कम्युनिस्टों से खफा-खफा बापू !    कोजी कोजी ठंड !    उलट सियासी विचार वाले साथी संग दो पल !    डाकिया थनप्पा खुशी बांचता गम छिपाता !    मैं हूं मीरा !    स्ट्रीट फूड बनारस का !    भारतीय जवान को पाक ने साढ़े 3 माह बाद छोड़ा !    लिव-इन-रिलेशनशिप में दिक्कत नहीं !    खबर है कि !    हल्दी का सीन करते नम हुई आंखें !    

संपादकीय › ›

फ़ीचर्ड न्यूज़
वक्र रेखाओं का भावपक्ष

वक्र रेखाओं का भावपक्ष

केवल तिवारी कैरिकेचर की परंपरा है अनूठी। रेखाओं के जरिये कह देने की कला। कैरिकेचर का शाब्दिक अर्थ मूल से अधिक आयतन में किसी चीज का चित्रण है। रेखांकन या कैरिकेचर को इसी से हम खास मान सकते हैं कि आज तमाम हस्तियां इसे बनवाना चाहती हैं। कैरिकेचर की इस विधा ...

Read More

भाव के सार्थक सूत्र थमाती कविता

भाव के सार्थक सूत्र थमाती कविता

कृष्णलता यादव समीक्ष्य कृति ‘मुश्किल है मुट्ठी भर सुख पाना’ मनोज तिवारी का 65 कविताओं का पहला काव्य संकलन है। इन कविताओं में कवि ने अलग-अलग छवियों में जीवन-जगत से जुड़े कई गंभीर पक्षों, मनोभावों व जीवन मूल्यों पर अपने एहसास बांटें हैं। ये कविताएं उन सूक्ष्म दुख, तकलीफों व संवेदनाओं ...

Read More

शब्दों की किफायती से बड़ी बात

शब्दों की किफायती से बड़ी बात

पुस्तक समीक्षा सुभाष रस्तोगी वरिष्ठ साहित्यकार मधुदीप की सद्य: प्रकाशित संपादित कृत ‘कमल चोपड़ा की 66 लघुकथाएं और उनकी पड़ताल’ उनकी महत्वाकांक्षी योजना पड़ाव और पड़ताल का 20वां खंड है। समकालीन हिंदी लघुकथा के जाने-माने लघु कथाकार कमल चोपड़ा उन लघु कथाकारों में अग्रगण्य हैं जिन्होंने 1975 में हिन्दी लघुकथा में एक नई ...

Read More

नरम-गरम सोच के बीच

नरम-गरम सोच के बीच

मनमोहन गुप्ता मोनी ‘गांधी और सावरकर’ पुस्तक के लेखक राकेश कुमार आर्य ने भारत की स्वाधीनता के क्रांतिकारी आंदोलन के दो ऐसे बड़े नायकों के बारे में लिखा है, जिनका अपना अपना अलग महत्व रहा है। जहां महात्मा गांधी मूल रूप से अहिंसा को आधार बनाकर सत्य और प्रेम से आजादी ...

Read More

विरासत को लेकर साहित्यिक द्वंद्व

विरासत को लेकर साहित्यिक द्वंद्व

अनंत विजय हिंदी साहित्य में आमतौर पर यह माना जाता है कि दस साल में लेखकों की एक नई पीढ़ी सामने आ जाती है। लेखकों की जो नई पीढ़ी सामने आती है वो अपने से पुरानी पीढ़ी के लेखन का अपनी रचनात्मकता से विस्तार करती है। नई और पुरानी पीढ़ी का ...

Read More

कश्मीरी पंडितों की सुध

कश्मीरी पंडितों की सुध

घर वापसी के अनुकूल माहौल भी बने कश्मीरी पंडितों के घाटी से पलायन के 27 साल बाद उनकी वापसी के लिए जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पारित प्रस्ताव का स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन इसकी सार्थकता तभी साबित होगी, जब उनकी घर वापसी के अनुकूल माहौल भी बनाया जाये। निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद ...

Read More

नये सिरे से परिभाषित करें नेतृत्व

नये सिरे से परिभाषित करें नेतृत्व

हरीश खरे बराक ओबामा अमेरिका के राष्ट्रपति का पद खाली कर चुके हैं। वह पद जो दुनिया में सबसे ताकतवर और सबसे प्रभावशाली माना जाता है। उनके स्थान पर अमेरिकियों ने जिस व्यक्ति को चुना है, उन्होंने कभी किसी निर्वाचित पद को कभी नहीं संभाला और न ही जनसेवा का उनका ...

