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मुंहासों से बचायें ये उपाय

मुंहासों से बचायें ये उपाय

ये बिन बुलाए आते हैं और लंबे समय तक रहते हैं। एक्ने यानी मुंहासे ऐसी समस्या है, जिसका सामना ज्यादातर लोगों को करना पड़ता है। संतुलित आहार और पर्याप्त पानी पीकर मुंहासों से बचा जा सकता है। त्वचा विशेषज्ञ चिरंजीव छाबड़ा ने बताये हैं मुंहासों को दूर करने के कुछ ...

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विचारों को रोकने का प्रयास करो ही नहीं

विचारों को रोकने का प्रयास करो ही नहीं

तुम्हारे विचारों की कोई जड़ें नहीं हैं, उनका कोई घर नहीं है; वे बादलों की तरह भटकते हैं। इसलिए तुम्हें उनके साथ संघर्ष नहीं करना है, तुम्हें उनके विपरीत नहीं होना है, तुम्हें उन्हें रोकने का भी प्रयास नहीं करना है। यह तुम्हारे भीतर गहरी समझ बन जानी चाहिए, क्योंकि ...

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कैंसर के इलाज में काम आएगी पीपली

कैंसर के इलाज में काम आएगी पीपली

भोजन को मसालेदार बनाने के लिए मशहूर भारतीय पीपली का उपयोग जल्द ही कैंसर के इलाज की प्रभावी दवा तैयार करने में किया जा सकता है। बायोलॉजिकल केमिस्ट्री जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार पीपली में एक ऐसा रसायन पाया जाता है जो शरीर को उस एंजाइम बनाने से ...

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जाड़े में जोड़ों को चुस्त, दिल को दुरुस्त रखे अलसी

जाड़े में जोड़ों को चुस्त, दिल को दुरुस्त रखे अलसी

सर्दी के इन दिनों में अलसी खाने से जहां जोड़ों के दर्द से राहत मिलती है, वहीं कई अन्य फायदे भी होते हैं। आहार विशेषज्ञ अंजलि मुखर्जी के मुताबिक यदि गठिया की दिक्कत हो तो दिन में 2 बार अलसी के बीज व पाउडर लेने से जोड़ों में सूजन व ...

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बढ़ती सर्दी में सेहत बढ़े, वजन नहीं

बढ़ती सर्दी में सेहत बढ़े, वजन नहीं

मृदुला वत्स, पीजीआई चंडीगढ़ के डाइटेटिक्स विभाग की पूर्व एचओडी मेटाबॉलिज्म, यानी हमारे पाचन से जुड़ी प्रक्रिया। यह प्रक्रिया सर्दियों में अकसर मंद पड़ जाती है। इसीलिए इस मौसम में कई लोगों का वजन बढ़ने लगता है। लेकिन, मेटाबॉलिज्म के मंद पड़ने का कारण ठंड नहीं, बल्कि हमारे खान-पान और जीवनशैली ...

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उल्लास से समेटिये उजाला

उल्लास से समेटिये उजाला

केवल तिवारी सूर्य ऊर्जा का स्रोत है। ऊर्जा से आनंद है। आनंद है तो जीवन में उजाला है। उजाला यानी उल्लास। आत्मसात करने के लिए। दूसरों को रोशन करने के लिए। प्रार्थना से। खानपान से। यही है माघ महीने का संदेश। हिंदू पंचांग का 11वां महीना। एक खास महीना। उत्सव का ...

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कैल्शियम कितना जरूरी!

कैल्शियम कितना जरूरी!

हमारे शरीर में कुल कैल्शियम का 99 फीसदी हड्डियों और दांतों में जमा होता है। बाकी एक फीसदी खून, मांसपेशियों और कोशिकाओं में होता है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के मुताबिक... 600 मिली ग्राम कैल्शियम हर रोज जरूरी होता है 1 से 9 साल की उम्र के बच्चों के लिए 10 ...

