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नायक की कहानी दिल्ली की जुबानी

नायक की कहानी दिल्ली की जुबानी

सीन 1 : 27 दिसंबर 2013 नये नायक का उदय गिरनार अपार्टमेंट कौशांबी, गाजियाबाद। दो बेडरूम के फ्लैट में रहने वाला आम आदमी देश की राजधानी दिल्ली का मुख्यमंत्री चुना जा चुका है। नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री के फ्लैट पर बधाई देने वालों का तांता लगा है और बाहर रीयल लाइफ के इस अनोखे ...

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यूपी को ये फेस पसंद हैं?

यूपी को ये फेस पसंद हैं?

उत्तर प्रदेश चुनाव में मतदाताओं ने आज से अपना जौहर दिखाना शुरू कर दिया है। सभी दलों के पास अपने-अपने चेहरे हैं। पहले चरण में 73 सीटों पर लोग वोट डाल रहे हैं। इस बार चुनाव में कई चीजें नयी हैं। पहली बार हैं। समाजवादी पार्टी का गठबंधन। वह भी कांग्रेस के साथ। ...

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राज या बेताज फैसला आज

राज या बेताज फैसला आज

पंजाब और गोवा में मतदाता आज अपना फैसला देंगे। जीत किसकी हुई, इसका पता 11 मार्च को चलेगा। पंजाब में सत्तारूढ़ अकाली दल, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच तिकोना मुकाबला है। सबसे रोचक मुकाबला मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के हलके लंबी में है। यहां बादल को पूर्व कांग्रेस ...

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इस बार बदलेगी कहानी?

इस बार बदलेगी कहानी?

गोवा और उत्तराखंड। देश के दो छोटे राज्य। एक उत्तर में तो एक पश्चिम में। 2200 किलोमीटर की दूरियां, लेकिन इनमें एक सियासी समानता है। एक ही सीएम पांच साल तक पद पर नहीं रह पाते। सियासी मजबूरी चाहे जो भी हो। पार्टी की सरकार तो पांच साल तक चलती ...

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बड़े काम की ‘छोटी सरकार’

बड़े काम की ‘छोटी सरकार’

देश की नजरें फरवरी में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों पर हैं, लेकिन अगले तीन महीने में 2 और अहम चुनाव हैं। बीएमसी यानी बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन और दिल्ली नगर निगम का। देश की आर्थिक राजधानी, बॉलीवुड सितारों व वीवीआईपीज के नगर मुंबई की बागडोर बीएमसी ही संभालती ...

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फरवरी भारी शिवसेना-भाजपा में दरार

फरवरी भारी शिवसेना-भाजपा में दरार

बीएमसी चुनाव के दौरान इस बार कई वर्षों से गठबंधन करके चुनाव लड़ने वाली पार्टियां अलग-अलग ताल ठोक सकती हैं। भाजपा और शिवसेना गठबधंन में खींचतान चल रही है। उद्धव ठाकरे कई बार गठबंधन तोड़ने की धमकी दे चुके हैं और खासकर बीएमसी चुनाव को लेकर ये पहले ही ऐलान कर ...

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5 राज्य, 5 चुनाव; 5 मुख्यमंत्री  कौन?

5 राज्य, 5 चुनाव; 5 मुख्यमंत्री कौन?

5 राज्य-पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर। चुनाव का बिगुल बज चुका है। सभी दलों की तैयारियां जोरों पर हैं। लगभग एक महीने चलने वाले चुनाव के लिए सभी पार्टियों के उम्मीदवार तय हैं। कुछ ने सूची घोषित कर दी है। कुछ की बाकी है। कहीं बगावत है। कहीं ...

