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बड़े काम की ‘छोटी सरकार’

बड़े काम की ‘छोटी सरकार’

देश की नजरें फरवरी में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों पर हैं, लेकिन अगले तीन महीने में 2 और अहम चुनाव हैं। बीएमसी यानी बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन और दिल्ली नगर निगम का। देश की आर्थिक राजधानी, बॉलीवुड सितारों व वीवीआईपीज के नगर मुंबई की बागडोर बीएमसी ही संभालती ...

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फरवरी भारी शिवसेना-भाजपा में दरार

फरवरी भारी शिवसेना-भाजपा में दरार

बीएमसी चुनाव के दौरान इस बार कई वर्षों से गठबंधन करके चुनाव लड़ने वाली पार्टियां अलग-अलग ताल ठोक सकती हैं। भाजपा और शिवसेना गठबधंन में खींचतान चल रही है। उद्धव ठाकरे कई बार गठबंधन तोड़ने की धमकी दे चुके हैं और खासकर बीएमसी चुनाव को लेकर ये पहले ही ऐलान कर ...

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5 राज्य, 5 चुनाव; 5 मुख्यमंत्री  कौन?

5 राज्य, 5 चुनाव; 5 मुख्यमंत्री कौन?

5 राज्य-पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर। चुनाव का बिगुल बज चुका है। सभी दलों की तैयारियां जोरों पर हैं। लगभग एक महीने चलने वाले चुनाव के लिए सभी पार्टियों के उम्मीदवार तय हैं। कुछ ने सूची घोषित कर दी है। कुछ की बाकी है। कहीं बगावत है। कहीं ...

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अपने ही गिराते हैं नशेमन पे बिजलियां

अपने ही गिराते हैं नशेमन पे बिजलियां

मुलायम परिवार में चल रहे ‘दंगल’ को देखकर इतिहास की वह घटना याद आ जाती है जब हुमायूं की मौत के बाद अकबर का राज्यारोहण हुआ था। उस समय अकबर की उम्र 14 साल थी। अकबर को गद्दी पर बैठाकर बैरम खां, जिन्हें अकबर बाबा कहते थे, ने सत्ता अपने ...

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सिद्धू दंपति में से एक ही लड़ेगा चुनाव

सिद्धू दंपति में से एक ही लड़ेगा चुनाव

हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुईं पूर्व सांसद व पूर्व कि्रकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी और नवजोत सिद्दू में से एक ही विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। हालांकि सिद्धू अभी औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल नहीं हुए हैं। लेकिन उनकी पत्नी ने ऐलान किया है कि वे चुनाव नहीं ...

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आप में भी सियासी परिवार

आप में भी सियासी परिवार

अभी केजरीवाल ही चेहरा आम आदमी पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। पंजाब में अब तक किसी स्थानीय चेहरे को मुख्यमंत्री के रूप में पेश नहीं किया है। अभी तो अरविंद केजरीवाल ही पार्टी के चेहरा बने हुए हैं। दिल्ली चुनाव की ही रणनीति अपनाते हुए केजरीवाल ने जिस ...

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परिवार और पार्टी

परिवार और पार्टी

पंजाब में चुनावी बिसात बिछ चुकी है। पंजाब के चुनाव का असर देश की सियासत पर भी पड़ना तय है। लगातार चुनावी हार का सामना करती आ रही कांग्रेस को वापसी की उम्मीद पंजाब से ही है। कैप्टन अमरेंद्र सिंह खुद कह चु्के हैं कि उनका यह अंतिम चुनाव होगा। ...