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ऑनलाइन सीखें योग

Posted On December - 10 - 2014 Comments Off on ऑनलाइन सीखें योग
योग आज जीवन के लिये कितना जरूरी हो गया है। यह बात किसी से छिपी नहीं है। इसके लिये कई एप्लीकेशंस भी बाजार में आ गये हैं। जैसे योग स्टूडियो आपको मेडिटेशन और योग की रेडीमेड 65 कक्षाओं की सुविधा देता है, जोकि 10 से लेकर 60 मिनट तक की हैं। एचडी वीडियो और स्पेशल साउंड म्यूजिक के साथ काफी बेहतर सामग्री देता है ये एप्प। योग स्टूडियो के साथ स्पेशल यह भी है कि ये यूजर को उनके खुद के वीडियो भी अपलोड 

गंभीर बीमािरयों में भी कारगर होम्योपैथी

Posted On December - 10 - 2014 Comments Off on गंभीर बीमािरयों में भी कारगर होम्योपैथी
मुंबई और कुछ अन्य महानगरों में बच्चों की बीमारियों पर हुए अध्ययन में यह बात सामने आयी है कि गंभीर बीमारियों के इलाज में होम्योपैथी काफी कारगर साबित हो सकती है। अध्ययन ऐसे बच्चों पर किये गये जो किसी न किसी डिसॉर्डर से पीड़ित थे। तकरीबन 7 साल तक उन बच्चों को होम्योपैथी दवाएं दी गईं और नतीजे काफी चौंकाने वाले हैं। ज्यादातर बच्चों को उनसे फायदा हुआ है। बच्चों की चिकित्सा के फील्ड 

क्यों व्यर्थ चिंता करते हो?

Posted On December - 4 - 2014 Comments Off on क्यों व्यर्थ चिंता करते हो?
मुरारी लाल शर्मा जीवन में हर व्यक्ति को एक समझ खड़ी करनी चाहिए। यह समझ  है कि संसार के मोह-मायाजाल में न फंसकर तृप्त रहना चाहिए। इसको संत लोग आनंदमयी विद्या या ज्ञान कहते हैं। इस अवस्था में अगर हम सूखी रोटी भी खायेंगे तो हमारे गाल टमाटर की तरह लाल नजर आयेंगे। मुझे हर समय लगना चाहिए कि मैं एक सुखी व्यक्ति हूं, मेरे भगवान ने मुझे सब कुछ दे रखा है, हमें रोने-रुलाने वाली तथा चिंताओं 

सर्दियों में संभालें अपनी त्वचा

Posted On December - 4 - 2014 Comments Off on सर्दियों में संभालें अपनी त्वचा
जया मण्डावरी शरद ऋतु के बाद हेमन्त का आगमन होता है। इसे सर्दियों का मौसम भी कह दिया जाता है। सामान्यत: शीत ऋतु में हेमन्त और शिशिर का समावेश होता है। मार्ग, शीर्ष, पौष हेमन्त और माघ-फाल्गुन शिशिर ऋतु कहलाती हैं। हेमन्त का प्राकृतिक वैभव सुन्दर न होने पर भी प्राचीन तथा अर्वाचीन देशों ने इसे स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना है। सर्दियों में विशेष रूप से सौन्दर्य 

अनार खाइये, वज़न घटाइये

Posted On December - 4 - 2014 Comments Off on अनार खाइये, वज़न घटाइये
अनार में विटामिन ए, सी, ई, फोलिक एसिड और एंटीऑक्सीसडेंट पाये जाते हैं। साथ ही इसमें प्रचूर मात्रा में लाभदायक प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट‍्स, फाइबर और खनिज पाए जाते हैं। वैसे तो लगभग सभी फल स्वास्थ्य  के लिए लाभकारी होते हैं, लेकिन अनार के बहुत सारे लाभ हैं। यह शरीर को फिट और स्वस्थ रखने में मददगार होता है। आइये जानें अनार के फायदे। 1. अनार के रस में बैक्टीरिया को मारने की शक्ति होती 

अपनी शक्ति को पहचानो

Posted On December - 4 - 2014 Comments Off on अपनी शक्ति को पहचानो
आचार्य महाप्रज्ञ के विचार नैतिकता का दर्शन पारस्परिक संबंधों में होता है। यदि एक ही आदमी हो तो नैतिकता की कोई आवश्यकता नहीं होती। दो हैं और उन दोनों के बीच में संबंध है तो वह संंबंध कैसा होना चाहिए, यह नैतिकता का मूल आधार है। यह संबंध-विज्ञान नैतिकता का विज्ञान है। दो व्यक्तियों के बीच परस्पर संबंध अच्छा होता है, उसके अनेक आधार हो सकते हैं। एक आधार होता है पारस्परिक 

