असल जिंदगी का रूप है सिनेमा : अख्तर !    नहीं रहे प्रसिद्ध उर्दू गीतकार लायलपुरी !    पूर्व सीबीआई प्रमुख की रिपोर्ट पर फैसला आज !    अकाली दल के कई नेता कांग्रेस में शामिल !    2 गोल्ड जीतकर लौटी फरीदाबाद की बेटी !    जेसी कालेज की लड़कियों ने मारी बाजी !    भारत का प्रतिनिधित्व करेगा दिवेश !    तेरिया ने जीता 'झलक दिखला जा' का खिताब !    पाक में मामले की सुनवाई 25 को !    विशेष अतिथि होंगे 40 आदिवासी !    

लहरें › ›

फ़ीचर्ड न्यूज़
रोशनी  से नहाया  नगर

रोशनी से नहाया नगर

अमिताभ स. मलेशिया की केपिटल कुआलालम्पुर पर उतरते ही एयरपोर्ट की भव्यता दंग करती है। अपने देश से दस साल बाद अगस्त 1957 को मलेशिया ब्रिटिश राज से आजाद हुआ, लेकिन वहां तरक्की की रफ्तार कहीं अधिक है। समूचे मलेशिया में बिजली और पानी की कोई कमी नहीं है। कुआलालम्पुर की ...

Read More

बुजुर्गों को कभी अकेला न छोड़ें

बुजुर्गों को कभी अकेला न छोड़ें

कार्तिक क्या आपके घर में बुजुर्ग हैं? क्या आप उन्हें अकेले रहने देते हैं? घर के कामों में शामिल नहीं करते? बातचीत में शामिल नहीं करते? यदि इन सब सवालों का जवाब हां है तो ज़रा नये शोध के नतीजे पर ध्यान दीजिये। एक शोध में यह बात सामने आयी है ...

Read More

साख पर आंच

साख पर आंच

अनूप भटनागर भ्रष्टाचार, आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी गंभीर समस्याओं से निबटने के लिये देश में मौजूद काला धन जड़ से खत्म करने के इरादे से पांच सौ और एक हजार रूपए की मुद्रा को अमान्य घोषित करने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा का जनता ने पुरजोर स्वागत किया था। परंतु ...

Read More

उलट सियासी विचार वाले साथी संग दो पल

उलट सियासी विचार वाले साथी संग दो पल

फीचर टीम सियासत को लेकर कहा जाता है कि ये भाई-भाई, बाप-बेटे में रिश्ते खराब करा देती है। इतिहास खंगाले तो बात सौ फीसदी समझ आने लगती है। मुगल शासकों में सियासत या गद्दी को लेकर खून-खराबे हुए। आज के दौर में भी सियासी मतभेद रिश्तों में तनाव पैदा करते हैं। ...

Read More

स्ट्रीट फूड बनारस का

स्ट्रीट फूड बनारस का

स्वाद शैलेष कुमार बनारसी कपड़ों की धूम अब न केवल अपने देश में हो रही है, बल्कि विदेशों में बनारसी कपड़ों से बने ड्रेसेज रैम्प पर दिखने लगे हैं। इस शहर का ठेठ बनारसीपन लोगों को इतना लुभा रहा है कि गंगा मैया की अद्भुत आरती देखने के अलावा भी लोगों की ...

Read More

कोजी कोजी ठंड

कोजी कोजी ठंड

इंटीरियर फीचर टीम ठंड में गर्माहट का अहसास ही आधी ठंड भगा डालता है। इस अहसास को घर की डेकोरेशन में डालकर तो देखें, कोजी माहौल का नज़ारा चहुंओर पाएंगे। ज्यादा कुछ नहीं करना है। कोजी फील वाली चंद चीजों का सहारा लेना है और उन्हें कायदे से यहां-वहां रखना है। ठंड ...

