एकदा !    सबरीमाला मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी !    सपा प्रत्याशी ने लिया नाम वापस !    सुप्रीम कोर्ट की शरण में प्रजापति गिरफ्तारी पर रोक की अर्जी !    गुजरात के तो गधों का भी होता है प्रचार !    दलित की बेटी हेलीकॉप्टर में घूमे, मोदी को अच्छा नहीं लगता !    बहुजन से बहनजी तक सिमटी बसपा : मोदी !    दहेज लोभी को नकारा, इंजीनियर से रचायी शादी !    गैंगस्टर के 4 अौर समर्थक गिरफ्तार !    मेट्रो महिला ने किया आत्महत्या का प्रयास !    

लहरें › ›

फ़ीचर्ड न्यूज़
रोचक

रोचक

विटामिन 'ए' जरूर लें कार्तिक यूं तो गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक भोजन दिये जाने की सख्त जरूरत होती है। लेकिन अब डॉक्टरों से सलाह लेकर आपको उन्हें भरपूर विटामिन 'ए' भी देना होगा। ताजा शोध में यह सामने आया है कि गर्भावस्था के दौरान मां द्वारा पर्याप्त विटामिन 'ए' नहीं लेने से ...

Read More

समुद्र चले संग-संग

समुद्र चले संग-संग

यात्रा-वृत्तांत/महाबलीपुरम केवल तिवारी इस सफर पर समुद्र की बात होती है। इस सफर पर समुद्र का ही साथ होता है। कोई इसे मंदिरों का शहर कहता है और कोई रिसाेर्ट्स का। कहे कोई कुछ भी, लेकिन यह जगह है बहुत अनूठी। जब आप यहां के सफर पर होते हैं तो लगता है ...

Read More

नन्हे का कमरा

नन्हे का कमरा

फीचर टीम उम्र में छोटे, कहने को नन्हे-मुन्ने, मगर घर का सबसे अहम सदस्य होते हैं हमारे बच्चे। इसलिए तो कहते हैं कि उनके कमरे को सजाना बच्चों का खेल नहीं। बड़ी-बड़ी जुगत भिड़ानी पड़ती है। कभी उनके आराम का ध्यान, कभी पसंद का, कभी लेटेस्ट ट्रेंड्स पर निगाह तो कभी ...

Read More

लुटाएं तहज़ीब का खज़ाना

लुटाएं तहज़ीब का खज़ाना

फीचर टीम हम कितने तमीज़दार या तहज़ीब के रखवाले हैं, इसका सच्चा खुलासा उस घड़ी होता है, जब हमारे सामने बैठा व्यक्ति कुछ-कुछ अशोभनीय आचरण करता है। हमारे में से बहुत सारे लोग सामने वाले की बदत्तमीजी को नज़रअंदाज़ करने को ही सही मानते हैं। दरअसल कई बार सबकुछ इतना जल्दी ...

Read More

चख ले  झारखंडी चोखा

चख ले झारखंडी चोखा

शैलेष कुमार झारखंड आैर बिहार में कई समानताएं हैं, जाहिर है खान-पान में भी हैं। बावजूद इसके झारखंड के खान-पान में कई ऐसी विशेषताएं हैं, जो इसे बिहार से अलग करती हैं। झारखंड के बारे में लोगों की यह भी सोच है कि यहां कुछ भी जायकेदार नहीं है, जबकि सच्चाई ...

Read More

साइबर अड्डे

साइबर अड्डे

अलका कौशिक छत्तीसगढ़ में महानदी के किनारे खुदाई ने सिरपुर की शक्ल में एक ऐसे शहर को उगला था, जिसमें कुएं की जगत के करीब ही ज़मीन पर स्टापू जैसे किसी खेल की लकीरें आज भी अपनी हस्ती को संभाले हुए हैं। पुरातत्वेत्ताओं का अनुमान है कि गांव-देहात की औरतें जब ...

Read More

सरकारी तंत्र में 'अनफिट' ईमानदार दारोगा

सरकारी तंत्र में 'अनफिट' ईमानदार दारोगा

नमक का दारोगा मुंशी प्रेमचंद मुंशी प्रेमचंद की कहानियां हर देश-काल-परिस्थिति पर फिट बैठती हैं। उनकी लिखी कहानी है 'नमक का दारोगा', जो आज के दौर में भी उतनी ही सटीक बैठती है, जितना अपने रचे जाने के समय में। इस कहानी के मुख्य पात्र हैं मुंशी वंशीधर। कहानी सरकारी तंत्र ...