हे युवाओं , उठो ! जागो ! लक्ष्य प्राप्ति तक रुको नहीं

Posted On November - 26 - 2014 Comments Off on हे युवाओं , उठो ! जागो ! लक्ष्य प्राप्ति तक रुको नहीं
स्वामी विवेकानंद के विचार हे युवाओं , उठो ! जागो ! लक्ष्य प्राप्ति तक रुको नहीं, पीछे मत देखो, आगे देखो, अनंत ऊर्जा, अनंत उत्‍साह, अनंत साहस और अनंत धैर्य तभी महान कार्य, किये जा सकते हैं आज मैं तुम्हें भी अपने जीवन का मूल मंत्र बताता हूँ , वह यह है कि -प्रयत्न करते रहो, जब तुम्हें अपने चारों ओर अन्धकार ही अन्धकार दिखता हो, तब भी मैं कहता हूं कि प्रयत्न करते रहो ! किसी भी परिस्थिति 

प्याज के औषधीय गुण

Posted On November - 26 - 2014 Comments Off on प्याज के औषधीय गुण
खानपान जाना प्याज का इस्तेमाल करते हैं। हमारे जीवन में प्याज के काफी औषधीय गुण हैं। इसके प्रयोग से हमारे शरीर फिट रहता है। प्याज सिर्फ खाने के स्वाद को ही नहीं बढ़ाता, यह बहुत अधिक गुणकारी भी है। प्याज हरा हो, लाल या सफेद, सेहत के लिए वरदान से कम नहीं है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को इतना अधिक बढ़ा देता है कि बीमारियों जल्दी होती ही नहीं। यह अरुचि और अपच जैसी स्थितियों में भी काफी 

नृत्य-­संगीत से खिल उठे रोम-रोम

Posted On November - 26 - 2014 Comments Off on नृत्य-­संगीत से खिल उठे रोम-रोम
नृत्य और संगीत से हमारा तन-मन खिल उठता है। दोनों में गहरा रिश्ता है। इसस हमारा तनाव को कम होता है। आत्मविश्वास बढ़ता है और हमें अनुशासन प्रिय बनाता है। यदि कभी आपका मूड खराब हो तो संगीत और डांस आपको इससे उभरने में मदद भी करता है। इंटरनेशनल आर्ट फेस्टिवल की निदेशक एवं ओडिशी नृत्यांगना रीला होता कहती हैं कि नृत्य नाटिकाओं का हमारे तन-मन पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है। उनका कहना है कि यदि आप 

हड्डियों की देखरेख

Posted On November - 26 - 2014 Comments Off on हड्डियों की देखरेख
शरीर का रखें ध्यान हड्डियों से जुड़ी समस्या अब आम हो गई हैं। हमें अपनी उम्र के हिसाब से इनकी देखभाल करनी चाहिये। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती रहती है, हड्डी, जोड़ और कमर का दर्द जीवन का अभिन्न अंग बन जाता है। आज हर 10 में से करीब 4 महिलाओं और 4 में से एक पुरुष को हड्डी से जुड़ी कोई न कोई समस्या जरूर घेरे है। हड्डियां रातोंरात कमजोर नहीं होती हैं, इस प्रक्रिया में सालों-साल चलती है। डाक्टरों का मानना 

काबू में रखें कामनाएं

Posted On November - 26 - 2014 Comments Off on काबू में रखें कामनाएं
आचार्य डॉ.लोकेशमुनि यह एक सत्य है कि शरीर में जितने रोम होते हैं, उनसे भी अधिक होती हैं-इच्छाएं। ये इच्छाएं सागर की उछलती-मचलती तरंगों के समान होती हैं। मन-सागर में प्रतिक्षण उठने वाली लालसाएं वर्षा में बांस की तरह बढ़ती ही चली जाती हैं।  अनियंत्रित कामनाएं आदमी को भयंकर विपदाओं की जाज्वल्यमान भट्टी में फेंक देती है, वह प्रतिक्षण बेचैन, तनावग्रस्त, बड़ी बीमारियों का उत्पादन केंद्र 