Read More

मैं हूं   मीरा

मैं हूं मीरा

श्वेता रंजन कृष्ण के प्रति मीरा की भक्ति और आसक्ति अटूट थी। मीरा के रोम-रोम में कृष्ण का वास था। महलों में पली-बढ़ी, एक सुहागन मीरा ने आज से 500-600 वर्ष पहले कृष्ण की भक्ति के कारण ही सम्पूर्ण जगत के विरोध का सामना किया था। कृष्ण की भक्ति और अनुरक्ति ...

Read More


  • साख पर आंच
     Posted On January - 22 - 2017
    भ्रष्टाचार, आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी गंभीर समस्याओं से निबटने के लिये देश में मौजूद काला धन जड़ से खत्म करने....
  • रोशनी  से नहाया  नगर
     Posted On January - 22 - 2017
    मलेशिया की केपिटल कुआलालम्पुर पर उतरते ही एयरपोर्ट की भव्यता दंग करती है। अपने देश से दस साल बाद अगस्त....
  • डाकिया थनप्पा खुशी बांचता गम छिपाता
     Posted On January - 22 - 2017
    जाने-माने साहित्यकार आरके नारायण की महान कृति ‘मालगुडी डेज’ के उन एपिसोड को याद कीजिये जो दूरदर्शन पर लंबे समय....
  • कोजी कोजी ठंड
     Posted On January - 22 - 2017
    ठंड में गर्माहट का अहसास ही आधी ठंड भगा डालता है। इस अहसास को घर की डेकोरेशन में डालकर तो....

कैंची बोलती है जावेद की

Posted On October - 9 - 2016 Comments Off on कैंची बोलती है जावेद की
शख्सियत में आज के मेहमान एकदम खास हैं। एक ऐसा नाम जिसने हेयरड्रेसर के काम को अलग पहचान दे डाली। तुच्छ समझे जाने वाले पेशे को किसी व्यक्ति की पहचान बना डाला। जी हां! जावेद हबीब के नाम से आप सब वाकिफ होंगे। ....

मिज़ाज बदलता पारा

Posted On October - 9 - 2016 Comments Off on मिज़ाज बदलता पारा
बढ़ते तापमान का अर्थ केवल पृथ्वी का गर्म होना नहीं है। इसका सीधा प्रभाव सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। पृथ्वी के बढ़ते तापमान के लिए इंसानी गतिविधियों को जिम्मेदार माना जा रहा है। ....

अगली पीढ़ी भी आदिवासी क्यों

Posted On October - 9 - 2016 Comments Off on अगली पीढ़ी भी आदिवासी क्यों
महाश्वेता देवी ने अपने कई उपन्यासों की तरह अपनी अनेक कहानियों में भी सदियों से मुख्यधारा से बाहर धकेली गई आदिवासी अस्मिता के प्रश्न को शिद्दत से उठाया है। महाश्वेता की कई कहानियां आदिवासियों की प्रामाणिक संघर्ष गाथाएं हैं, बल्कि उन्हें महागाथाएं कहना ज्यादा उचित होगा। इन महागाथाओं में आदिवासी समाज की चिंता कदाचित पहली बार बेचैनी के साथ प्रकट हुई। ....

घर दिखे कलरफुल रिश्तेदार कहेंगे वंडरफुल

Posted On October - 9 - 2016 Comments Off on घर दिखे कलरफुल रिश्तेदार कहेंगे वंडरफुल
हमारा मूड रंगों के हिसाब से बदलता है। अनेक शोध भी इसे साबित कर चुके हैं कि रंगों के संपर्क में आते ही हमारे दिमाग में लोचा शुरू हो जाता है। यानी जैसा रंग, वैसा मूड। चमकदार, युवा रंग धूमधड़ाके वाली पार्टियों की शान बनते हैं- जन्मदिन की पार्टी हो या शादी की रिसेप्शन, ब्राइट रंगों का जलवा पार्टी में आए तमाम मेहमानों में उत्साह ....

