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फ़ीचर्ड न्यूज़
तनाव का कारण भीतर है, बाहर नहीं

तनाव का कारण भीतर है, बाहर नहीं

प्रतिदिन सामान्य क्रियाओं के बारे में सजग रहना सीखो, और जब अपनी सामान्य क्रियाएं कर रहे हो तब रिलैक्स रहो। तनाव लेने की कोई जरूरत नहीं है। जब तुम फर्श धो रहे हो, तब तनावपूर्ण होने की क्या जरूरत? या जब तुम खाना बना रहे हो तब तनावपूर्ण होने की ...

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जीवन में ‘जहर’ घोल रहीं बनावटी सफेद चीजें

जीवन में ‘जहर’ घोल रहीं बनावटी सफेद चीजें

डायबिटीज यानी मधुमेह महामारी की तरह फैल रहा है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) का मानना है कि इस बीमारी के प्रमुख कारणों में हमारे रोजमर्रा के भोजन में सफेद चीनी, मैदा और चावल जैसी खाद्य वस्तुओं की अधिकता है। आईएमए के अध्यक्ष डॉक्टर केके अग्रवाल का कहना है, ‘रिफाइंड चीनी ...

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दिल की दिक्क त सिर्फ कोलेस्ट्रॉल नहीं

दिल की दिक्क त सिर्फ कोलेस्ट्रॉल नहीं

अंजलि मुखर्जी न्यूट्रीशियनिस्ट दिल के रोगों से बचने के लिए सबसे पहले कोलेस्ट्रॉल पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है। लेकिन, सिर्फ कोलेस्ट्रॉल का स्तर सुधारकर दिल की हिफाजत नहीं की जा सकती। यह दिल की सेहत बनाये रखने के कई उपायों में से सिर्फ एक उपाय है। दिल की पूरी ...

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सांझ नहीं, नया सवेरा

सांझ नहीं, नया सवेरा

रिटायरमेंट  रुके नहीं  बढ़े जिंदगी कुछ समय पहले की बात है कि जैसे ही मैं बैंक जाने के लिए तैयार होकर घर से निकली एक पड़ोसन ने पूछा, ‘आप तो रिटायर हो चुकी हैं न? अब कहां जा रही हो तैयार होकर? क्या कोई दूसरी नौकरी पकड़ ली है?’ उसने ...

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मुंहासों से बचायें ये उपाय

मुंहासों से बचायें ये उपाय

ये बिन बुलाए आते हैं और लंबे समय तक रहते हैं। एक्ने यानी मुंहासे ऐसी समस्या है, जिसका सामना ज्यादातर लोगों को करना पड़ता है। संतुलित आहार और पर्याप्त पानी पीकर मुंहासों से बचा जा सकता है। त्वचा विशेषज्ञ चिरंजीव छाबड़ा ने बताये हैं मुंहासों को दूर करने के कुछ ...

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विचारों को रोकने का प्रयास करो ही नहीं

विचारों को रोकने का प्रयास करो ही नहीं

तुम्हारे विचारों की कोई जड़ें नहीं हैं, उनका कोई घर नहीं है; वे बादलों की तरह भटकते हैं। इसलिए तुम्हें उनके साथ संघर्ष नहीं करना है, तुम्हें उनके विपरीत नहीं होना है, तुम्हें उन्हें रोकने का भी प्रयास नहीं करना है। यह तुम्हारे भीतर गहरी समझ बन जानी चाहिए, क्योंकि ...

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कैंसर के इलाज में काम आएगी पीपली

कैंसर के इलाज में काम आएगी पीपली

भोजन को मसालेदार बनाने के लिए मशहूर भारतीय पीपली का उपयोग जल्द ही कैंसर के इलाज की प्रभावी दवा तैयार करने में किया जा सकता है। बायोलॉजिकल केमिस्ट्री जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार पीपली में एक ऐसा रसायन पाया जाता है जो शरीर को उस एंजाइम बनाने से ...