Read More


  • विरासत को लेकर साहित्यिक द्वंद्व
     Posted On January - 21 - 2017
    हिंदी साहित्य में आमतौर पर यह माना जाता है कि दस साल में लेखकों की एक नई पीढ़ी सामने आ....
  • शब्दों की किफायती से बड़ी बात
     Posted On January - 21 - 2017
    वरिष्ठ साहित्यकार मधुदीप की सद्य: प्रकाशित संपादित कृत ‘कमल चोपड़ा की 66 लघुकथाएं और उनकी पड़ताल’ उनकी महत्वाकांक्षी योजना पड़ाव....
  • भाव के सार्थक सूत्र थमाती कविता
     Posted On January - 21 - 2017
    समीक्ष्य कृति ‘मुश्किल है मुट्ठी भर सुख पाना’ मनोज तिवारी का 65 कविताओं का पहला काव्य संकलन है। इन कविताओं....
  • वक्र रेखाओं का भावपक्ष
     Posted On January - 21 - 2017
    कैरिकेचर की परंपरा है अनूठी। रेखाओं के जरिये कह देने की कला। कैरिकेचर का शाब्दिक अर्थ मूल से अधिक आयतन....

समय से पिछड़ती कविता

Posted On January - 14 - 2017 Comments Off on समय से पिछड़ती कविता
दिल्ली में चल रहे विश्व पुस्तक मेले का आज आखिरी दिन है। मेले में कई किताबों का विमोचन हुआ। सैकड़ों किताबों का मेलार्पण हुआ। कहीं ताजा छपकर आई किताबों का विमोचन हुआ तो कहीं पखवाड़े भर पहले छपी किताबों का मेलार्पण हुआ। ....

तिरछी नज़र

Posted On January - 14 - 2017 Comments Off on तिरछी नज़र
शर्म का मामला तो है! बुक फेयर आ गया, मेरी किताब नहीं आई। जबकि किन-किन की नहीं आ गई! उन-उन तक की आ गई, जिनके पाठकीय संस्कारों के पोतड़े अभी धूप में सूख रहे हैं। ....

एक प्रहसन से बदली चुनावी रणनीति

Posted On January - 13 - 2017 Comments Off on एक प्रहसन से बदली चुनावी रणनीति
उत्तर प्रदेश में समाजवादी प्रहसन कुल मिलाकर अपने उद्देश्य में सफल रहा। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह के यादवी कुनबे के प्रायः सभी पात्रों ने अपनी-अपनी भूमिकाएं बखूबी निभाईं। लगभग एक महीने का वह महत्वपूर्ण समय जब विधानसभा चुनावों की बिसात बिछाई जा रही थी, सभी का ध्यान केवल अखिलेश यादव पर केंद्रित रहा। ....

ज्ञान हासिल कर बांटिये पुस्तक

Posted On January - 13 - 2017 Comments Off on ज्ञान हासिल कर बांटिये पुस्तक
अंग्रेजी के एक बहुत बड़े लेखक थे स्टीवेंसन। वे एक बार बस में सफर कर रहे थे और कोई पुस्तक पढ़ने में तल्लीन थे। जब उनका स्टाप आया तो वे फट से उतर गए मगर अपनी पुस्तक वहीं छोड़ आए। उनके स्थान पर जो यात्री बैठा, उसने एकदम नई पुस्तक देखी और उसे यह पता था कि जो व्यक्ति अभी बस से उतर कर गया ....

आपकी राय

Posted On January - 13 - 2017 Comments Off on आपकी राय
जब से सरकार ने प्राइवेट स्कूलों से बच्चों व फीस का ब्योरा मांगा है तब से ही कुछ प्राइवेट स्कूल वाले पढ़ने वाले बच्चों की फीस को प्राइवेट स्कूल के नाम से बने खाते में न डलवाकर सेल्फ चेक या बिना नाम के चेक को लेने लगे हैं ताकि सरकार प्राइवेट स्कूलों की सही मासिक आय को न जान सके। स्कूल वाले परिजनों के बार-बार ....

एकदा

Posted On January - 13 - 2017 Comments Off on एकदा
अर्जुन को अपनी धनुर्विद्या पर बहुत गरूर था। वह समझते थे कि कौरवों और पांडवों में उनके जैसा योद्धा कोई दूसरा नहीं था। भगवान कृष्ण ने उनका अहंकार दूर करने के लिए एक उपाय किया। ....

अफ़वाह के शिकंजे की जकड़न

Posted On January - 13 - 2017 Comments Off on अफ़वाह के शिकंजे की जकड़न
सोशल मीडिया के दौर में ख़बरों और सूचनाओं की बमबारी ने हमें उस जगह ला खड़ा किया है जहां किसी भी ख़बर की अगर आपने पुष्टि करने की कोशिश नहीं की तो अफ़वाहों के शिकंजे में ख़ुद को आप जकड़ा पा सकते हैं। ....

नेताओं की संपत्ति

Posted On January - 13 - 2017 Comments Off on नेताओं की संपत्ति
हर चुनाव से पहले नामांकन भरने वाले नेता चुनाव आयोग की नसीहतों का भारी मन से पालन करते हुए अपनी चल-अचल संपत्ति का खुलासा करते हैं। ....