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  • इस बार बदलेगी कहानी?
     Posted On January - 27 - 2017
    गोवा और उत्तराखंड। देश के दो छोटे राज्य। एक उत्तर में तो एक पश्चिम में। 2200 किलोमीटर की दूरियां, लेकिन....
  • राज या बेताज फैसला आज
     Posted On February - 3 - 2017
    पंजाब और गोवा में मतदाता आज अपना फैसला देंगे। जीत किसकी हुई, इसका पता 11 मार्च को चलेगा। पंजाब में....
  • यूपी को ये फेस पसंद हैं?
     Posted On February - 10 - 2017
    उत्तर प्रदेश चुनाव में मतदाताओं ने आज से अपना जौहर दिखाना शुरू कर दिया है। सभी दलों के पास अपने-अपने चेहरे हैं। पहले 
  • नायक की कहानी दिल्ली की जुबानी
     Posted On February - 17 - 2017
    सीन 1 : 27 दिसंबर 2013 नये नायक का उदय गिरनार अपार्टमेंट कौशांबी, गाजियाबाद। दो बेडरूम के फ्लैट में रहने वाला आम आदमी देश 

दिल्ली टु पुडुचेरी

Posted On June - 11 - 2016 Comments Off on दिल्ली टु पुडुचेरी
पुडुचेरी में कांग्रेस के नेतृत्व में नयी सरकार बनी है। पार्टी ने दिल्ली में यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे वी. नारायण स्वामी को मुख्मंत्री बनाया है। उधर, लेफ्टिनेंट गवर्नर के पद पर पूर्व आईपीएस अफसर किरण बेदी की नियुक्ति की गयी है। वे दिल्ली में भाजपा की सीएम उम्मीदवार रही हैं। अब उन्हें पुडुचेरी में लेफ्टिनेंट गवर्नर बनाकर भेजा गया है। ....

यूपी में मुश्किल है गठबंधन की गांठ

Posted On June - 11 - 2016 Comments Off on यूपी में मुश्किल है गठबंधन की गांठ
विधान परिषद व राज्यसभा के चुनाव परिणाम सामने आ चुके हैं। बसपा और भाजपा को छोड़कर सभी दलों में भितरघात हुआ। भाजपा का दूसरा प्रत्याशी भले ही हार गया हो, लेकिन उसे अन्य दलों के नौ अतिरिक्त वोट मिल गये। बसपा के 12 वोट अतिरिक्त मिले। अजित सिंह के समर्थन का लाभ कांग्रेस को नहीं मिला। ....

छत्तीसगढ़ के चाणक्य के बिना कांग्रेस

Posted On June - 11 - 2016 Comments Off on छत्तीसगढ़ के चाणक्य के बिना कांग्रेस
छत्तीसगढ़ में कहावत है कि अजीत जोगी को आप पसंद करें या न करें, उन्हें खारिज नहीं कर सकते। और कांग्रेस ने यही किया है। वरना अजीत जोगी नेहरू गांधी परिवार के उन चुनींदा वफादार नेताओं में से हैं जो मरते दम तक कांग्रेस नहीं छोड़ते। पर ऐसा क्या हुआ कि वह 6 जून को नयी पार्टी बनाने का ऐलान कर और जनता से ....

क्योंकि दाग अच्छे नहीं

Posted On June - 11 - 2016 Comments Off on क्योंकि दाग अच्छे नहीं
वाड्रा लैंड डील को लगातार मुद्दा बनाने वाली भाजपा के लिए एकनाथ खड़से को हटाना बेशक मजबूरी रही हो, लेकिन इससे महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल ज़रूर आ गया है। महाराष्ट्र में देवेन्द्र फड़नवीस को सरकार चलाते हुए अभी दो साल भी नहीं हुए हैं, लेकिन उन्हें अपनी ही पार्टी के नेताओं, विधायकों और मंत्रियों की वजह से मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं। ....