Read More


  • साइबर अड्डे
     Posted On February - 19 - 2017
    छत्तीसगढ़ में महानदी के किनारे खुदाई ने सिरपुर की शक्ल में एक ऐसे शहर को उगला था, जिसमें कुएं की....
  • सरकारी तंत्र में ‘अनफिट’ ईमानदार दारोगा
     Posted On February - 19 - 2017
    मुंशी प्रेमचंद की कहानियां हर देश-काल-परिस्थिति पर फिट बैठती हैं। उनकी लिखी कहानी है 'नमक का दारोगा', जो आज के....
  • लुटाएं तहज़ीब का खज़ाना
     Posted On February - 19 - 2017
    हम कितने तमीज़दार या तहज़ीब के रखवाले हैं, इसका सच्चा खुलासा उस घड़ी होता है, जब हमारे सामने बैठा व्यक्ति....
  • समुद्र चले संग-संग
     Posted On February - 19 - 2017
    इस सफर पर समुद्र की बात होती है। इस सफर पर समुद्र का ही साथ होता है। कोई इसे मंदिरों....

आश्रम के मैनेजर का उबाऊ रवैया

Posted On January - 1 - 2017 Comments Off on आश्रम के मैनेजर का उबाऊ रवैया
गरीबी हटाने के उपाय पर यशपाल के मित्र बोले-'उपाय तो सीधा है, मशीनों के अधिक उपयोग से पैदावार को खूब बढ़ाया जाए। ....

उस पार क्या? बताएगी चिप

Posted On January - 1 - 2017 Comments Off on उस पार क्या? बताएगी चिप
क्या हमारे जैसे या हमारे से अलग लोग किसी और ग्रह पर भी रहते हैं? जीवन की इस तरह की खोज वैज्ञानिकों के लिए हमेशा से कौतूहल का विषय रहा है। लेकिन अब माना जा रहा है कि इस दिशा में एक नयी सफलता मिली है। ....

बिहार कोकिला कहे तोसे

Posted On January - 1 - 2017 Comments Off on बिहार कोकिला कहे तोसे
भोजपुरी भाषा ने समय के साथ काफी उतार-चढ़ाव देखे हैं। इसकी गुड़ सी मिठास को पसंद करने वाले लोग भी खूब दिखे तो कभी इसमें अश्लीलता और भद्देपन का जहर भी घुला दिखा। कभी मीठा तो कभी खट्टा अहसास देने के चलते भोजपुरी के अस्तित्व को कई खतरों का सामना करना पड़ा। ....

जि़ंदगी रंगने वाला पेंटर

Posted On January - 1 - 2017 Comments Off on जि़ंदगी रंगने वाला पेंटर
अमेरिकी लेखक ओ हेनरी अपनी संवेदनशील कहानियों के लिए जाने जाते हैं। आज से करीब 150 साल पहले उन्होंने ऐसी कालजयी कहानियां लिखीं कि आज भी वह तरोताजा लगती हैं। ....

गुजरात का खाखरा

Posted On January - 1 - 2017 Comments Off on गुजरात का खाखरा
गुजरातियों का गरबा आैर डांडिया जितना प्रसिद्ध है, उतना ही प्रसिद्ध होता जा रहा है खाखरा आैर थेपला। ढोकला, कढ़ी आैर खिचड़ी तो काफी पहले से उत्तर भारतीयों की रसोई में पहुंच चुका है। ....

वेब मकड़जाल में फंसे हम

Posted On January - 1 - 2017 Comments Off on वेब मकड़जाल में फंसे हम
आभासी दुनिया यानी कि फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम या स्नैपचैट की दुनिया। हैरानी की बात है कि आज हमारी हकीकत की दुनिया इस आभासी दुनिया के चलते डगमगाने लगी है। ....

वुडन फ्लोर चमाचम

Posted On January - 1 - 2017 Comments Off on वुडन फ्लोर चमाचम
घर की फ्लोरिंग से लेकर छत तक अगर करीने से तैयार करवायी जाए तो घर कमाल का दिखता है। आज कल बड़े-बड़े घरों में अक्सर वुडन फ्लोरिंग होती है। ....

यह है ऐनिड का संसार

Posted On January - 1 - 2017 Comments Off on यह है ऐनिड का संसार
सीमा आनंद चोपड़ा हम इंगलैंड के बर्किंघमशायर के ‘रेड लायन फैमिली पब’ में थे। दरअसल हम 20वीं शताब्दी की बाल पुस्तकों की प्रख्यात अंग्रेजी लेखिका ऐनिड बलाइटन की रचनास्थली की खोज पर निकले थे। इसी खोज ने हमें दिखाया और पहुंचाया था ‘रेड लायन फैमिली पब’ में। पब 18वीं शताब्दी में कैसा दिखता था, इससे संबंधित एक पेंटिंग देखी। पर पेंटिंग देखने के बाद हमें लगा कि अधिक कुछ नहीं बदला है। 

बदलेंगे घुमक्कड़ी के अंदाज़

Posted On January - 1 - 2017 Comments Off on बदलेंगे घुमक्कड़ी के अंदाज़
लद्दाख तक पहुंचने की सरे-राह पर बर्फ की मोर्चाबंदी भी अब यायावरों के पैरों को थाम नहीं पाती। आसमान को चीरते लोहे के पंछियों पर सवार हो कितने ही कदम इस सर्दीली खोह में उतरने की बेताबी को और हवा देते हैं। ये दीवाने सिर्फ घुमक्कड़ी के लिए वहां पहुंचते हों, ऐसा नहीं है। ....