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चित्त काे बंधनमुक्त करें

Posted On December - 17 - 2014 Comments Off on चित्त काे बंधनमुक्त करें
मनुष्य के मन पर शब्दों का भार है; और शब्दों का भार ही उसकी मानसिक गुलामी भी है। अौर जब तक शब्दों की दीवार को तोड़ने में कोई समर्थ न हो, तब तक वह सत्य को भी न जान सकेगा, न आनंद को, न आत्मा को। सत्य की खोज में…और सत्य की खोज ही जीवन की खोज है…स्वतंत्रता सबसे पहली शर्त है। जिसका मन गुलाम है, वह और कहीं भला पहंुच जाए, परमात्मा तक पहंुचने की उसकी कोई संभावना नहीं है। जिन्होंने अपने चित्त को सारे 

जैसा कर्म करोगे, वैसा फल मिलेगा

Posted On December - 17 - 2014 Comments Off on जैसा कर्म करोगे, वैसा फल मिलेगा
लाजपत राय सभरवाल एक व्यक्ति महात्मा बुद्ध के पास आया। उसने याचना की ‘भगवान! मेरे पिता प्रणांत हो गए हैं। कृपया कुछ उपाय बतायें, ताकि उन्हें सद्गति प्राप्त हो सके।’ उस समय महात्मा बुद्ध नदी के तट पर बैठे थे। उन्होनें एक फूल उठाकर नदी में डाल दिया। वह फूल पानी के बहाव में बह गया। फिर उन्होंने एक पत्थर का टुकड़ा उठाकर नदी में फेंक दिया, जो डूब गया। वह व्यक्ति यह सब देख रहा था। तब 

अपनापन बदल दे दुनिया

Posted On December - 10 - 2014 Comments Off on अपनापन बदल दे दुनिया
एक प्रोफ़ेसर ने अपने विद्यार्थियों से ‘झुग्गी-बस्ती के बच्चे बड़े होकर क्या बनेंगे’ का अध्ययन करने को कहा। इसमें विद्यार्थियों ने अनुमान लगाकर अपनी रिपोर्ट देनी थी। अध्ययनकर्ताओं ने झोपड़पट्टी के कुछ बच्चों के घर, मां-बाप की परिस्थिति, वहां के लोगों की जीवनशैली और शैक्षणिक स्तर, नशे का सेवन आदि पर विचार किया। अपने अध्ययन के बाद उन्होंने यह निष्कर्ष ये निकाला कि वहां के 95% बच्चे गुनाह 

‘अहं की दृष्टि भगवान को नहीं पहचान पाती’’

Posted On December - 10 - 2014 Comments Off on ‘अहं की दृष्टि भगवान को नहीं पहचान पाती’’
सत्य को देखने व पहचानने के लिए पूर्ण होश, पूर्ण जागरूकता, पूर्ण चैतन्य जरूरी है। भगवान श्री कृष्ण दुर्योधन की राजसभा में दूत के रूप में पहुंचकर हठी दुर्योधन को युद्ध की विभीषिका व उससे उत्पन्न परिणामों की भयावहता के बारे में आगाह करते हुए पाण्डवों को केवल पांच गांव देने की बात कहते हैं कि पाण्डव इनसे ही संतुष्ट होकर अपना निर्वाह कर लेंगे। लेकिन अहंकार से भरा दुराग्रही दुर्योधन उलटे 

कौन ठगा गया?

Posted On December - 10 - 2014 Comments Off on कौन ठगा गया?
एक जाट घी का बड़ा बर्तन भरकर शहर में आया। वह एक बनिए की दुकान पर गया और बाेला,’मुझे गहने चाहिए। घी के बदले में सोने के गहने दो।’ बनिए ने घी देखा। बड़ा बर्तन। सस्ते में आ रहा था। उसने स्वीकार कर लिया। बनिए ने घी का घड़ा लेकर गहने दे दिये। बनिया इसलिए प्रसन्न है कि उसने घी लेकर पीतल के गहने किसान को दे दिये। किसान इसलिए प्रसन्न हो रहा है कि उसने घी के घड़े में गोबर देकर सोने के गहने ले लिये। 