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अब ‘महाराजा साहिब’ भी मांग रहे बैकवर्ड आरक्षण

Posted On February - 27 - 2016 Comments Off on अब ‘महाराजा साहिब’ भी मांग रहे बैकवर्ड आरक्षण
उपेंद्र पाण्डेय/चंडीगढ़ जाटों की आनुपातिक आबादी के लिहाज से सबसे ऊपर किस राज्य का नाम आता है? न हरियाणा, न यूपी और न राजस्थान, इस सवाल का सही जवाब है, पंजाब। वह पंजाब जहां जाट आरक्षण का मुद्दा कभी राष्ट्रीय राजधानी के लिए चिंता का विषय ही नहीं बना। हरियाणा में जाट आरक्षण की आग से प्यासी दिल्ली का हलक सूख गया, वहीं पंजाब दिल्ली के बाद हरियाणा में हुए आंदोलन की आंच में सबसे ज्यादा प्रभावित 

पड़ोस की आग से झुलसी दिल्ली

Posted On February - 27 - 2016 Comments Off on पड़ोस की आग से झुलसी दिल्ली
अजय पांडेय/ नयी दिल्ली दिल्ली तीन ओर से हरियाणा और एक ओर से उत्तर प्रदेश से घिरी है। सवाल सीमाओं का नहीं है। पीने के पानी, अनाज, सब्जी, दूध यह सब दिल्ली में पड़ोस से आता है। यही वजह है कि अगर पड़ोस में आग लगती है तो उसकी लपटों से दिल्ली भी झुलस जाती है। अगर भरतपुर में गुर्जर आंदोलन हो तो दिल्ली से ट्रेन नहीं चलेगी। हरियाणा में आंदोलन हो तो दिल्ली का पानी, दूध, सब्जियां और यहां तक कि आवाजाही 

अब शेर भी कर रहे गरजना

Posted On February - 27 - 2016 Comments Off on अब शेर भी कर रहे गरजना
ईशमधु तलवार/जयपुर राजस्थान की रियासतों में यूं तो राजपूतों ने ही राज किया, लेकिन केवल भरतपुर और धौलपुर ही ऐसे थे, जहां जाटों का राज रहा। इसीलिए इन दोनों जिलों में जाट आज भी अपने नाम के साथ ‘सिंह’ लगाते हैं। इस बार जब आरक्षण के लिये ‘सिंहों’ गर्जना की तो जैसे जलजला फूटा। राजस्थान में भरपुर और धौलपुर को छोड़कर बाकी पूरे राज्य में जाटों को ओबीसी का आरक्षण मिला हुआ है। पड़ोस के हरियाणा 

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में निर्णायक नहीं जाट

Posted On February - 27 - 2016 Comments Off on पश्चिमी उत्तर प्रदेश में निर्णायक नहीं जाट
हरियाणा के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी जाटों की संख्या काफी है। खासकर मेरठ, सहारनपुर, आगरा व अलीगढ़ मंडलों में। इनमें से मेरठ, बागपत, मुजफ्फर नगर, बिजनौर व मथुरा जिलों में तो इनकी संख्या एक तरह से निर्णायक है। यहां पर कई जगह तो जाटों की बड़ी जमींदारियां रही हैं और रजवाड़े भी। हर जगह जाट कालेज रहे हैं और हर गांव में उनके अपने स्कूल हैं। इसके अलावा उनकी अपनी जातीय पंचायतें बड़ी ताकतवर 

स्वर्ण जयंती पर ‘दंगों’ की कालिख

Posted On February - 27 - 2016 Comments Off on स्वर्ण जयंती पर ‘दंगों’ की कालिख
शंभूनाथ शुक्ल हरियाणा जब अपने गठन के पचास साल पूरे कर रहा है तब वहां ऐसा भयानक आंदोलन उठा कि आने वाले दस वर्षों तक उसकी भरपायी नहीं हो सकती। इस पारस्परिक हिंसा में इतने निर्दोष मारे गये कि आने वाले दिनों में अब शायद समुदायों के बीच समरसता न पनप पाए। निश्चित तौर पर पूरा हरियाणा जाट बनाम गैर जाट में बदल गया है। राजनेता, समाज सुधारक और जातीय आंदोलनों से उभर कर आये लोग इसे देखकर सिहर 

