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मूड बदलेगी जाड़ों की धूप

मूड बदलेगी जाड़ों की धूप

क्या आपका मूड उखड़ा-उखड़ा सा रहता है? कहीं ऐसा तो नहीं कि आपके शरीर में विटामिन डी की कमी हो रही हो। विशेषज्ञों का कहना है कि विटामिन डी की कमी से कई विकार हमारे शरीर में पनपने लगते हैं। यूं तो हम सब जानते हैं कि विटामिन डी हमारे ...

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पत्नी चाहे इमोशनल पति

पत्नी चाहे इमोशनल पति

कार्तिक पुरुषों के बीच बातचीत में अक्सर सुना जाता है, ‘मैं परवाह नहीं करता।’ लेकिन एक शोध में यह बात सामने आयी है कि अगर वाकई आप परिवार में भी ऐसा ही रूखा बर्ताव रखते हैं तो आपका वैवाहिक जीवन सुखी नहीं रह सकता। असल में महिलाओं के बारे में ...

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शांत-सुहाने गांव  सा पोंडिचेरी

शांत-सुहाने गांव सा पोंडिचेरी

केवल तिवारी यात्रा वृत्तांत कई देशों का संगम सरीखा। धुला-धुला सा माहौल। कुदरत के अनोखे नजारे। समुद्री लहरों के कोलाहल के बीच शांत, छोटा सा केंद्र शासित प्रदेश। पोंडिचेरी। अब पुडुच्चेरी। जिसे वहां पोंडि के नाम से भी पुकारा जाता है। सचमुच नाम के अनुरूप यहां सब नया-नया सा लगता है। असल ...

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गुलाबी रंगत से फब्बत

गुलाबी रंगत से फब्बत

फीचर टीम गुलाबी रंग लड़कियों का माना जाता है। मगर ट्रेंड आज बदल रहे हैं। घर की सजावट में पिंक आज हर जगह छा रहा है। यह माहौल में ताजगी फैलाता है। बस आपको इस बात का ध्यान रखना है कि इसका इस्तेमाल कहां और कितना करना है?  घर सजाते समय गुलाबी ...

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बड़ा दिन अमेरिका का

बड़ा दिन अमेरिका का

हरीश जोशी सर्द हवाओं के बीच समृद्ध परंपराओं और लोकतंत्र के प्रति अटूट निष्ठा की गरमाहट। चारों ओर जश्न का माहौल। फिज़ा में देशभक्ति और धार्मिक गीतों की स्वर लहरियों, बैंडबाजों के धुनों की अनुगूंज। यह नजारा अमेरिका के शहर वाशिंगटन डीसी में हर चार साल बाद 20 जनवरी को देखने ...

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हर फिक्र को उड़ाता चला गया

हर फिक्र को उड़ाता चला गया

फीचर टीम हम देख सकते हैं कि आज के तनाव भरे माहौल में हममें से बहुत सारे लोग चिंता और परेशानी के ताने-बाने में उलझे रहते हैं। यह जानते-बूझते भी कि चिंता चिता समान। तनावग्रस्त मन धूंं-धूं कर जलता रहता है और नतीजा। न तो समस्या का हल निकलता है और ...

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कहां जाए बंटी?

कहां जाए बंटी?

क्लासिक किरदार आपका बंटी (उपन्यास) मन्नू भंडारी विख्यात लेखिका मन्नू भंडारी का उपन्यास ‘आपका बंटी’ 1979 में पहली बार छप कर आया था। लेकिन इतने समय बाद भी जब इसे पढ़ा जाता है तो सभी किरदार आज के लगते हैं। एकल परिवारों में जब बच्चे आंखें खोलते हैं तो उनके सामने माता-पिता ही ...

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  • बड़ा दिन अमेरिका का
     Posted On January - 15 - 2017
    सर्द हवाओं के बीच समृद्ध परंपराओं और लोकतंत्र के प्रति अटूट निष्ठा की गरमाहट। चारों ओर जश्न का माहौल। फिज़ा....
  • शांत-सुहाने गांव  सा पोंडिचेरी
     Posted On January - 15 - 2017
    कई देशों का संगम सरीखा। धुला-धुला सा माहौल। कुदरत के अनोखे नजारे। समुद्री लहरों के कोलाहल के बीच शांत, छोटा....
  • महालक्ष्मी पर सरस्वती मेहरबान
     Posted On January - 15 - 2017
    ये कथन सत्य ही है कि हर बच्चे की पहली गुरु उसकी मां होती है। हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की मशहूर....
  • त्रिपुरा की फिश डिश थाली
     Posted On January - 15 - 2017
    हमारे देश के खान-पान में इतनी विभिन्नता है कि खान-पान के शौकीन भी चकरा जाएं! एक ही राज्य के इतने....

