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फ़ीचर्ड न्यूज़
नयी नियुक्तियों से बढ़ेगी न्याय की गति

नयी नियुक्तियों से बढ़ेगी न्याय की गति

अनूप भटनागर उच्चतम न्यायालय में एक साथ पांच न्यायाधीशों की नियुक्ति के साथ ही ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि उच्चतर न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्तियों को लेकर न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच व्याप्त गतिरोध शायद धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। इस बीच, प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर ने भी कहा ...

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मणिपुर चुनाव में शर्मिला के मायने

मणिपुर चुनाव में शर्मिला के मायने

कहते हैं, अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता! साठ सदस्यीय मणिपुर विधानसभा के लिए इरोम शर्मिला की नई नवेली पार्टी, पीपुल्स रिसर्जेंस एंड जस्टिस अलायंस (प्रजा), सिर्फ तीन प्रत्याशी खड़े कर राज्य की राजनीति में भाड़ फोड़ने के रास्ते पर चल पड़ी है। यह कैसे संभव है? इस सवाल पर विमर्श ...

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राहुल की कांग्रेस

राहुल की कांग्रेस

बिना ताजपोशी ही संभाल रहे मोर्चा ताजपोशी के लिए वर्षों से उठ रही मांग के बावजूद राहुल गांधी को कांग्रेस की कमान औपचारिक रूप से भले ही अभी तक न सौंपी गयी हो, लेकिन पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में प्रचार के अगुआ वही रहे। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब समेत ...

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मुद्दों पर भारी जुमले

मुद्दों पर भारी जुमले

उत्तर प्रदेश का चुनावी परिदृश्य हालांकि अभी उत्तर प्रदेश में चार चरण का मतदान शेष है,लेकिन रविवार को तीसरे चरण के साथ ही आधी से अधिक विधानसभा सीटों पर मतदान हो चुका है। ऐसे में देश के इस सबसे बड़े राज्य के चुनावी परिदृश्य और उससे उभरे मुद्दों पर चर्चा जरूरी ...

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तलाशें किसान की समृद्धि की राह

तलाशें किसान की समृद्धि की राह

एनडीए सरकार पिछले दो वर्षों से किसान की आय को दोगुणा करने के वादे कर रही है। परन्तु किसान की हालत में तनिक भी सुधार नहीं दिखता है। सरकार मूल समस्या को हल करने के स्थान पर आग में लगातार घी डाल कर किसान की परिस्थिति को बदतर बनाती जा ...

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सांस्कृतिक अस्मिता के साथ तरक्की

सांस्कृतिक अस्मिता के साथ तरक्की

हरीश बड़थ्वाल कोई भी व्यक्ति उसी भाषा में अपने उद‍्गारों को व्यक्त करने में सहज और सक्षम रहता है जिसमें उसकी परवरिश हुई, द्विभाषी परिवेश में पले कुछेक की बात अलग है। औपचारिक प्रकरणों में, जहां जज्बात नहीं अल्फाज़ को तवज्जुह दिया जाता है, ओढ़ी हुई भाषा भले ही सही करार ...

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जन संसद

जन संसद

आपकी नजर में बजट नहीं मिली राहत आम बजट में सरकार ने आयकर में छूट की सीमा थोड़ी-सी बढ़ाकर सरकारी कर्मचारियों को ठगा है। इस तरह सरकार ने कर्मचािरयों को मिले 7वें वेतन आयोग के लाभों में संेध लगाई है। बेहतर होता अगर सरकार नये और बड़ी आय वाले वर्गों पर आयकर ...

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  •  Posted On February - 21 - 2017
    छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नसबंदी कांड में आरोपी डॉक्टर का नाम चार्जशीट से हटाने का आदेश छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दिया है।....
  • मणिपुर चुनाव में शर्मिला के मायने
     Posted On February - 21 - 2017
    कहते हैं, अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता! साठ सदस्यीय मणिपुर विधानसभा के लिए इरोम शर्मिला की नई नवेली पार्टी, पीपुल्स....
  • नयी नियुक्तियों से बढ़ेगी न्याय की गति
     Posted On February - 21 - 2017
    च्चतम न्यायालय में एक साथ पांच न्यायाधीशों की नियुक्ति के साथ ही ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि उच्चतर न्यायपालिका....
  •  Posted On February - 21 - 2017
    मतदाता फिर भौचक है। उसे समझ नहीं आ रहा क्या करे, किधर जाए। सब अपने से लगते हैं, सब विश्वसनीय।....