उपचुनावों की आड़ में बनी आमचुनाव की रणनीति

Posted On February - 14 - 2016 Comments Off on उपचुनावों की आड़ में बनी आमचुनाव की रणनीति
बृजेश शुक्ल / लखनऊ उत्तर प्रदेश में तीन क्षेत्रों में हो रहे विधानसभा उपचुनाव सिर्फ जीतने के लिए ही नहीं, बल्कि अपने-अपने संदेश भेजने के लिए भी लड़े गये। विधानसभा के आम चुनाव से एक साल पहले हो रहे इन उपचुनावों के लिए मतदान हो चुका हैं। मतगणना कल यानी 16 फरवरी को होगी। इनके नतीजे न तो सरकार के भविष्य पर असर डालेंगें और न ही विपक्ष पर, लेकिन यह तय हो जाएगा कि कौन कितने पानी में है। इसके 

पायलट अब नयी उड़ान के लिए तैयार

Posted On February - 14 - 2016 Comments Off on पायलट अब नयी उड़ान के लिए तैयार
ईशमधु तलवार/ जयपुर बीच में उड़ी चर्चाओं के अनुसार सियासी मौसम खराब होने के चलते प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट का विमान डगमगाने लगा था, लेकिन ताजा घटनाक्रम के बाद वे अब सुरक्षित ज़ोन में पहुंच गये हैं। आलाकमान से हरी झंडी मिलने के बाद उन्होंने अपने विमान में इतने पदाधिकारी भर लिये हैं कि वे अब जम्बो जेट की तरह राजनीति के मैदान में उतरेंगे। उड़ने के लिए अपनी मनपसंद ‘क्रू’ उन्होंने 

चौरासी परिक्रमा

Posted On February - 14 - 2016 Comments Off on चौरासी परिक्रमा
अरुण नैथानी अासन्न असम विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी सारी शक्ति केंद्रित कर दी है। इसकी वजह साफ है कि इस साल जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, उनमें से असम में ही वह सबसे ज्यादा उम्मीद लगा सकती है। वैसे भी बिहार की करारी हार से लगे झटके से उबरने के लिए चुनाव बेहद महत्वपूर्ण हो गये हैं। ऐसे में मोदी-शाह की जोड़ी और पार्टी की प्रतिष्ठा स्थापित करने के लिए 

अजीत जोगी और कांग्रेस के इर्द-गिर्द

Posted On February - 14 - 2016 Comments Off on अजीत जोगी और कांग्रेस के इर्द-गिर्द
इरा झा / रायपुर अजीत जोगी को कांंग्रेस से रुखसती का इंतजार है। अनुशासन समिति ने उनसे जवाब-तलब किया है और पार्टी में जैसी सुगबुगाहट है, उससे यही झलक रहा है कि आलाकमान उन्हें और मोहलत देने के पक्ष में नहीं है। उन पर छत्तीसगढ़ के अंतागढ़ उपचुनाव में  पार्टी प्रत्याशी को  बरगलाने का गंभीर आरोप है। जोगी छत्तीसगढ़ राज्य की बुनियाद रखे जाने के वक्त कांग्रेस की  तरफ से पहले मुख्यमंत्री 

सरकार आरक्षण दे दे तै कोई रोल्या ए कोनी

Posted On February - 13 - 2016 Comments Off on सरकार आरक्षण दे दे तै कोई रोल्या ए कोनी
पुरुषोत्तम शर्मा सोनीपत। लांबी लड़ाई चाल ली, ईब तै राज का हक यो बणे सै अक ईमानदारी से जाट आरक्षण नैं लागू कर दे। जिस तरइयां तै भरोसा दिया सै, उसी तरइयां जै यो लागू होग्या, तै फिर कोई दिक्कत कौन्या। देखो या बात तै साची सै, लड़ाई राज गेल्लां लड़णी आसानं कौनी। साची बात या भी सै के गांम राम हो सै अर, जब सार कट्ठेे हो जावैं तै राज भी कीमै कोन्नी कर पावै। यू ही हाल हरियाणे में हो रहा सै। लोगां 

तलाक नहीं, रिश्ता पक्का

Posted On February - 13 - 2016 Comments Off on तलाक नहीं, रिश्ता पक्का
पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। इसके लिये सभी दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। शुरुआत की कांग्रेस ने। प्रताप सिंह बाजवा को अध्यक्ष पद से हटाकर अमरेंद्र को फिर कैप्टन बनाया। आप ने भी मैदान में ताल ठोक दी है। माघी मेले में दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रैली कर साफ कर दिया कि दिल्ली के बाद उनकी नजरें पंजाब पर हैं। इन सबके बीच लोकसभा चुनाव 