कहां जाए बंटी?

Posted On January - 15 - 2017 Comments Off on कहां जाए बंटी?
विख्यात लेखिका मन्नू भंडारी का उपन्यास ‘आपका बंटी’ 1979 में पहली बार छप कर आया था। लेकिन इतने समय बाद भी जब इसे पढ़ा जाता है तो सभी किरदार आज के लगते हैं। एकल परिवारों में जब बच्चे आंखें खोलते हैं तो उनके सामने माता-पिता ही एक मात्र चेहरे होते हैं, और जब उनके बीच भी दरार पैदा हो जाए तो वे कहां जाएं। ....

मूड बदलेगी जाड़ों की धूप

Posted On January - 15 - 2017 Comments Off on मूड बदलेगी जाड़ों की धूप
क्या आपका मूड उखड़ा-उखड़ा सा रहता है? कहीं ऐसा तो नहीं कि आपके शरीर में विटामिन डी की कमी हो रही हो। विशेषज्ञों का कहना है कि विटामिन डी की कमी से कई विकार हमारे शरीर में पनपने लगते हैं। ....

पत्नी चाहे इमोशनल पति

Posted On January - 15 - 2017 Comments Off on पत्नी चाहे इमोशनल पति
पुरुषों के बीच बातचीत में अक्सर सुना जाता है, ‘मैं परवाह नहीं करता।’ लेकिन एक शोध में यह बात सामने आयी है कि अगर वाकई आप परिवार में भी ऐसा ही रूखा बर्ताव रखते हैं तो आपका वैवाहिक जीवन सुखी नहीं रह सकता। ....

गुलाबी रंगत से फब्बत

Posted On January - 15 - 2017 Comments Off on गुलाबी रंगत से फब्बत
गुलाबी रंग लड़कियों का माना जाता है। मगर ट्रेंड आज बदल रहे हैं। घर की सजावट में पिंक आज हर जगह छा रहा है। यह माहौल में ताजगी फैलाता है। बस आपको इस बात का ध्यान रखना है कि इसका इस्तेमाल कहां और कितना करना है? ....

हर फिक्र को उड़ाता चला गया

Posted On January - 15 - 2017 Comments Off on हर फिक्र को उड़ाता चला गया
हम देख सकते हैं कि आज के तनाव भरे माहौल में हममें से बहुत सारे लोग चिंता और परेशानी के ताने-बाने में उलझे रहते हैं। यह जानते-बूझते भी कि चिंता चिता समान। तनावग्रस्त मन धूंं-धूं कर जलता रहता है और नतीजा। न तो समस्या का हल निकलता है और सेहत का सत्यानाश तो अवश्यम्भावी है। तो क्यों न बांवरे मन को समझाएं और बजाय चिंता ....

तार-तार झंकार

Posted On January - 8 - 2017 Comments Off on तार-तार झंकार
संगीत की अलौकिक ताकत को पारिभाषित कर पाना हर संगीतकार के बस की बात नहीं, लेकिन हमारे देश में कुछ संगीतकार ऐसे भी हैं जो श्रोताओं को इसका अहसास करा पाने की ताकत रखते हैं। ....

भरा-भरा ड्राइंगरूम

Posted On January - 8 - 2017 Comments Off on भरा-भरा ड्राइंगरूम
आपके घर का ड्राइंगरूम बहुत बड़ा है और इस बड़ी जगह को सजाने में आपके पसीने छूट जाते हैं। पर आप यह सोचकर खुश क्यों नहीं होती कि आज के फ्लैटनुमा माहौल में आप इतने बड़े ड्राइंगरूम की मालकिन हैं। जहां तक इस जगह को सजाने की बात है, हम आपकी मदद करते हैं कुछ टिप्स देकर। ....