पत्रिकाएं मिलीं

Posted On February - 18 - 2017 Comments Off on पत्रिकाएं मिलीं
नया ज्ञानोदय का फरवरी अंक ‘एकाग्र अनुपम मिश्र’ जलयोद्धा व गांधीवादी चिंतक अनुपम मिश्र के योगदान का स्मरण कराता है। हमारी पर्यावरणीय चिंताओं का भारतीय संदर्भों में समाधान तलाशने की जीवनपर्यंत कोशिश करने वाले मिश्र आज हमारे बीच नहीं हैं। अंक में देश के जाने-माने संपादक, बुद्धिजीवियों व साहित्यकारों ने अनुपम को अपने ढंग से याद किया है। ....

गठबंधन का जुगाड़

Posted On February - 18 - 2017 Comments Off on गठबंधन का जुगाड़
अधेड़ होने का इलज़ाम सहते-सहते अंत में उसे यह डर सताने लगा कि जल्दी ही वह सचमुच बूढ़ा हो जाएगा। समय रहते अपना घर बसाने की सलाह देते-देते उसके कई अधेड़ शुभचिंतक अब तक स्वयं बूढ़े हो चुके थे। पहले वह सोचता था कि जैसे इतने बड़े शहर में अब तक बिना मां-बाप, भाई-बहन और नातेदारों के काम चला लिया बाक़ी ज़िंदगी भी वैसे ही ....

खालीपन भरना मुश्किल

Posted On February - 18 - 2017 Comments Off on खालीपन भरना मुश्किल
अगर लोकप्रियता को एक बड़ा पैमाना माना जाए, तो पॉकेट बुक्स साहित्य के वजूद को नकार पाना नामुमकिन भी है। हिन्दी क्षेत्र में ही जितनी किताबें पूरे सालभर में छपती हैं, उतनी तो इस लुगदी साहित्य की एक डेढ़ महीने में ही छपकर हाथों-हाथ बिक जाती हैं। और सिर्फ बिकती ही नहीं, पढ़ी और सराही भी जाती हैं। अतीत में गुलशन नंदा ने इस तरह ....

दर्द के सुरों को सहेजने की कोशिश

Posted On February - 18 - 2017 Comments Off on दर्द के सुरों को सहेजने की कोशिश
चैती, चौताल, चौपई, जोगीड़ा, टेसू, तराना, फगुआ, रसिया, रांझा और रास सरीखी लोकसिद्ध लोकगायन शैलियों के लुप्त होते दौर में काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी के डॉ. देवेन्द्र कुमार ने हरियाणवी स्त्रियों द्वारा सदियों से गायी जा रही ‘जकड़ी गायन शैली’ की जकड़ियों को ‘जकड़ी’ नामक किताब के माध्यम से प्रस्तुत करने का भगीरथ प्रयास किया है। ....

लघुकथा का हरा-भरा परिदृश्य

Posted On February - 18 - 2017 Comments Off on लघुकथा का हरा-भरा परिदृश्य
पिछले महीने संपन्न हुए विश्व पुस्तक मेले में ‘साहित्य अमृत’ के लघुकथा विशेषांक’ का लोकार्पण गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा और केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के उपाध्यक्ष कमल किशोर गोयनका ने किया था। ‘साहित्य अमृत’ के ‘लघुकथा विशेषांक’ में हिंदी के साथ अन्य भारतीय और विदेशी कथाकारों की कोई दो सौ लघुकथाएं छपी हैं। हिंदी लघुकथा समकालीन परिदृश्य में कविता की उत्तराधिकारी बनकर उभर रही ....

आखिर हिंदी की ताकत का इकरार

Posted On February - 18 - 2017 Comments Off on आखिर हिंदी की ताकत का इकरार
बिहार की राजधानी पटना में आयोजित पुस्तक मेला हाल ही में संपन्न हुआ है। पुस्तक मेलों के लिहाज से देखें तो पटना पुस्तक मेला देश के बड़े पुस्तक मेलों में शुमार होता है। दिल्ली में आयोजित विश्व पुस्तक मेले की ही तरह पटना में भी सांस्कृतिक कार्यक्रम और साहित्यिक मसलों पर मंथन होता रहता है। ....

आपकी राय

Posted On February - 17 - 2017 Comments Off on आपकी राय
लाइलाज बीमारी बेशक बाल मजदूरी को लेकर कानून बनाया गया हो कि 14 साल से छोटी उम्र का कोई भी बच्चा किसी भी तरह का काम नहीं कर सकता। लेकिन देश में आज भी कई बच्चे बाल मजदूरी करते हुए दिखेंगे। गरीबी के कारण आज भी बहुत से बच्चे कहीं कूड़ा उठाने के लिए तो कहीं मजदूरी करने के लिए मजबूर हैं। दो वक्त की रोटी के लिए उन्हें यह सब करना पड़ता है। सरकार को इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान देना चाहिए। दीपक शर्मा, 

एकदा

Posted On February - 17 - 2017 Comments Off on एकदा
डेरा गाजी खान में राय साहब रघुनाथदास हकीम अपने पुत्र श्यामदास के साथ रोगियों की सेवा किया करते थे। भारत विभाजन के बाद वे वृंदावन पहुंचे। ....