सख्ती का संदेश

Posted On January - 13 - 2017 Comments Off on सख्ती का संदेश
निवेशकों के हजारों करोड़ रुपये बकाया मामले में सहारा इंडिया और उसके मुखिया सुब्रत रॉय सहारा के प्रति सर्वोच्च न्यायालय का सख्त रुख उम्मीद जगाता है कि कानून के घर देर है, अंधेर नहीं। ....

एकदा

Posted On January - 12 - 2017 Comments Off on एकदा
दरिद्र नारायण की तृप्ति महान भागवताचार्य संत रामचंद्र डोंगरे जी महाराज एक नगर में भागवत कर रहे थे। कथा के अंतिम दिन भक्तजनों ने भंडारे का आयोजन किया। डोंगरे जी महाराज ने समारोह के आयोजक से कहा-कथा स्थल के सामने झुग्गी झोपड़ियों में जो गरीब रहते हैं, क्या आप लोगों ने भंडारे का प्रसाद उनमें वितरित कराया है? उन्हें बताया गया कि उन्हें भोजन नहीं भेजा गया। संत डोंगरे जी ने कहा-भइया, यहां 

आपकी राय

Posted On January - 12 - 2017 Comments Off on आपकी राय
5 जनवरी के दैनिक ट्रिब्यून में संपादकीय ‘चुनावी बिगुल’ चुनाव सम्बन्धी तमाम जानकारियों को समेटे था। पांच राज्यों में चुनावी रणभेरी बजने के साथ ही राजनीतिक दलों के दिग्गजों के दंगल का काउंटडाउन भी शुरू हो गया है। ....

तिरछी नज़र

Posted On January - 12 - 2017 Comments Off on तिरछी नज़र
खानदानी तूफानी साइकिल को लेकर घर में कोहराम मचा है। कोई सीट खींच रहा है तो कोई बीच। कोई टायर निकाल रहा है तो तो कोई ब्रेक वायर। पर मोही साइकिल से न बाऊजी छूट रहे हैं, न भाऊजी। उसे बाऊजी से अधिक प्यारे भाऊजी हैं तो भाऊजी से अधिक प्यारे बाऊजी। बेजान दिखने वाली चीजों के साथ सबसे बड़ी दिक्कत यही होती है कि ....

खतरनाक है अश्लीलता का खुला खेल

Posted On January - 12 - 2017 Comments Off on खतरनाक है अश्लीलता का खुला खेल
देश की सर्वोच्च अदालत ने एक माह पहले आदेश दिया था कि गूगल, फेसबुक, माइक्रोसॉफ्ट, व्हाट‍्सएप आदि इलेक्ट्रानिक संचार माध्यम सुनिश्चित करें कि महिलाओं के साथ यौनिक अत्याचार के कोई क्लिप उन पर न हो। मगर अभी तक उस दिशा में कोई कदम उठाया नहीं गया है। उधर एक कंपनी के 4जी असीमित इस्तेमाल से पूरी की पूरी पीढ़ी ऐसे साइट्स, चित्र, वीडियो आदि देखने, ....

बनी रहे संसद की महत्ता-मर्यादा

Posted On January - 12 - 2017 Comments Off on बनी रहे संसद की महत्ता-मर्यादा
संसद का मानसून सत्र तो धुल गया था, अब क्या बजट सत्र भी शीत समाधि की स्थिति में पहुंचा दिया जायेगा? जी हां, यह सवाल हवा में तैर रहा है, और उत्तर किसी के पास नहीं है। इस स्थिति का एक बड़ा कारण है वे मुद्दे जो संसद के पिछले सत्र में सुलझ नहीं पाये थे। ....

अस्वीकार्य हरकतें

Posted On January - 12 - 2017 Comments Off on अस्वीकार्य हरकतें
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर प्रचार के दौरान उन्हीं के चुनाव क्षेत्र लंबी में जूता फेंकने की घटना की जितनी भी निंदा की जाये, कम है। जूता फेंकने वाले युवक को गिरफ्तार किया जा चुका है। उसका कहना है कि वह बरगाड़ी में हुई गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी तथा दोषियों को सजा दिलाने में सरकार की नाकामी से आहत है। ....

मौसम की तल्खी

Posted On January - 12 - 2017 Comments Off on मौसम की तल्खी
मौसम के बदलते मिजाज के बीच लोहड़ी ने दस्तक दे दी है। सदियों से हमारे तीज-त्योहार ऋतु चक्र परिवर्तन के पर्याय रहे हैं। त्योहारों की तिथियों की गणना मौसम के बदलाव के तौर पर होती थी या फिर फसल चक्र के पूर्ण होने के रूप में। मान्यता रही है कि कड़ाके की ठंड विदा हो गई। बड़े बूढ़े ठंड के प्रकोप से बच गये हैं। ....
Page 4 of 97812345678910...Last »

समाचार में हाल लोकप्रिय

Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.