ऑनलाइन सीखें योग

Posted On December - 10 - 2014 Comments Off on ऑनलाइन सीखें योग
योग आज जीवन के लिये कितना जरूरी हो गया है। यह बात किसी से छिपी नहीं है। इसके लिये कई एप्लीकेशंस भी बाजार में आ गये हैं। जैसे योग स्टूडियो आपको मेडिटेशन और योग की रेडीमेड 65 कक्षाओं की सुविधा देता है, जोकि 10 से लेकर 60 मिनट तक की हैं। एचडी वीडियो और स्पेशल साउंड म्यूजिक के साथ काफी बेहतर सामग्री देता है ये एप्प। योग स्टूडियो के साथ स्पेशल यह भी है कि ये यूजर को उनके खुद के वीडियो भी अपलोड 

गंभीर बीमािरयों में भी कारगर होम्योपैथी

Posted On December - 10 - 2014 Comments Off on गंभीर बीमािरयों में भी कारगर होम्योपैथी
मुंबई और कुछ अन्य महानगरों में बच्चों की बीमारियों पर हुए अध्ययन में यह बात सामने आयी है कि गंभीर बीमारियों के इलाज में होम्योपैथी काफी कारगर साबित हो सकती है। अध्ययन ऐसे बच्चों पर किये गये जो किसी न किसी डिसॉर्डर से पीड़ित थे। तकरीबन 7 साल तक उन बच्चों को होम्योपैथी दवाएं दी गईं और नतीजे काफी चौंकाने वाले हैं। ज्यादातर बच्चों को उनसे फायदा हुआ है। बच्चों की चिकित्सा के फील्ड 

क्यों व्यर्थ चिंता करते हो?

Posted On December - 4 - 2014 Comments Off on क्यों व्यर्थ चिंता करते हो?
मुरारी लाल शर्मा जीवन में हर व्यक्ति को एक समझ खड़ी करनी चाहिए। यह समझ  है कि संसार के मोह-मायाजाल में न फंसकर तृप्त रहना चाहिए। इसको संत लोग आनंदमयी विद्या या ज्ञान कहते हैं। इस अवस्था में अगर हम सूखी रोटी भी खायेंगे तो हमारे गाल टमाटर की तरह लाल नजर आयेंगे। मुझे हर समय लगना चाहिए कि मैं एक सुखी व्यक्ति हूं, मेरे भगवान ने मुझे सब कुछ दे रखा है, हमें रोने-रुलाने वाली तथा चिंताओं 

सर्दियों में संभालें अपनी त्वचा

Posted On December - 4 - 2014 Comments Off on सर्दियों में संभालें अपनी त्वचा
जया मण्डावरी शरद ऋतु के बाद हेमन्त का आगमन होता है। इसे सर्दियों का मौसम भी कह दिया जाता है। सामान्यत: शीत ऋतु में हेमन्त और शिशिर का समावेश होता है। मार्ग, शीर्ष, पौष हेमन्त और माघ-फाल्गुन शिशिर ऋतु कहलाती हैं। हेमन्त का प्राकृतिक वैभव सुन्दर न होने पर भी प्राचीन तथा अर्वाचीन देशों ने इसे स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना है। सर्दियों में विशेष रूप से सौन्दर्य 

अनार खाइये, वज़न घटाइये

Posted On December - 4 - 2014 Comments Off on अनार खाइये, वज़न घटाइये
अनार में विटामिन ए, सी, ई, फोलिक एसिड और एंटीऑक्सीसडेंट पाये जाते हैं। साथ ही इसमें प्रचूर मात्रा में लाभदायक प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट‍्स, फाइबर और खनिज पाए जाते हैं। वैसे तो लगभग सभी फल स्वास्थ्य  के लिए लाभकारी होते हैं, लेकिन अनार के बहुत सारे लाभ हैं। यह शरीर को फिट और स्वस्थ रखने में मददगार होता है। आइये जानें अनार के फायदे। 1. अनार के रस में बैक्टीरिया को मारने की शक्ति होती 

अपनी शक्ति को पहचानो

Posted On December - 4 - 2014 Comments Off on अपनी शक्ति को पहचानो
आचार्य महाप्रज्ञ के विचार नैतिकता का दर्शन पारस्परिक संबंधों में होता है। यदि एक ही आदमी हो तो नैतिकता की कोई आवश्यकता नहीं होती। दो हैं और उन दोनों के बीच में संबंध है तो वह संंबंध कैसा होना चाहिए, यह नैतिकता का मूल आधार है। यह संबंध-विज्ञान नैतिकता का विज्ञान है। दो व्यक्तियों के बीच परस्पर संबंध अच्छा होता है, उसके अनेक आधार हो सकते हैं। एक आधार होता है पारस्परिक 