गांधी की उंगली पर बंधी चिंदी

Posted On January - 8 - 2017 Comments Off on गांधी की उंगली पर बंधी चिंदी
घड़ी में तीन ही बज पाए थे और गांधी जी से मुलाकात का समय चार बजे था। आश्रम में शायद कोई ऐसा छाया का स्थान न था, जहां हमें बैठा दिया जाता इसलिए धूप में ही घूमना पड़ा। परेशान होकर सेक्रेटरी साहब की तलाश की। ....

ज़रा संभल कर

Posted On January - 8 - 2017 Comments Off on ज़रा संभल कर
किसी दिव्यांग व्यक्ति से बातचीत का सलीका अगर आपको नहीं आता, तब आप कितने भी सभ्य क्यों न हों, नहीं माने जाएंगे। दिव्यांगों से बर्ताव के दौरान आपका सलीका संवेदनपूर्ण मगर गरिमामय होना चाहिए ताकि सामने वाला खुद को कमतर महसूस न करे। ....

टॉम खुराफाती व नटखट बच्चा

Posted On January - 8 - 2017 Comments Off on टॉम खुराफाती व नटखट बच्चा
वह शैतान है। नटखट है। अपना काम निकाल लेता है। डांट खाता है। फिर कुछ न कुछ करके आ जाता है। वह टॉम है। जाने-माने लेखक मार्क ट्वैन ने ऑन्टी पॉली के इस टॉम की परिकल्पना बहुत पहले की थी। इस शैतान बच्चे की कहानियां इतनी मशहूर हुईं कि आज भी कई मौकों पर इनका जिक्र होता है। ....

तीखा ज़ायका आंध्र का

Posted On January - 8 - 2017 Comments Off on तीखा ज़ायका आंध्र का
हाल के दिनों में हैदराबाद जाना हुआ। हैदराबाद इस समय आंध्र प्रदेश आैर तेलंगाना दोनों की राजधानी है। जाहिर सी बात है यह जगह छोटी तो होगी नहीं। वहां की चौड़ी सड़कें आैर बड़े शोरूम देखकर यकीन हो गया कि हैदराबाद दिल्ली या मुंबई से किसी भी लिहाज में कम नहीं है। ....

कहीं अल्ज़ाइमर तो नहीं

Posted On January - 8 - 2017 Comments Off on कहीं अल्ज़ाइमर तो नहीं
क्या आपके घर में किसी बुजुर्ग का व्यवहार अचानक असामान्य सा हो रहा है। क्या उनकी गणना या पहचानने की क्षमता पर असर पड़ता दिख रहा है। यदि ऐसा है तो इसे सामान्य न मानें। ....

बिना तार का चमत्कार

Posted On January - 8 - 2017 Comments Off on बिना तार का चमत्कार
विज्ञान भी है गजब चीज। तिस पर आए दिन नये खोज। कभी कौतूहल बढ़ाते, कभी छा जाते। नयी जानकारी है एक ऐसे चिप की, जिसमें किसी तार की सहायता के बगैर डेटा साफ हो जाएगा। ....

सोने सा शहर

Posted On January - 8 - 2017 Comments Off on सोने सा शहर
संयुक्त अरब अमीरात के सात अमीरात में से एक है दुबई। वैसे, सात शहरों में दुबई का नम्बर आबूधाबी के बाद दूसरे नम्बर पर है। दुबई महज रेत और तेल के लिए ही नहीं जाना जाता, घूमने-फिरने वालों के लिए भी बेशुमार आकर्षण संजोए है। ....

धुएं के बाद धुंध

Posted On January - 8 - 2017 Comments Off on धुएं के बाद धुंध
आजकल पूरा उत्तर भारत कोहरे यानी फॉग से जूझ रहा है। ट्रेन और फ्लाइट से लेकर सड़क मार्ग तक यात्रियों को इसका सामना करना पड़ रहा है। ....

बापू के सत्याग्रही भगवान भरोसे

Posted On January - 5 - 2017 Comments Off on बापू के सत्याग्रही भगवान भरोसे
इतनी दूर जाने का प्रयोजन केवल दर्शन ही नहीं, कुछ बातचीत करना भी था परंतु उस परिस्थिति में सहसा कुछ कहते न बन पड़ा। श्री पी.वाई. देशपांडे ने ही बात शुरू की - ‘महात्मा जी आपकी तबियत तो ठीक है?’ ‘तबियत खराब नहीं है।’ महात्मा जी ने उत्तर दिया, ‘यह इसलिए किया गया है कि तबियत खराब हो न जाए। ....
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