चख लो उड़िया फूड

Posted On October - 9 - 2016 Comments Off on चख लो उड़िया फूड
मुझे याद है जब मैं पुरी में था आैर शाकाहारी होने के नाते मुझे दोपहर में दाल- चावल आैर चोखा खाना पड़ा था। इससेे पहले ही आप लोग यह सोचें कि चोखा क्या है तो मैं बता दूं कि नमक वाले मैश्ड आलू को बिहार-बंगाल-उड़ीसा में चोखा कहा जाता है। डिनर में रोटियां तो कहीं मिल ही नहीं रही थीं। ....

वर्जिश में छिपी है दारू की दवा

Posted On October - 9 - 2016 Comments Off on वर्जिश में छिपी है दारू की दवा
अगर आप बहुत ज्यादा शराब पीते हैं तो थोड़ी वर्जिश भी शुरू कर दें। हाल ही में एक रिसर्च में यह खुलासा किया गया है कि वर्जिश अधिक शराब के नुकसान कम करने में मददगार साबित होती है। हालांकि रिसर्च में यह बिल्कुल साफ कहा गया है कि इसका मतलब यह कतई नहीं लिया जाना चाहिए कि वर्जिश करने वाले शराब की मात्रा बढ़ाते रहें। ....

फिरंगी फलों से गुलज़ार देसी बाज़ार

Posted On October - 2 - 2016 Comments Off on फिरंगी फलों से गुलज़ार देसी बाज़ार
दिन हैं उल्लासपूर्ण नवरात्रों के। घर-मंदिर-चौपालों और चौराहों पर दुर्गा जी की प्रतिमाएं और पंडाल सजे हैं तो बाजारों में सज गए हैं फलों के स्टाल। शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक शुचिता और शुद्धता के इस पर्व का आधार है व्रत और फलाहार। आॅनलाइन मार्केटिंग और बिग बास्केट, बेस्ट प्राइज, वालमार्ट, बिग बाजार आदि सुपर स्टोर्स ने फलों के बाजार का नजारा बदल डाला है और ....

मैसेज अब गूगल के एलाे पर

Posted On October - 2 - 2016 Comments Off on मैसेज अब गूगल के एलाे पर
याद करें वह दौर जब अधिक मैसेज के मोटे बिल से बचने के लिए मैसेज पैक चला करते थे। कभी 30 रुपये के हजार मैसेज तो कभी 10 के सौ। उससे थोड़ा पहले विशेष चैटिंग रूम। इसी बीच ऑन लाइन चैटिंग, जैसे गूगल पर का भी दौर चला। मैसेज करने की लत और जरूरत को कंपनियों ने लपका और शुरू हुई घनघोर लड़ाई। फेसबुक मैसेंजर ....

भरतनाट्यम की रश्मि

Posted On October - 2 - 2016 Comments Off on भरतनाट्यम की रश्मि
भरतनाट्यम का एक उभरता और चमकता सितारा हैं रश्मि खन्ना। दिल में अगर जज्बा हो तो कोई भी कार्य मुश्किल नहीं, रश्मि की ज़िंदगी यही बयां करती है। जब बच्चे मां-बाप की उंगली पकड़ कर चलना सीखते हैं, जिंदगी में सही-गलत की कोई समझ नहीं होती, उस उम्र में रश्मि ने अपनी जिंदगी की राह खुद चुन ली थी। ....

‘परदे’ में इज्जत तार-तार

Posted On October - 2 - 2016 Comments Off on ‘परदे’ में इज्जत तार-तार
यशपाल की कहानी 'परदा' दरअसल मध्यवर्गीय समाज की विडंबनाओं की कहानी है। जिन लोगों की सारी कोशिश हमेशा अमीर बनने की होती है, जो खुद से रईस लोगों की दिनचर्या का पालन करते हैं, उनके जैसा बनना चाहते हैं और अपनी गुरबत को छिपाते रहते हैं। ....