सुनो, डिजिटल युग की दस्तक

Posted On December - 25 - 2016 Comments Off on सुनो, डिजिटल युग की दस्तक
सुना है कि इंडिया डिजिटल हो रहा है, कैशलेस। साइबर हाईवे पर सवार देश की नरेंद्र मोदी सरकार ने जाते साल की 8 नवंबर को कागजी नोटों की रुखसती और डिजिटल युग की आमद का परवाना लिख डाला। ....

पेटू बैक्टीरिया से ऊर्जा

Posted On December - 25 - 2016 Comments Off on पेटू बैक्टीरिया से ऊर्जा
शौचालयों, रसोईघर के कचरे से निकलने वाले बैक्टीरिया बन सकते हैं ऊर्जा के बड़े स्रोत। इस तरह के बैक्टीरिया के बारे में वैज्ञानिकों का कहना है कि इनका इस्तेमाल कर ऊर्जा पैदा की जा सकती है। ....

नए साल में नया सा घर

Posted On December - 25 - 2016 Comments Off on नए साल में नया सा घर
नए साल की आमद होने वाली है। क्यों न नयी फिजाओं की खुशामदीद नए होम डेकोर से करें। नया माहौल रहन-सहन में बदलाव का सूचक भी है। आज हम आपको बताएंगे इंटीरियर के कुछ रचनात्मक डिजाइन, ताकि घर आकर्षक लगे। ....

पारंपरिक फ्लेवर्स वाला इटालियन फूड

Posted On December - 25 - 2016 Comments Off on पारंपरिक फ्लेवर्स वाला इटालियन फूड
मुझे याद है जब मेरे भाई आैर भाभी घूमने के लिए वेनिस गए थे तब उन्होंने मुझे फोन करके कहा था कि यार, यहां क्या स्वादिष्ट वाइन मिलती है। मैंने तब फटाफट ही कह डाला था कि वाइन के साथ मेरे लिए कुछ आैर भी लेकर आना। उन्होंने आते ही मुझे स्पार्कलिंग व्हाइट वाइन प्रोसेको दी थी, जो स्वाद में कमाल की थी। वेनिस को ....

गाली तो गाली है

Posted On December - 25 - 2016 Comments Off on गाली तो गाली है
'इश्क कमीना' या फिर 'कुत्ते-कमीने मैं तेरा खून पी जाऊंगा' जैसे गालियों या अपशब्दों से भरे बॉलीवुड डायलॉग शौकीन लोग अक्सर बोलते दिख जाएंगे। हमारे बीच में ही बहुत सारे लोग बात-बात पर गाली देने के आदी होते हैं। हम खुद भी तो कभी-कभी, खासकर गुस्सा आने पर गाली बक डालते हैं। ....

स्त्रासबूर्ग जिंगल ऑल द वे

Posted On December - 25 - 2016 Comments Off on स्त्रासबूर्ग जिंगल ऑल द वे
दिसंबर की कड़कड़ाती ठंड में, रात के अंधेरे को चीरते हुए, रेंडियर पर सवार होकर जब सेंटा क्लॉज़ झिलमिल सितारों से भरे आसमान से नीचे उतरते हैं तो चारों ओर जगमग रोशनी फैल जाती है, मौसम खुशनुमा हो जाता है, ठंड का एहसास भी अच्छा लगने लगता है और सबके चेहरों पर-फिर चाहे वे बच्चे हों या बड़े-एक मीठी सी मुस्कान आ जाती है। ....

मिलें बंद करने से बंद न होगा शोषण

Posted On December - 25 - 2016 Comments Off on मिलें बंद करने से बंद न होगा शोषण
गरीबी हटाने के मुद्दे पर चल रही बहस के बीच कामरेड मोटे बोले - 'प्रश्न घरेलू धंधों और मिलों के धंधों का नहीं। प्रश्न तो यह है कि व्यवस्था ऐसी हो कि मजदूर या किसान लोग अपने परिश्रम से जो पैदावार करें, उसे वे अपने व्यवहार में ला सकें। नए रोजगार बढ़ाने की भी आवश्यकता है ताकि बेकार लोग रोजी पा सकें।' ....
Page 5 of 22812345678910...Last »

समाचार में हाल लोकप्रिय

Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.