हाशिये के लोगों का अनूठा सम्मान

Posted On February - 17 - 2017 Comments Off on हाशिये के लोगों का अनूठा सम्मान
आज ऊंच-नीच, जाति-पाति की खबरों के बीच सुकून देने वाली एक परंपरा का जिक्र किया जाये। राजस्थान में सदियों तक शासन करने वाली राजपूत जाति द्वारा दलित सम्मान के लिए निभाई जाने वाली परम्पराओं में सबसे ज्यादा सम्मान मेहतर जाति को मिलता आया है। ....

सच-झूठ की गुत्थी में उलझा जीवन

Posted On February - 17 - 2017 Comments Off on सच-झूठ की गुत्थी में उलझा जीवन
दुनिया में झूठों का ही बोलबाला रहता है। यह कोई आज से नहीं बल्कि सैकड़ों साल पुराना अनुभव है। आखिर कबीरदास आज से पांच सौ साल पहले यूं ही नहीं कह गए थे। अगर आप सच बोलोगे तो लोग आपको मारने के लिए दौड़ पड़ेंगे पर अगर झूठ बोले तो आपकी जय-जय। ....

और अब कैदी नंबर 9234

Posted On February - 17 - 2017 Comments Off on और अब कैदी नंबर 9234
तमिलनाडु को नया मुख्यमंत्री मिल गया लेकिन नये मुख्यमंत्री का नाम वी.के. शशिकला नहीं है। मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन होने वाले इडापड्डी के. पलानीस्वामी भले ही शशिकला के ही परोक्ष प्रतिनिधि हों, फिर भी भारतीय लोकतंत्र के लिए यह जश्न की बात है। ....

जानलेवा आबोहवा

Posted On February - 17 - 2017 Comments Off on जानलेवा आबोहवा
हमारे आसपास के दूषित परिवेश के प्रति सत्ताधीशों की उदासीनता का नतीजा है कि हमें सचेत करने वाले आंकड़े विदेशों से  आते हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ और तमाम चिकित्सा से जुड़ी एजेंसियां हमें हमारी सेहत का हाल बताती हैं। ....

लहूलुहान इनसानियत

Posted On February - 17 - 2017 Comments Off on लहूलुहान इनसानियत
आत्मा को छूने वाले गीत ‘दमादम मस्त कलंदर’ के सूफी संत झूलेलाल की दरगाह रक्तरंजित हुई है। जहां तमाम देशों से लोग रूहानी सुकून के लिये जमा होते हैं वहां लाशों के ढेर नजर आये। पाकिस्तान के सिंध प्रांत के कस्बे सहवान स्िथत लाल शाहबाज कलंदर की दरगाह पर हुए आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी आईएसआईएस ने ली है। ....

एकदा

Posted On February - 16 - 2017 Comments Off on एकदा
अब्राहम लिंकन को छोटी सी उम्र में ही कभी नाव चलाकर, तो कभी लकड़ी काटकर भोजन जुटाना पड़ता था। उन्हें महापुरुषों के जीवन चरित्र पढ़ने में बड़ा आनंद आता था। किंतु पैसों के अभाव में वे पुस्तक नहीं खरीद पाते थे। वे अमेरिका के प्रथम राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन के जीवन से बहुत प्रभावित थे। उन्हें पता चला कि एक पड़ोसी के पास जॉर्ज वॉशिंगटन की ....

आपकी राय

Posted On February - 16 - 2017 Comments Off on आपकी राय
एक अनुसंधान में यह दावा किया गया है कि जो लोग स्मोकिंग करते रहते हैं, उनका दिमाग जल्दी वृद्ध हो जाता है और स्मोकिंग बुद्धि क्षमता घटा देती है। बीड़ी, सिगरेट आदि का धुआं फेफड़े व वायु की नली में जाकर उसे रोगग्रस्त बना देता है। वैज्ञानिकों के अनुसार एक सिगरेट पीने से व्यक्ति की आयु प्रतिदिन लगभग 5-6 मिनट कम हो जाती है। ....

तिरछी नज़र

Posted On February - 16 - 2017 Comments Off on तिरछी नज़र
उसने मतदान केंद्र के बाहर निकलकर गर्व से देखा। पैर जमीन पर नहीं टिक रहे थे। एक तो वोट दान में देने का दानवीर कर्णनुमा भाव। दूसरा, उसके स्वयं के द्वारा सरकार जैसी चीज चुन लेने का गुमान। अब सरकार चुन लेना कोई कम रिस्की नहीं है! गारंटी-वारंटी कुछ होती नहीं! ....
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