साड्डी ‘बादल’ सरकार

Posted On June - 4 - 2016 Comments Off on साड्डी ‘बादल’ सरकार
सरबंस दानी गुरु गोबिंद सिंह के लोगों के लिए परिवार कुर्बान कर देने से प्रेरणा लेकर बना अकाली दल लंबे समय तक सत्ता के विकेंद्रीकरण के रूप में काम किया। शुरू में पार्टी का अध्यक्ष, मुख्यमंत्री अलग-अलग नेता होते थे। इससे सत्ता का संतुलन बना रहता था। पंजाब की अकाली सियासत उग्रवाद के दौर के बाद पुराना रास्ता छोड़ गयी। संत हरचंद सिंह लौंगोवाल की हत्या के बाद उनके नजदीकी सुरजीत बरनाला 

यूपी हो या बिहार, ‘घर’ की सरकार

Posted On June - 4 - 2016 Comments Off on यूपी हो या बिहार, ‘घर’ की सरकार
30 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले लालू परिवार और मुलायम परिवार चर्चा में है। लालू के परिवार से मीसा भारती राज्यसभा के लिए चुनी गयी हैं। अब संसद व विधानसभा में लालू परिवार के 4 सदस्य हो गये हैं। उधर, मुलायम परिवार में अजीत सिंह के साथ चुनावी गठजोड़ को लेकर ‘घमासान’ मचा है। राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष अजीत सिंह के साथ ....

जल्दबाजी में क्यों हैं हरीश रावत

Posted On May - 28 - 2016 Comments Off on जल्दबाजी में क्यों हैं हरीश रावत
उत्तराखंड गोविंद सिंह उत्तराखंड की राजनीति अब पूरी तरह से चुनाव के मूड में आती दिख रही है। हालांकि अभी चुनाव में दस महीने बचे हैं, लेकिन जिस तरह से मुख्यमंत्री हरीश रावत फैसले और घोषणाएं कर रहे हैं, उससे लगता है कि वे जल्दबाजी में हैं और कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। पुनः सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री ने पहला काम यह किया कि राज्यपाल के निर्णयों को वापस लेना शुरू कर दिया। यहां 

कई दलों के लिए फाइनल होगा यूपी चुनाव

Posted On May - 28 - 2016 Comments Off on कई दलों के लिए फाइनल होगा यूपी चुनाव
उत्तर प्रदेश बृजेश शुक्ल उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में कई दलों के भविष्य का फैसला होगा। यदि भाजपा राज्य में सफल नहीं होती है तो 2019 के लोकसभा चुनाव उसके लिए बहुत कठिन हो जायेंगे। इस बात को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी जानते हैं और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह भी। यदि बसपा इस बार सत्ता में नहीं आती है तो यह सवाल जरूर पूछे जाने लगेंगे कि भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास में सबसे 

दिल्ली का सियासी मूड

Posted On May - 28 - 2016 Comments Off on दिल्ली का सियासी मूड
दिल्ली अजय पांडेय दिल्ली की सियासत के लिहाज से बीते दो-तीन दशक बेहद अहम रहे हैं। एशियाई खेलों के बाद से शहर में अन्य राज्यों से पलायन करके आने वालों की संख्या में भारी इजाफा हुआ। कभी जाट-गुर्जर और पंजाबी समुदाय के हाथों में रही दिल्ली की सत्ता की चाबी एकदम से यूपी और बिहार के लोगों के हाथों में आ गयी। पलायन ने दिल्ली का सियासी मिजाज बदल दिया। शुरुआती दिनों में पूरब से आए लोग 

जाट दंगों की जांच पर भी आंच

Posted On May - 28 - 2016 Comments Off on जाट दंगों की जांच पर भी आंच
हरियाणा उपेंद्र पांडेय पांच जून करीब है। हरियाणा में आरक्षण के मुद्दे पर फिर से जाट आंदोलन की आहट है, सरकार चिंतित है और राज्य में कानून और व्यवस्था के लिए जिम्मेदार पुलिस महानिदेशक मोहम्मद अकील बयान जारी करके चेतावनी दे रहे हैं कि आंदोलन होने की स्थिति में पुलिस की ओर से आंदोलनकारियों को पहले रोका जाएगा, समझाया जाएगा, अगर वे फिर भी नहीं मानते हैं तो पुलिस की ओर से बल प्रयोग 

अब कांग्रेस की उम्मीद पंजाब पर

Posted On May - 21 - 2016 Comments Off on अब कांग्रेस की उम्मीद पंजाब पर
पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार वैसे तो छह महीने पहले ही शुरू हो गया था, लेकिन पांच राज्यों असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के चुनाव नतीजों के बाद इन पर ज्यादा ध्यान केंद्रित होना स्वाभाविक है। इन चुनाव नतीजों में सब के लिए खुश होने के लिए कुछ न कुछ है, लेकिन कांग्रेस को अपना बचाव करने का तर्क नहीं सूझ रहा ....