हे युवाओं , उठो ! जागो ! लक्ष्य प्राप्ति तक रुको नहीं

Posted On November - 26 - 2014 Comments Off on हे युवाओं , उठो ! जागो ! लक्ष्य प्राप्ति तक रुको नहीं
स्वामी विवेकानंद के विचार हे युवाओं , उठो ! जागो ! लक्ष्य प्राप्ति तक रुको नहीं, पीछे मत देखो, आगे देखो, अनंत ऊर्जा, अनंत उत्‍साह, अनंत साहस और अनंत धैर्य तभी महान कार्य, किये जा सकते हैं आज मैं तुम्हें भी अपने जीवन का मूल मंत्र बताता हूँ , वह यह है कि -प्रयत्न करते रहो, जब तुम्हें अपने चारों ओर अन्धकार ही अन्धकार दिखता हो, तब भी मैं कहता हूं कि प्रयत्न करते रहो ! किसी भी परिस्थिति 

प्याज के औषधीय गुण

Posted On November - 26 - 2014 Comments Off on प्याज के औषधीय गुण
खानपान जाना प्याज का इस्तेमाल करते हैं। हमारे जीवन में प्याज के काफी औषधीय गुण हैं। इसके प्रयोग से हमारे शरीर फिट रहता है। प्याज सिर्फ खाने के स्वाद को ही नहीं बढ़ाता, यह बहुत अधिक गुणकारी भी है। प्याज हरा हो, लाल या सफेद, सेहत के लिए वरदान से कम नहीं है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को इतना अधिक बढ़ा देता है कि बीमारियों जल्दी होती ही नहीं। यह अरुचि और अपच जैसी स्थितियों में भी काफी 

नृत्य-­संगीत से खिल उठे रोम-रोम

Posted On November - 26 - 2014 Comments Off on नृत्य-­संगीत से खिल उठे रोम-रोम
नृत्य और संगीत से हमारा तन-मन खिल उठता है। दोनों में गहरा रिश्ता है। इसस हमारा तनाव को कम होता है। आत्मविश्वास बढ़ता है और हमें अनुशासन प्रिय बनाता है। यदि कभी आपका मूड खराब हो तो संगीत और डांस आपको इससे उभरने में मदद भी करता है। इंटरनेशनल आर्ट फेस्टिवल की निदेशक एवं ओडिशी नृत्यांगना रीला होता कहती हैं कि नृत्य नाटिकाओं का हमारे तन-मन पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है। उनका कहना है कि यदि आप 

हड्डियों की देखरेख

Posted On November - 26 - 2014 Comments Off on हड्डियों की देखरेख
शरीर का रखें ध्यान हड्डियों से जुड़ी समस्या अब आम हो गई हैं। हमें अपनी उम्र के हिसाब से इनकी देखभाल करनी चाहिये। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती रहती है, हड्डी, जोड़ और कमर का दर्द जीवन का अभिन्न अंग बन जाता है। आज हर 10 में से करीब 4 महिलाओं और 4 में से एक पुरुष को हड्डी से जुड़ी कोई न कोई समस्या जरूर घेरे है। हड्डियां रातोंरात कमजोर नहीं होती हैं, इस प्रक्रिया में सालों-साल चलती है। डाक्टरों का मानना 

काबू में रखें कामनाएं

Posted On November - 26 - 2014 Comments Off on काबू में रखें कामनाएं
आचार्य डॉ.लोकेशमुनि यह एक सत्य है कि शरीर में जितने रोम होते हैं, उनसे भी अधिक होती हैं-इच्छाएं। ये इच्छाएं सागर की उछलती-मचलती तरंगों के समान होती हैं। मन-सागर में प्रतिक्षण उठने वाली लालसाएं वर्षा में बांस की तरह बढ़ती ही चली जाती हैं।  अनियंत्रित कामनाएं आदमी को भयंकर विपदाओं की जाज्वल्यमान भट्टी में फेंक देती है, वह प्रतिक्षण बेचैन, तनावग्रस्त, बड़ी बीमारियों का उत्पादन केंद्र 
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