श्वास साधे मन सधे

Posted On November - 19 - 2014 Comments Off on श्वास साधे मन सधे
सीता राम गुप्ता श्वास और मन के बीच गहरा संबंध है, इसलिए श्वास-प्रक्रिया का निरीक्षण युगों से ध्यान पद्धति के रूप में किया जाता रहा है; विशेष  रूप से ‘विपश्यना’ में, जिसे भगवान बुद्ध ने विकसित कर स्वयं अभ्यास किया तथा आज जिसे सत्यनारायण गोयनका बर्मा के मास्टर ऊ बा खिन्न से विशुद्ध मूलरूप में सीखकर  देश-विदेश में प्रचारित कर रहे हैं। ‘स्वयं की श्वास प्रक्रिया का निरीक्षण’ 

इच्छाएं

Posted On November - 19 - 2014 Comments Off on इच्छाएं
इन्द्रिय सुखों की इच्छाएं विद्युत की तरह हैं, जैसे-जैसे वे विषय वस्तुओं की ओर बढ़ती हैं, निष्प्रभावी हो जाती हैं। अपनी कुशलता से यदि तुम इच्छाओं को अपने भीतर मोड़ सको, अपने अस्तित्व के केंद्र की ओर, तो तुम्हें मिलेगा एक और आयाम। चिरन्तन सुख, रोमांच, परमानंद और शाश्वत प्रेम का। वासना, लोभ  इसलिये शक्तिशाली है, क्योंकि ये केवल ऊर्जा हैं और तुम ही इनके स्रोत हो। निष्ठा और भक्ति तुम्हारी 

खानपान

Posted On November - 19 - 2014 Comments Off on खानपान
तुलसी एक गुण अनेक जुकाम, हरारत, फ्लू व मौसमी बुखार में तुलसी, काली मिर्च व मिश्री मिलाकर पानी में पकाकर, अथवा तीनों को पीसकर गोलियाँ बना दिन में तीन-चार बार लेने से लाभ होता है। खांसी में तुलसी की पत्तियों व अदरक को पीसकर शहद के साथ चाटने से लाभ पहुंचता है। * दस्त लगने पर तुलसी के 10 पत्तों को एक माशा जीरे में पीसकर दिन में 3-4 बार चाटने से दस्त बंद हो जाते हैं। * मुंह की दुर्गंध दूर करने 

मौन की भी है अपनी एक भाषा

Posted On November - 19 - 2014 Comments Off on मौन की भी है अपनी एक भाषा
ओशो  की बात एक गांव में एक अपरिचित फकीर का आगमन हुआ था। उस गांव के लोगों ने शुक्रवार के दिन, जो उनके धर्म का दिन था, उस फकीर को मस्जिद में बोलने के लिये आमंत्रित किया। वह फकीर बड़ी खुशी से राजी हो गया, लेकिन मस्जिद में जाने के बाद, जहां कि गांव के बहुत से लोग इकट्ठा हुये थे, उस फकीर ने मंच पर बैठकर कहा, मेरे मित्रो, मैं जो बोलने को हूं, जिस संबंध में मैं बोलने वाला हूं, क्या तुम्हें 

आपका व्यक्तित्व बनाता है आपकी पहचान

Posted On November - 19 - 2014 Comments Off on आपका व्यक्तित्व बनाता है आपकी पहचान
आप भीड़ पर नजर डालिये, क्या दिखाई देगा? लगभग हर आदमी एक जैसा है। आप किसी सभागृह में पहुंच जाइये, जहां कोई वक्ता भाषण दे रहा हो, श्रोताओं को देखिये। दिखाई देगा कि लगभग  हर श्रोता एक जैसा है। अब वक्ता को देखिये, सुनिये, आप पायेंगे कि वह दूसरों से हट कर हैं। वक्ता जब बोल रहा होता है तो उसके प्राय निम्नलिखित गुणधर्म प्रकट होते हैं।  उसके विचार, जीवन के प्रति दृष्टिकोण, अनुभवों की 
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