सधी रणनीति ने खोला पूर्वाेत्तर का द्वार

Posted On May - 21 - 2016 Comments Off on सधी रणनीति ने खोला पूर्वाेत्तर का द्वार
पूर्वोत्तर का प्रवेशद्वार कहे जाने वाले असम में भाजपा का सत्ता में आना राजनीतिक लिहाज से काफी अहम है। यह पहला मौका है जब केंद्र में राज करने वाली यह पार्टी इलाके के किसी राज्य की सत्ता पर लोकतांत्रिक तरीके से काबिज हुई है। भाजपा की इस कामयाबी के पीछे कुछ हद तक उसकी सही रणनीति का हाथ तो है, लेकिन उसकी कामयाबी में तरुण ....

अम्मा योजनाओं का कमाल

Posted On May - 21 - 2016 Comments Off on अम्मा योजनाओं का कमाल
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे आ चुके हैं। इनमें देवियां तो अपना दुर्ग बचा ले गयीं, लेकिन दिग्गज किला फतेह नहीं कर पाये। अम्मा के सिर से ताज उतार कर अपने सिर रखने की करुणानिधि की कोशिश कामयाब नहीं हो पाई। पीडब्ल्यूए व पीएमके के दिग्गज भी नहीं चल पाये। इस फेहरिस्त में विजयकांत, अंबुमनिरामदास व थिरूमावलावन भी शामिल हैं। ....

बंगाल में दीदी ने दिखाई दादागीरी

Posted On May - 21 - 2016 Comments Off on बंगाल में दीदी ने दिखाई दादागीरी
एक कहावत है कि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता। लेकिन दीदी यानी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने अबकी विधानसभा चुनावों में इस कहावत को गलत साबित कर दिया है। वाममोर्चा और कांग्रेस के बीच गठजोड़, शारदा चिटफंड घोटाले, नारद न्यूज स्टिंग वीडियो और भ्रष्टाचार के तमाम आरोपों के बीच उन्होंने अकेले अपने बूते पहले के मुकाबले ज्यादा सीटें ....

बच्चों की किताबों में राजनीति के पाठ

Posted On May - 14 - 2016 Comments Off on बच्चों की किताबों में राजनीति के पाठ
राजस्थान ईशमधु तलवार राजस्थान के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे अब यह नहीं जान पाएंगे कि देश का पहला प्रधानमंत्री कौन था? पुस्तकों में यह तो पढ़ाया जाएगा कि देश में पंचायती राज की शुरुआत राजस्थान के नागौर शहर से हुई, लेकिन यह नहीं बताया जायेगा कि यह शुरुआत जवाहर लाल नेहरू ने की थी। जवाहर लाल नेहरू का पाठ्यपुस्तकों में कहीं-कहीं उल्लेख तो है, लेकिन इस बात का जिक्र कहीं नहीं 

चुनावी युद्ध के लिए अपने-अपने हथियार

Posted On May - 14 - 2016 Comments Off on चुनावी युद्ध के लिए अपने-अपने हथियार
उत्तर प्रदेश बृजेश शुक्ल उत्तर प्रदेश का अधिकांश हिस्सा सूखे से जूझ रहा है। 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। नेताओं ने राज्य में डेरा जमाना शुरू कर दिया है। सूखा चुनावी रणनीति का एक हथियार बन चुका है। यह साबित करने की होड़ है कि सूखे से लड़ने में कौन सक्षम है और कौन अक्षम है। विकास की धारा किसकी सरकार में बही। युद्ध यहां तक जा पहुंचा कि केंद्र सरकार 
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