के किसान परमजीत, परवाणू से सुरेंद्र 

अब डेढ फीसदी प्रीमियम में होगा कपास का बीमा

Posted On January - 31 - 2016 Comments Off on अब डेढ फीसदी प्रीमियम में होगा कपास का बीमा
कुमार मुकेश सफेद मक्खी के कारण कपास की फसल बरबाद होने का खामियाजा भुगत रहे हरियाणा के किसानों को अभी तक मुआवजे का इंतजार है। अब किसान भाइयों को सजग हो जाना चाहिए और अगली कपास फसल का बीमा जरूर कराना चाहिए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ने किसानों को यह अवसर दिया है जिसका फायदा किसानों को जरूर उठाना चाहिए। अभीतक फसलों का बीमा कराने वाले किसानों को करीब 19 प्रतिशत प्रीमियम भरना पड़ता 
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