शॉपिंग संग-संग

Posted On October - 2 - 2016 Comments Off on शॉपिंग संग-संग
आप शॉपिंग करते होंगे। कभी अकेले। कभी बच्चों संग। कभी पति-पत्नी संग। या फिर कभी दोस्तों संग। एक शोध के हवाले से आपको सलाह है कि आप सपरिवार शॉपिंग पर जाइये। इससे पारिवारिक रिश्तों में गहराई आयेगी। हाल में हुए एक अध्ययन के मुताबिक, साथ में शॉपिंग करने से दो या दो से अधिक लोगों के बीच का रिश्ता और मजबूत होता है। ....

नक्सल आंदोलन को मां की नज़र से देखा

Posted On October - 2 - 2016 Comments Off on नक्सल आंदोलन को मां की नज़र से देखा
शोषण और उत्पीड़न के खिलाफ निरंतर संघर्ष करने वाले गरीब और समर्पित स्कूल मास्टर की कथा के जरिए साठ-सत्तर के दशक में अपने नक्सल आंदोलन के वैचारिक सरोकारों और लोगों में आती प्रतिरोध की चेतना को महाश्वेता ने 'मास्टर साब' उपन्यास में दर्शाया। ....

एम्स्टर्डम घूमे क्या

Posted On October - 2 - 2016 Comments Off on एम्स्टर्डम घूमे क्या
यूं तो यूरोप का हर देश हसीन है, लेकिन नीदरलैंड की राजधानी एम्स्टर्डम की बात ही अलग है। नीदरलैंड को पवन चक्की और साइकिलाें का देश कहते हैैं। एम्स्टर्डम नहरों का शहर भी है। शहर में करीब 160 नहरें फैली हैं और 1250 पुलों से आर-पार आते-जाते हैं। इसीलिए यह 'वीनस ऑफ नॉर्थ' भी कहलाता है। ....

खास लोगों के लिए खास घर

Posted On October - 2 - 2016 Comments Off on खास लोगों के लिए खास घर
घर वह होता है, जहां हमें आराम और सुकून की सारी सहूलतें हासिल हों। हमारे ही समाज में कुछ लोग ऐसे हैं जो दिव्यांग होते हैं। उनके लिए घर की योजना करते समय अलग से ध्यान इसलिए देना होगा क्योंकि ये वे इंसान हैं जिनके अंग सामान्य नहीं, या फिर वे एकाध अंग से वंचित होते हैं। आइए जानें उनके लिए बनाए गए घर में ....

कोलकाता की शान चॉप

Posted On October - 2 - 2016 Comments Off on कोलकाता की शान चॉप
मुझे याद है दिल्ली के वे शुरुआती दिन, जब मैं चॉप खाने के लिए किसी भी कोने में निकल पड़ता था। बंगाल तो नहीं, लेकिन बंगाल की सीमा पर लगे मेरे घर में शाम की चाय के साथ चॉप तो जरूरी था, खासकर तब जब कोई मेहमान घर पर हो। बंगाल की सीमा पर रहते हुए मैं आधा बंगाली तो हो ही चुका था। ....

प्यार रखेंगे बरकरार ये 7 नुस्खे

Posted On October - 2 - 2016 Comments Off on प्यार रखेंगे बरकरार ये 7 नुस्खे
परी कथाओं में आपने पढ़ा होगा राजा-रानी की अंतहीन प्रेम कथाओं के बारे में। अगर आप चाहते हैं कि आपका प्यार भी सालों-साल बरकरार रहे, उसके लिए आप दोनों को अपने बीच के रिश्ते को खंगालना होगा। हम आपको बता रहे हैं समाज शास्त्र के कुछ निष्कर्ष जो प्यार के लंबी देर तक टिके रहने की वजहें बताते हैं। ....
Page 10 of 225« First...6789101112131415...Last »

समाचार में हाल लोकप्रिय

Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.