आप के वादों का ईवन-ऑड

Posted On February - 6 - 2016 Comments Off on आप के वादों का ईवन-ऑड
    दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार को बने 14 फरवरी को एक साल हो जाएगा। विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी ने अपने घोषणा-पत्र में 70 वादे किये थे। जनलोकपाल बिल लाने का। मुफ्त पानी। आधे बिजली िबल और दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने का। इनमें से कुछ वादों पर तो काम हुआ। कुछ पर अभी शुरुआत ही नहीं हुई। अपने वादों पर एक साल में कितनी चली केजरीवाल सरकार बता रहे हैं अजय पांडेय… स्पीड 

गांवों में नया सवेरा

Posted On January - 30 - 2016 Comments Off on गांवों में नया सवेरा
हरियाणा में लंबी जद्दोजहद के बाद गांवों को नये चौधरी मिले। युवा और शिक्षित। नये चेहरे। कोई 21 साल का। कोई 25 का। कोई अभी पढ़ रहा है। कोई बिजनेसमैन है। अब तक पत्नियों व बहुओं को मैदान में उतारने वाले चौधरियों ने इस बार बेटियों को भी चुनाव लड़ाया। वे जीतीं। अब गांव की चौधरी हैं। हरियाणा में पहली बार इतने शिक्षित और युवा सरपंच और पंच गांवों को मिले हैं। दिनेश भारद्वाज  की रिपोर्ट… यंगिस्तान 

घर की चौधर घर में

Posted On January - 23 - 2016 Comments Off on घर की चौधर घर में
शिक्षा की नयी शर्त। आरक्षित नयी सीटें। इन सबके बीच कई चौधरी चुनावी दौड़ से बाहर हो गये। कोई शैक्षिक योग्यता पूरी नहीं होने तो कोई महिला सीट आरक्षित होने के कारण चुनाव नहीं लड़ पाया। लेकिन इनमें से कई अपनी चौधर बचाने में कामयाब रहे। किसी ने भतीजे, किसी ने पुत्रवधू तो किसी ने पत्नी को चुनाव मैदान में उतारा। ग्रामीणों ने भी उनका साथ दिया और सरपंची फिर उनके घर में ही आ गयी। पहले खुद चौधरी 

हम हैं नये तो अंदाज क्यों हो पुराना

Posted On January - 16 - 2016 Comments Off on हम हैं नये तो अंदाज क्यों हो पुराना
‘गांवों की सरकार’ बदली-बदली नज़र आ रही है। पहले चरण के पंचायत चुनाव में ही कई युवा और हाई-क्वालीफाई चेहरे सामने आए हैं। प्रदेश के ‘भविष्य’ की नई तस्वीर साफ दिख रही है। सरपंची के लिए किसी ने कॉलेज की प्रोफैसरी छोड़ दी तो कोई वकालत छोड़ आया। मल्टीनेशनल कंपनी से त्याग-पत्र दे दिया तो किसी ने बैंक की नौकरी छोड़ी। गांवों के विकास का सपना इन आंखों में है। खट्टर सरकार की  ‘मनोहरी जिद’ 

स्याणे लोग भाईचारे खातर बणा रहे सर्वसहमति

Posted On January - 9 - 2016 Comments Off on स्याणे लोग भाईचारे खातर बणा रहे सर्वसहमति
चौपाल चर्चा / सोनीपत इलेक्शन की बात नहीं है, या तो आपसी भाईचारे की बात है। जै सर्वसहमति बण जै, तो इसते बढ़िया कै बात हो। क्यूं यो इलेक्शन इस्सा सै कै इसमें भाईचारा बिगड़ण का खतरा ऐ रह सै। हमनै ते अपणे गाम में कर दिया काम, ईब बाकी भाई देखो कै करेंगे। पर, आच्छा तो यो रहता कि हर गांम में सर्वसहमति बण जाती। पंचायत ने काम तै गाम खातर करणा सै और गाम ने भी याड़े ये रहणा सै, फेर किस बात का झगड़ा 

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